भारतीय इतिहास MCQ RAS Prelims (हिंदी) - उत्तर सहित

Raj Study Team··4 min read

RAS Prelims परीक्षा में भारतीय इतिहास (Indian History) से पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर औसतन लगभग 11 प्रश्न आते हैं। यह अभ्यास-संग्रह विस्तृत हिंदी व्याख्या के साथ महत्वपूर्ण प्रश्नों को कवर करता है।

RAS Prelims भारतीय इतिहास प्रश्न-संग्रह (Hindi) - उत्तर सहित

RAS Prelims परीक्षा (150 प्रश्न, 200 अंक) में भारतीय इतिहास (Indian History) से पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर औसतन लगभग 11 प्रश्न आते हैं। RPSC की आधिकारिक अधिसूचना में विषयवार प्रश्न-विभाजन नहीं दिया जाता — यह औसत Raj Study के अपने PYQ विश्लेषण पर आधारित है।


परिचय: भारतीय इतिहास MCQs की महत्ता

RAS (Rajasthan Administrative Services) की प्रारंभिक परीक्षा में भारतीय इतिहास एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। यह विषय न केवल सामान्य ज्ञान बल्कि राजस्थान के इतिहास को समझने का आधार भी प्रदान करता है। RPSC द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत, आधुनिक भारत और स्वतंत्रता संग्राम जैसे महत्वपूर्ण खंड शामिल हैं।

इस MCQ pack के लाभ:

  1. परीक्षा-केंद्रित प्रश्न: ये सभी प्रश्न RAS Prelims के स्तर और पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर तैयार किए गए अभ्यास प्रश्न हैं
  2. विस्तृत व्याख्या: हिंदी में विस्तृत व्याख्या प्रत्येक प्रश्न के साथ
  3. अवधारणात्मक स्पष्टता: केवल सही उत्तर नहीं, बल्कि क्यों गलत हैं यह भी समझाया गया है
  4. समय प्रबंधन: MCQ प्रारूप में अभ्यास से परीक्षा में समय की बचत होती है
  5. राजस्थान से जुड़े प्रश्न: राजस्थान के इतिहास को भारतीय संदर्भ में समझना

10 महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 1: मौर्य साम्राज्य की स्थापना

प्रश्न: मौर्य साम्राज्य की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

A) 322 ईसा पूर्व
B) 332 ईसा पूर्व
C) 312 ईसा पूर्व
D) 342 ईसा पूर्व

सही उत्तर: A) 322 ईसा पूर्व

व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने 322 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी। यह साम्राज्य भारत का प्रथम विशाल केंद्रीकृत साम्राज्य था, जिसमें सुदूर दक्षिण के कुछ भागों को छोड़कर लगभग संपूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप शामिल था। चंद्रगुप्त के सलाहकार चाणक्य (विष्णुगुप्त) थे, जिन्होंने इसकी नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अन्य विकल्प ऐतिहासिक रूप से सटीक नहीं हैं।


प्रश्न 2: अशोक के शिलालेख

प्रश्न: अशोक के शिलालेख किस लिपि में लिखे गए थे?

A) देवनागरी लिपि
B) ब्राह्मी लिपि
C) खरोष्ठी लिपि
D) पाली लिपि

सही उत्तर: B) ब्राह्मी लिपि

व्याख्या: सम्राट अशोक के अधिकांश शिलालेख ब्राह्मी लिपि में खुदे हुए हैं, जबकि उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में खरोष्ठी लिपि का भी प्रयोग किया गया था। ब्राह्मी लिपि प्राचीन भारत की सबसे महत्वपूर्ण लिपि थी। अशोक के शिलालेखों से हमें बौद्ध धर्म के प्रसार, प्राचीन भारतीय इतिहास और उस समय के प्रशासनिक तंत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। ये शिलालेख मुख्यतः शिलाओं (rocks) और स्तंभों (pillars) पर खुदे हुए हैं।


प्रश्न 3: गुप्त साम्राज्य का संस्थापक

प्रश्न: गुप्त वंश का वास्तविक संस्थापक (आदिराज) किसे माना जाता है?

A) श्रीगुप्त
B) चंद्रगुप्त प्रथम
C) समुद्रगुप्त
D) चंद्रगुप्त द्वितीय

सही उत्तर: A) श्रीगुप्त

व्याख्या: प्रभावती गुप्त के पूना ताम्रपत्र अभिलेख में श्रीगुप्त को गुप्त वंश का "आदिराज" (मूल संस्थापक, लगभग 240 ईस्वी) कहा गया है। चंद्रगुप्त प्रथम (लगभग 320-335 ईस्वी) को साम्राज्य का विस्तार करने वाला और "महाराजाधिराज" की उपाधि धारण करने वाला पहला शासक माना जाता है। उनका पुत्र समुद्रगुप्त एक महान विजेता था। गुप्त काल को भारत का स्वर्ण युग माना जाता है क्योंकि इस समय संस्कृति, विज्ञान और साहित्य का अभूतपूर्व विकास हुआ।


प्रश्न 4: हर्षवर्धन का काल

प्रश्न: हर्षवर्धन का शासनकाल कौन सा था?

A) 606-647 ईस्वी
B) 616-657 ईस्वी
C) 596-647 ईस्वी
D) 626-667 ईस्वी

सही उत्तर: A) 606-647 ईस्वी

व्याख्या: हर्षवर्धन (वर्धन वंश) का शासनकाल 606-647 ईस्वी था। वह थानेश्वर के राजा थे और उन्होंने उत्तरी भारत के एक विशाल भाग पर शासन किया। हर्षवर्धन के दरबार में प्रसिद्ध लेखक बाणभट्ट थे, जिन्होंने 'हर्षचरित' की रचना की। चीनी यात्री ह्वेन-त्सांग हर्षवर्धन के समय भारत आया था। उसके शासनकाल के बाद उत्तरी भारत राजनीतिक रूप से विभाजित हो गया।


प्रश्न 5: दिल्ली सल्तनत की स्थापना

प्रश्न: दिल्ली सल्तनत की स्थापना किसने की थी?

A) मुहम्मद गोरी
B) कुतुबुद्दीन ऐबक
C) इल्तुतमिश
D) बलबन

सही उत्तर: B) कुतुबुद्दीन ऐबक

व्याख्या: कुतुबुद्दीन ऐबक (दास वंश) ने 1206 ईस्वी में दिल्ली सल्तनत की स्थापना की थी। वह मुहम्मद गोरी का एक दास और सेनानायक था। मुहम्मद गोरी का भारत में विजय अभियान केवल दिल्ली सल्तनत की नींव रखने में सहायक था, लेकिन वास्तविक संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक था। कुतुबुद्दीन ऐबक के नाम पर ही दिल्ली के कुतुब मीनार का निर्माण शुरू किया गया था। इल्तुतमिश उसका उत्तराधिकारी था।


प्रश्न 6: महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी का युद्ध

प्रश्न: हल्दीघाटी के युद्ध (1576 ईस्वी) में महाराणा प्रताप के विरुद्ध मुगल सेना का नेतृत्व किसने किया?

A) अकबर
B) मानसिंह
C) राजा भगवानदास
D) बैरम खान

सही उत्तर: B) मानसिंह

व्याख्या: हल्दीघाटी का युद्ध (18 जून 1576) राजस्थान के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। महाराणा प्रताप और राजा मानसिंह (अकबर के सेनानायक) के बीच यह युद्ध हुआ था। यद्यपि मानसिंह को तकनीकी जीत मिली, लेकिन महाराणा प्रताप कभी अकबर के अधीन नहीं हुए। यह युद्ध महाराणा प्रताप की स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक है। बाद में महाराणा प्रताप ने गुरिल्ला युद्ध का कौशल अपनाया और अपने राज्य को मजबूत किया।


प्रश्न 7: अकबर का धर्मनीति

प्रश्न: अकबर ने किस वर्ष 'दीन-ए-इलाही' की घोषणा की थी?

A) 1575 ईस्वी
B) 1582 ईस्वी
C) 1585 ईस्वी
D) 1590 ईस्वी

सही उत्तर: B) 1582 ईस्वी

व्याख्या: अकबर ने 1582 ईस्वी में फतेहपुर सीकरी में 'दीन-ए-इलाही' (या 'तौहीद-ए-इलाही') की घोषणा की थी (इससे पहले 1575 में इबादतखाना और 1579 में महज़रनामा जारी हो चुके थे)। यह एक धार्मिक नीति थी जिसमें विभिन्न धर्मों के अच्छे तत्वों को समावेश किया गया था। यह एकेश्वरवाद और सहिष्णुता पर आधारित थी। अकबर का उद्देश्य धार्मिक सद्भावना बढ़ाना और साम्राज्य में शांति स्थापित करना था। हालांकि इस नीति को व्यापक स्वीकृति नहीं मिली, लेकिन यह अकबर की उदार और प्रगतिशील सोच का परिचय देता है।


प्रश्न 8: बक्सर का युद्ध

प्रश्न: बक्सर का युद्ध किस वर्ष हुआ था और इसमें किसकी जीत हुई थी?

A) 1757 ईस्वी, बंगाल के नवाब की जीत
B) 1764 ईस्वी, ब्रिटिश की जीत
C) 1760 ईस्वी, अवध के नवाब की जीत
D) 1765 ईस्वी, फ्रांसीसियों की जीत

सही उत्तर: B) 1764 ईस्वी, ब्रिटिश की जीत

व्याख्या: बक्सर का युद्ध 22 अक्टूबर 1764 को लड़ा गया था। इस युद्ध में अंग्रेज़ों (हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में) ने बंगाल के नवाब मीर कासिम, अवध के नवाब शुजा-उद-दौला और मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना को हराया। इस जीत के परिणामस्वरूप 1765 में इलाहाबाद की संधि हुई, जिसके तहत कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी (राजस्व वसूली का अधिकार) मिली। बक्सर का युद्ध भारत में ब्रिटिश सत्ता की वास्तविक नींव रखने वाला माना जाता है — प्लासी के युद्ध (1757) से भी अधिक महत्वपूर्ण, क्योंकि यहां कंपनी ने एक संयुक्त भारतीय गठबंधन को पराजित किया।


प्रश्न 9: 1857 का विद्रोह

प्रश्न: 1857 का विद्रोह सर्वप्रथम कहाँ से शुरू हुआ था?

A) दिल्ली
B) मेरठ
C) लखनऊ
D) कानपुर

सही उत्तर: B) मेरठ

व्याख्या: 1857 का विद्रोह 10 मई 1857 को मेरठ छावनी से शुरू हुआ, जहां सैनिकों ने चर्बी लगे कारतूसों के विरोध में विद्रोह किया। इसके बाद विद्रोह दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, झांसी और अन्य क्षेत्रों में फैल गया। विद्रोहियों ने दिल्ली पहुंचकर वृद्ध मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फर को अपना नेता घोषित किया।


प्रश्न 10: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना

प्रश्न: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

A) 1875
B) 1885
C) 1905
D) 1915

सही उत्तर: B) 1885

व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में ए.ओ. ह्यूम (एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवा अधिकारी) की पहल पर हुई थी। इसका पहला अधिवेशन बंबई में हुआ, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बैनर्जी ने की। प्रारंभ में कांग्रेस का उद्देश्य भारतीयों की मांगों को संवैधानिक तरीके से ब्रिटिश सरकार के सामने रखना था; आगे चलकर यह स्वतंत्रता आंदोलन का मुख्य संगठन बन गई।


महत्वपूर्ण तिथियों की समयरेखा

मौर्य काल से स्वतंत्रता तक — प्रमुख तिथियां
  1. 322 ईसा पूर्वमौर्य साम्राज्य की स्थापना (चंद्रगुप्त मौर्य)
  2. लगभग 240 ईस्वीश्रीगुप्त द्वारा गुप्त वंश की स्थापना (आदिराज)
  3. 606-647 ईस्वीहर्षवर्धन का शासनकाल
  4. 1206 ईस्वीकुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा दिल्ली सल्तनत की स्थापना
  5. 18 जून 1576हल्दीघाटी का युद्ध
  6. 1582 ईस्वीअकबर द्वारा दीन-ए-इलाही की घोषणा
  7. 22 अक्टूबर 1764बक्सर का युद्ध
  8. 10 मई 18571857 के विद्रोह की शुरुआत (मेरठ)
  9. 1885भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना
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