कोटा का इतिहास: हाड़ा शासक, माधोसिंह, 1857 | RAS Prelims

Raj Study Team··5 min read

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित RAS प्रारंभिक परीक्षा में राजस्थान के इतिहास का महत्वपूर्ण स्थान है। कोटा जिला राजस्थान के इतिहास का एक अभिन्न अंग है। कोटा का इतिहास हाड़ा चौहान वंश और बूंदी रियासत से जुड़ा हुआ है, और यह जिला अपनी सांस्कृतिक विरासत और वा…

कोटा जिले का इतिहास: RAS प्रारंभिक परीक्षा की दृष्टि से एक व्यापक अध्ययन

प्रस्तावना

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित RAS प्रारंभिक परीक्षा में राजस्थान के इतिहास का महत्वपूर्ण स्थान है। कोटा जिला राजस्थान के इतिहास का एक अभिन्न अंग है। कोटा का इतिहास हाड़ा चौहान वंश और बूंदी रियासत से जुड़ा हुआ है, और यह जिला अपनी सांस्कृतिक विरासत और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।

राजस्थान सरकार के आधिकारिक पोर्टल rajasthan.gov.in के अनुसार, कोटा जिला दक्षिण-पूर्वी राजस्थान (हाड़ौती क्षेत्र) में स्थित है और इसका कुल क्षेत्रफल 5,217 वर्ग किलोमीटर है।

कोटा का आरंभिक इतिहास

प्राचीन काल

कोटा का इतिहास प्राचीन काल से ही समृद्ध रहा है। यह क्षेत्र प्राचीन काल में मालवा क्षेत्र का हिस्सा था और महाजनपदों के समय में विभिन्न शक्तियों के अधीन रहा। कोटा का उल्लेख प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में मिलता है।

मध्यकालीन अवधि

कोटा मूलतः बूंदी के हाड़ा चौहान शासकों के अधीन एक क्षेत्र था। मुगल बादशाह शाहजहाँ ने 1631 ईस्वी में बूंदी के राव रतन सिंह के पुत्र माधोसिंह को कोटा का क्षेत्र प्रदान किया, जिसके बाद कोटा एक स्वतंत्र रियासत के रूप में स्थापित हुआ।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

कोटा का किला

कोटा का किला (Kota Fort) इस जिले का सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्मारक है। यह किला चंबल नदी के किनारे स्थित है और इसका निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ था। किले में राजस्थानी व मुगल स्थापत्य शैली का प्रभाव दिखाई देता है।

राजस्थान सरकार (rajasthan.gov.in) के सांस्कृतिक विभाग के अनुसार, कोटा का किला राजस्थान की महत्वपूर्ण विरासत की सूची में शामिल है।

जगमंदिर महल

जगमंदिर महल कोटा का एक अन्य प्रमुख ऐतिहासिक स्मारक है। इसका निर्माण लगभग 1740 ई. में महाराव दुर्जनसाल की महारानी द्वारा कराया गया था और यह महल किशोर सागर झील के मध्य एक द्वीप पर स्थित है। इस महल की वास्तुकला राजपूती (राजस्थानी) शैली में लाल बलुआ पत्थर से बनी है, जिसमें सुंदर नक्काशी और झरोखे हैं।

बूंदी-कोटा संबंध

कोटा का इतिहास बूंदी से अलग नहीं किया जा सकता। मूलतः कोटा बूंदी रियासत का हिस्सा था। 1631 में माधोसिंह को कोटा की स्वतंत्र रियासत मिलने के बाद यह दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का कारण बना।

शासककालमुख्य कार्य
माधोसिंह1631–1648कोटा की स्वतंत्र रियासत की स्थापना
मुकुंद सिंह1648–1658माधोसिंह के उत्तराधिकारी
दुर्जनसाल1723–1756इनकी महारानी द्वारा जगमंदिर महल का निर्माण (लगभग 1740)
भीम सिंह द्वितीय1940–1948कोटा के अंतिम महाराव; भारतीय संघ में विलय व 'पूर्व राजस्थान संघ' के प्रथम राजप्रमुख

अभ्यास प्रश्न

उदाहरण 1

प्रश्न: कोटा रियासत के स्वतंत्र शासक के रूप में प्रथम राजा कौन थे? विकल्प:

  • (A) मुकुंद सिंह
  • (B) माधोसिंह
  • (C) दुर्जनसाल
  • (D) उम्मेद सिंह

सही उत्तर: (B) माधोसिंह

व्याख्या: माधोसिंह, जो बूंदी के राव रतन सिंह के पुत्र थे, को मुगल बादशाह शाहजहाँ ने 1631 ई. में कोटा का क्षेत्र प्रदान किया। इसी के साथ कोटा एक स्वतंत्र रियासत बनी।

उदाहरण 2

प्रश्न: जगमंदिर महल कहाँ स्थित है? विकल्प:

  • (A) बूंदी में
  • (B) किशोर सागर झील में एक द्वीप पर
  • (C) अलवर में
  • (D) जयपुर में

सही उत्तर: (B) किशोर सागर झील में एक द्वीप पर

व्याख्या: जगमंदिर महल कोटा शहर में किशोर सागर झील के मध्य एक द्वीप पर स्थित है और इसे एक अद्वितीय ऐतिहासिक स्मारक माना जाता है।

महत्वपूर्ण स्मारक और पुरातात्विक स्थल

किशोर सागर झील

किशोर सागर झील का निर्माण 1346 ई. (14वीं शताब्दी) में बूंदी के राजकुमार देहरदेव (धीरदेव) द्वारा कराया गया माना जाता है। यह झील कृत्रिम है और इसके चारों ओर सुंदर बाग-बगीचे हैं। इस झील के मध्य में छतरियां बनी हैं जो मुगल और राजस्थानी वास्तुकला का नमूना हैं।

राव माधोसिंह संग्रहालय

कोटा में राव माधोसिंह संग्रहालय स्थित है जिसमें कोटा रियासत के समय की कलाकृतियों, हथियारों, वस्त्रों और अन्य वस्तुओं का संग्रह है।

चामुंडा माता मंदिर

यह मंदिर कोटा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और हाड़ा शासकों के समय से इसका धार्मिक महत्व रहा है।

कोटा की आबादी और प्रशासनिक विभाजन

जनगणना 2011 के अनुसार, कोटा जिले की जनसंख्या लगभग 19.5 लाख है। जिला प्रशासनिक रूप से 7 तहसीलों में विभाजित है:

  • लाडपुरा तहसील
  • सांगोद तहसील
  • दीगोद तहसील
  • रामगंजमंडी तहसील
  • पीपल्दा तहसील
  • कंवास तहसील
  • चेचट तहसील

ब्रिटिश काल और राष्ट्रीय आंदोलन

19वीं शताब्दी में कोटा रियासत अंग्रेजों के प्रभाव में आ गई। 1857 की क्रांति में कोटा का महत्वपूर्ण योगदान रहा — 15 अक्टूबर 1857 को विद्रोहियों ने अंग्रेज एजेंट मेजर बर्टन व उनके साथियों की हत्या कर दी, और लाला जयदयाल को विद्रोह के दौरान मुख्य प्रशासक घोषित किया गया। लाला जयदयाल व मेहराब खान इस विद्रोह के प्रमुख नेता थे; मार्च 1858 में अंग्रेजों द्वारा कोटा पर पुनः अधिकार करने के बाद दोनों को फाँसी दी गई।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कोटा (हाड़ौती) से जुड़े प्रमुख नाम पं. नयनूराम शर्मा और अभिन्न हरि हैं, जिन्होंने 1934 में हाड़ौती प्रजामंडल की स्थापना की।

राजस्थान एकीकरण में कोटा की भूमिका

राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक 7 चरणों में पूरी हुई। इसके दूसरे चरण में 25 मार्च 1948 को कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, शाहपुरा व प्रतापगढ़ रियासतों को मिलाकर 'पूर्व राजस्थान संघ' बनाया गया, जिसकी राजधानी कोटा थी और कोटा के महाराव भीम सिंह इसके राजप्रमुख (Rajpramukh) बने। आगे के चरणों में भी कोटा के शासक वरिष्ठ उप-राजप्रमुख रहे, और अंततः कोटा राजस्थान का एक महत्वपूर्ण जिला बन गया।

कोटा का इतिहास — 1631 से 1948
  1. 1631माधोसिंह को कोटा की स्वतंत्र रियासत मिली
  2. 1648–1658मुकुंद सिंह का शासन
  3. 1723–1756दुर्जनसाल का शासन, जगमंदिर महल का निर्माण
  4. 1857कोटा विद्रोह — लाला जयदयाल व मेहराब खान
  5. 25 मार्च 1948'पूर्व राजस्थान संघ' की स्थापना, राजधानी कोटा, भीम सिंह राजप्रमुख

कोटा की सांस्कृतिक विरासत

कोटा की पेंटिंग्स

कोटा स्कूल ऑफ पेंटिंग राजस्थानी चित्रकला का एक महत्वपूर्ण स्कूल है। 18वीं शताब्दी में कोटा में एक विशिष्ट चित्रकला शैली विकसित हुई जिसमें मुगल और भारतीय तत्वों का मिश्रण था। इन चित्रों में शिकार, दरबारी दृश्य और प्रकृति के दृश्य दिखाई देते हैं।

स्थापत्य शैली

कोटा की वास्तुकला राजस्थानी और मुगल शैली का मिश्रण है। किलों, महलों और मंदिरों में यह स्पष्ट दिखाई देता है।

अभ्यास के लिए MCQ

प्रश्न 1

कोटा किले का निर्माण किस नदी के किनारे किया गया था?

  • (A) बनास नदी
  • (B) चंबल नदी
  • (C) परवन नदी
  • (D) गंभीर नदी

सही उत्तर: (B) चंबल नदी


प्रश्न 2

कोटा रियासत का स्थापना वर्ष निम्नलिखित में से कौन सा है?

  • (A) 1600 ईस्वी
  • (B) 1612 ईस्वी
  • (C) 1631 ईस्वी
  • (D) 1650 ईस्वी

सही उत्तर: (C) 1631 ईस्वी


प्रश्न 3

किशोर सागर झील का निर्माण किस शताब्दी में किया गया था?

  • (A) 12वीं शताब्दी
  • (B) 13वीं शताब्दी
  • (C) 14वीं शताब्दी
  • (D) 16वीं शताब्दी

सही उत्तर: (C) 14वीं शताब्दी


प्रश्न 4

कोटा किस रियासत से अलग होकर स्वतंत्र बना?

  • (A) मेवाड़
  • (B) बूंदी
  • (C) जयपुर
  • (D) अलवर

सही उत्तर: (B) बूंदी


प्रश्न 5

कोटा का कुल क्षेत्रफल कितना है?

  • (A) 4,217 वर्ग किलोमीटर
  • (B) 5,217 वर्ग किलोमीटर
  • (C) 6,217 वर्ग किलोमीटर
  • (D) 7,217 वर्ग किलोमीटर

सही उत्तर: (B) 5,217 वर्ग किलोमीटर


निष्कर्ष

कोटा जिला राजस्थान के इतिहास का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसका इतिहास 17वीं शताब्दी से लेकर आज तक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं से भरा हुआ है। RAS परीक्षा की तैयारी करते समय कोटा के इतिहास, वास्तुकला, सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक संरचना को अच्छी तरह समझना आवश्यक है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग (rpsc.rajasthan.gov.in) द्वारा प्रकाशित पाठ्यक्रम में राजस्थान के इतिहास का व्यापक कवरेज है, और कोटा इस विषय का एक महत्वपूर्ण अंग है। माधोसिंह की स्थापना से लेकर 1857 के विद्रोह और 1948 के पूर्व राजस्थान संघ तक के सत्यापित तथ्यों को क्रमबद्ध रूप से याद रखना परीक्षा की दृष्टि से लाभदायक है।

🎯

इस विषय पर अभ्यास करें

Reading is not enough — practice questions to remember what you just read.

इस लेख को शेयर करें:WhatsAppTelegram

इसी विषय के और लेख

जयपुर में इतिहास — RAS Prelims के लिए complete notes (Hindi)

जयपुर जिला राजस्थान का सबसे महत्वपूर्ण जिला है, जहाँ आधुनिक शहरी नियोजन और प्राचीन ऐतिहासिक विरासत का अद्भुत संमिश्रण देखने को मिलता है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जयपुर के इतिहास की समझ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह लेख जयपुर के ऐतिहा…

4 min read →

जयपुर में प्रशासन — RAS Prelims के लिए complete notes (Hindi)

जयपुर राजस्थान का सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा शहर है, जिसे "पिंक सिटी" के नाम से जाना जाता है। यह जिला न केवल पर्यटन और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे में भी एक केंद्रीय भूमिका निभाता है। जयपुर जिले का प्रशासन एक जटिल प्रणाली है जो राज्य और केंद्र…

4 min read →

जयपुर की कला-संस्कृति: स्मारक व शिल्पकला | RAS Notes

जयपुर जिला, राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जाना जाता है। यह जिला भारतीय कला, स्थापत्य और सांस्कृतिक परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक है। महाराजा सवाई जय सिंह द्वारा 1727 में स्थापित जयपुर शहर वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर निर्मित है और इसे यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शा…

5 min read →
#-RAS
📋 इस लेख में28 sections