जोधपुर में इतिहास — RAS Prelims के लिए complete notes (Hindi)
जोधपुर, राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा शहर, एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत का भंडार है। यह जिला मारवाड़ क्षेत्र का प्रमुख केंद्र रहा है और राजस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। RAS परीक्षा की तैयारी के लिए जोधपुर के इतिहास का गहन ज्ञान आवश्यक है।
जोधपुर जिले का इतिहास: RAS प्रीलिम्स के लिए संपूर्ण अध्ययन सामग्री
प्रस्तावना
जोधपुर, राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा शहर, एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत का भंडार है। यह जिला मारवाड़ क्षेत्र का प्रमुख केंद्र रहा है और राजस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। RAS परीक्षा की तैयारी के लिए जोधपुर के इतिहास का गहन ज्ञान आवश्यक है।
1. जोधपुर का स्थापना और प्रारंभिक इतिहास
शहर की स्थापना
जोधपुर शहर की स्थापना 1459 ईस्वी में राव जोधा (राठौड़ क्लान के) द्वारा की गई थी। राव जोधा ने मंडोर से अपनी राजधानी हटाकर जोधपुर में स्थापित की। राजस्थान सरकार की आधिकारिक ऐतिहासिक अभिलेख (rajasthan.gov.in) के अनुसार, जोधपुर शहर का नाम इसके संस्थापक राव जोधा के नाम पर रखा गया।
मारवाड़ क्षेत्र का महत्व
मारवाड़ (जिसमें जोधपुर मुख्य शहर है) मध्यकालीन राजस्थान का एक शक्तिशाली राज्य था। राठौड़ शासकों ने यहाँ 15वीं से 18वीं शताब्दी तक शासन किया। RPSC द्वारा जारी अधिकारिक पाठ्यक्रम (rpsc.rajasthan.gov.in) में जोधपुर के राठौड़ राजवंश को राजस्थान के इतिहास का महत्वपूर्ण अंग माना गया है।
2. जोधपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारक और पुरातात्विक स्थल
मेहरानगढ़ किला
मेहरानगढ़ किला जोधपुर की सबसे प्रसिद्ध संरचना है। इसका निर्माण राव जोधा द्वारा 1459 ईस्वी में शुरू किया गया था। किला 125 मीटर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है और इसकी दीवारें 36 मीटर ऊँची और 21 मीटर मोटी हैं।
किले की विशेषताएँ:
- सात प्रवेश द्वार (गेट्स)
- आठ बुर्ज (बास्टियन्स)
- कई महल और कक्ष
- पारंपरिक राजस्थानी स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण
घनटाघर (Clock Tower)
यह जोधपुर के सराय बाज़ार में स्थित है। इसका निर्माण महाराजा सरदार सिंह द्वारा 1879 ईस्वी में करवाया गया था। यह ब्रिटिश स्थापत्य शैली और राजस्थानी डिजाइन का मिश्रण है।
मोती महल
यह महाराजा अभय सिंह के काल में निर्मित एक शाही महल है। इसमें पारंपरिक राजस्थानी और मुगल स्थापत्य का सुंदर समन्वय देखा जा सकता है।
उम्मेद भवन पैलेस
1929 में महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा निर्मित, यह आधुनिक भारतीय स्थापत्य का एक प्रमुख उदाहरण है। वर्तमान में यह एक विरासत होटल के रूप में संचालित है और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
मंडोर के स्मारक
मंडोर जोधपुर से लगभग 9 किमी दूर स्थित है और यह मारवाड़ की प्राचीन राजधानी थी। यहाँ निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्मारक हैं:
- देवकुंड छतरियाँ: राजस्थानी राजाओं की छतरियाँ (cénotaphs)
- पंचकुंड: प्राचीन मंदिर समूह
- नाकी झील: प्राचीन जल संरचना
3. RAS प्रीलिम्स में जोधपुर का इतिहास: पिछले प्रश्न उदाहरण
उदाहरण 1: किले का निर्माण
प्रश्न: मेहरानगढ़ किले का निर्माण किसने और किस वर्ष में शुरू किया?
- (A) महाराजा मान सिंह, 1480
- (B) राव जोधा, 1459 ✓
- (C) महाराजा उम्मेद सिंह, 1460
- (D) महाराजा अभय सिंह, 1470
उत्तर: (B) - राव जोधा द्वारा 1459 में
उदाहरण 2: मारवाड़ की राजधानी
प्रश्न: मारवाड़ की राजधानी मंडोर से कहाँ स्थानांतरित की गई?
- (A) बीकानेर
- (B) जोधपुर ✓
- (C) पाली
- (D) नागौर
उत्तर: (B) - जोधपुर
उदाहरण 3: समकालीन महाराजा
प्रश्न: जब राव जोधा ने जोधपुर शहर की स्थापना की, उस समय दिल्ली का सुल्तान कौन था?
- (A) मोहम्मद तुगलक
- (B) बहलोल लोदी ✓
- (C) इब्राहिम लोदी
- (D) सिकंदर लोदी
उत्तर: (B) - बहलोल लोदी (1451-1489)
4. जोधपुर के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य और आंकड़े
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| स्थापना वर्ष | 1459 ईस्वी |
| संस्थापक | राव जोधा |
| राजवंश | राठौड़ |
| मंडोर से दूरी | 9 किमी |
| मेहरानगढ़ किला ऊँचाई | 125 मीटर |
| क्षेत्र | 4,499 वर्ग किमी |
| जनसंख्या (2011) | 36.3 लाख |
स्रोत: राजस्थान सरकार की जनगणना डेटा, rajasthan.gov.in
5. महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ और काल
मुगल काल में जोधपुर
जोधपुर के राठौड़ शासकों ने मुगल साम्राज्य के साथ राजनीतिक संबंध बनाए रखे। महाराजा मान सिंह (1583-1614) अकबर के दरबार में महत्वपूर्ण सामंत थे। RPSC द्वारा जारी अधिकारिक मार्गदर्शन दस्तावेज़ के अनुसार, यह काल जोधपुर के विकास का एक महत्वपूर्ण चरण था।
अभय सिंह का शासन (1724-1749)
अभय सिंह एक शक्तिशाली शासक थे जिन्होंने जोधपुर को महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और राजनीतिक केंद्र बनाया। उनके काल में कला, संगीत और साहित्य का विकास हुआ।
ब्रिटिश काल
1818 में जोधपुर ब्रिटिश राज के अधीन आया। ब्रिटिश काल में जोधपुर को राजपूताना एजेंसी का एक प्रमुख रियासत माना जाता था।
6. सांस्कृतिक और वास्तुकला विरासत
वास्तुकला शैली
जोधपुर की वास्तुकला राजस्थानी, मुगल और ब्रिटिश शैलियों का सुंदर मिश्रण है। पुरानी बस्ती में संकरी गलियों और नीले रंग के घर इसकी विशेषता हैं।
सांस्कृतिक महत्व
जोधपुर भारतीय संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहाँ के पारंपरिक हथियार, लकड़ी की नक्काशी और वस्त्र विश्व प्रसिद्ध हैं।
7. RAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- जोधपुर की स्थापना 1459 में राव जोधा द्वारा
- मारवाड़ का इतिहास और राठौड़ राजवंश
- मेहरानगढ़ किला - राजस्थानी किलेबंदी का उत्कृष्ट उदाहरण
- मंडोर - प्राचीन राजधानी
- अभय सिंह और उम्मेद सिंह का महत्व
8. अभ्यास प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन सी छतरियाँ मंडोर में स्थित हैं?
- (A) देवकुंड छतरियाँ ✓
- (B) गैटोर की छतरियाँ
- (C) चित्तौड़ की छतरियाँ
- (D) आमेर की छतरियाँ
प्रश्न 2: उम्मेद भवन पैलेस का निर्माण किस वर्ष पूर्ण हुआ?
- (A) 1920
- (B) 1929 ✓
- (C) 1935
- (D) 1940
प्रश्न 3: घनटाघर (क्लॉक टावर) का निर्माण किसने करवाया?
- (A) महाराजा मान सिंह
- (B) महाराजा सरदार सिंह ✓
- (C) महाराजा अभय सिंह
- (D) महाराजा उम्मेद सिंह
प्रश्न 4: राव जोधा किस राजवंश से संबंधित थे?
- (A) सिसोदिया
- (B) कछवाहा
- (C) राठौड़ ✓
- (D) भाटी
प्रश्न 5: जोधपुर जिले का क्षेत्रफल कितना है?
- (A) 3,496 वर्ग किमी
- (B) 4,499 वर्ग किमी ✓
- (C) 5,200 वर्ग किमी
- (D) 6,100 वर्ग किमी
निष्कर्ष
जोधपुर का इतिहास राजस्थान के राजनीतिक, सांस्कृतिक और वास्तुकला विकास का एक अभिन्न अंग है। RAS परीक्षा की तैयारी में जोधपुर के ऐतिहासिक महत्व, स्मारकों और सांस्कृतिक विरासत का गहन अध्ययन आवश्यक है। rajasthan.gov.in और rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध आधिकारिक सामग्री से अतिरिक्त जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
संदर्भ:
- राजस्थान सरकार - राजस्थान का इतिहास (rajasthan.gov.in
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