RAS/RTS प्रारम्भिक परीक्षा में 150 प्रश्न होते हैं जो 200 अंकों के होते हैं। इसमें इतिहास खंड सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक विषयों में से एक है। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (PYQ) का विश्लेषण करना सबसे स्मार्ट तैयारी रणनीतियों में से एक है — यह आपको बताता है कि RPSC किस तरह के प्रश्न पूछता है, किन टॉपिक्स को बार-बार छूता है और किन्हें छोड़ा जा सकता है।
इस विश्लेषण में हम 2013 से 2024 तक के RAS प्रीलिम्स पेपरों में इतिहास खंड की गहराई से पड़ताल करेंगे।
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RPSC के सिलेबस के अनुसार, इतिहास खंड को दो भागों में बाँटा जा सकता है:
**भाग 1: भारत का इतिहास** — प्राचीन भारत (Indus Valley, Maurya, Gupta काल), मध्यकालीन भारत (सल्तनत काल, मुगल काल, भक्ति-सूफी आंदोलन), आधुनिक भारत (स्वतंत्रता संग्राम, 1857 का विद्रोह, गाँधी युग), विश्व इतिहास, तथा भारतीय संस्कृति एवं विरासत।
**भाग 2: राजस्थान का इतिहास, कला एवं संस्कृति** — प्राचीन राजस्थान (पुरातात्विक स्थल, प्रमुख राजवंश), मध्यकालीन राजस्थान (राजपूत वंश, मुगल-राजपूत संबंध), आधुनिक राजस्थान (प्रजामंडल आंदोलन, राजस्थान एकीकरण), कला एवं संस्कृति (वास्तुकला, चित्रकला, लोक संगीत-नृत्य), धार्मिक जीवन, सामाजिक जीवन, भाषा-साहित्य।
इतिहास से संबंधित प्रश्न प्रत्येक पेपर में **23–28 प्रश्न** (कुल का लगभग 15–18%) होते हैं।
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2013, 2016, 2018, 2021 और 2023 के RAS प्रीलिम्स पेपरों के विश्लेषण पर आधारित:
**राजस्थान इतिहास एवं संस्कृति (15–22 प्रश्न प्रति वर्ष):**
| टॉपिक | औसत प्रश्न (प्रति पेपर) | महत्व स्तर |
|---|---|---|
| मध्यकालीन राजस्थान (राजपूत वंश) | 4–6 | ★★★★★ अत्यधिक महत्वपूर्ण |
| कला एवं वास्तुकला | 3–4 | ★★★★★ अत्यधिक महत्वपूर्ण |
| धार्मिक जीवन (संत, पंथ, लोक देवता) | 3–4 | ★★★★☆ महत्वपूर्ण |
| आधुनिक राजस्थान | 2–3 | ★★★★☆ महत्वपूर्ण |
| प्राचीन राजस्थान | 2–3 | ★★★☆☆ मध्यम |
| लोक संगीत एवं नृत्य | 2–3 | ★★★★☆ महत्वपूर्ण |
| भाषा एवं साहित्य | 1–2 | ★★★☆☆ मध्यम |
**भारतीय इतिहास (8–12 प्रश्न प्रति वर्ष):**
| टॉपिक | औसत प्रश्न (प्रति पेपर) | महत्व स्तर |
|---|---|---|
| आधुनिक भारत (स्वतंत्रता संग्राम) | 3–4 | ★★★★★ अत्यधिक महत्वपूर्ण |
| मध्यकालीन भारत (मुगल/सल्तनत) | 2–3 | ★★★★☆ महत्वपूर्ण |
| भारतीय संस्कृति एवं विरासत | 2–3 | ★★★★☆ महत्वपूर्ण |
| प्राचीन भारत | 1–2 | ★★★☆☆ मध्यम |
| विश्व इतिहास | 1–2 | ★★★☆☆ मध्यम |
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#### 1. मध्यकालीन राजस्थान — सबसे हाई-वेटेज टॉपिक
यह लगातार RAS प्रीलिम्स में सबसे अधिक प्रश्न देने वाला क्षेत्र रहा है।
**राजपूत वंश:** गुहिल (मेवाड़), चाहमान (अजमेर/शाकम्भरी), परमार, राठौड़ (मारवाड़), कछवाहा (जयपुर), प्रतिहार वंश — संस्थापक, राजधानी, प्रमुख शासक और उपलब्धियाँ।
**प्रमुख युद्ध:** हल्दीघाटी का युद्ध (1576), खानवा का युद्ध (1527), चित्तौड़गढ़ की घेराबंदियाँ।
**मुगल-राजपूत संबंध:** अकबर की राजपूत नीति, महाराणा प्रताप का संघर्ष, मान सिंह की भूमिका, अमर सिंह प्रथम की जहाँगीर से संधि।
**किले एवं महल:** चित्तौड़गढ़, रणथंभौर, कुम्भलगढ़, आमेर, मेहरानगढ़ — निर्माण काल, निर्माता और ऐतिहासिक महत्व।
**PYQ उदाहरण (2021 RAS Prelims):** हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की तरफ से लड़ने वाले मुस्लिम सेनापति का नाम था — **हकीम खाँ सूरी**
**PYQ उदाहरण (2018 RAS Prelims):** कुम्भलगढ़ दुर्ग का निर्माण किसने करवाया था — **महाराणा कुम्भा** (1443–1458 ई.)
**PYQ उदाहरण (2016 RAS Prelims):** किस राजपूत राजा को "हिन्दूपत" कहा जाता था — **राणा साँगा (महाराणा संग्राम सिंह)**
**तैयारी टिप:** प्रत्येक राजपूत वंश के लिए फ्लैशकार्ड बनाएं — संस्थापक, राजधानी, प्रमुख शासक, योगदान, मुगलों से संबंध। यह दृष्टिकोण इस टॉपिक के 80% प्रश्नों को कवर करता है।
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#### 2. राजस्थान की कला एवं वास्तुकला
**चित्रकला के स्कूल:** मेवाड़, मारवाड़, बूँदी-कोटा, किशनगढ़, जयपुर, अलवर शैलियाँ — विशेषताएँ, संरक्षक और अंतर।
**मंदिर स्थापत्य:** दिलवाड़ा (माउंट आबू), रणकपुर जैन मंदिर, एकलिंगजी, करणी माता मंदिर।
**हस्तशिल्प:** ब्लू पॉटरी (जयपुर), बंधेज (tie-dye), लहरिया, थेवा कला (प्रतापगढ़), कोटा डोरिया, मीनाकारी आभूषण, कठपुतली कला।
**PYQ उदाहरण (2023 RAS Prelims):** किशनगढ़ चित्रकला शैली की "बणी-ठणी" — यह चित्र **निहालचंद** ने बनाया था, राजा सावंत सिंह के संरक्षण में।
**तैयारी टिप:** सभी चित्रकला शैलियों की तुलनात्मक तालिका बनाएं — क्षेत्र, काल, विशेषताएँ, प्रमुख चित्र, संरक्षक। यह एक तालिका 70% प्रश्नों का जवाब देती है।
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#### 3. राजस्थान का धार्मिक जीवन (संत एवं पंथ)
RPSC इस क्षेत्र से लगातार 3–4 प्रश्न पूछता है।
**भक्ति संत:** मीराबाई (मेवाड़), कबीरदास, दादूदयाल (दादूपंथ के संस्थापक), रामानंद, सुन्दरदास, रविदास।
**प्रमुख पंथ:** जसनाथी पंथ, विश्नोई संप्रदाय (गुरु जाम्भेश्वर — 29 नियम), नाथ पंथ, रामस्नेही संप्रदाय (रामद्वारा, शाहपुरा)।
**लोक देवता:** रामदेवजी (रामदेवरा, जैसलमेर), गोगाजी (गोगा मेड़ी, हनुमानगढ़), पाबूजी (कोलू गाँव, फलोदी), तेजाजी (खरनाल, नागौर), देवनारायणजी — इनकी जाति, क्षेत्र, संबंधित मेला और पूजा करने वाली जाति।
**PYQ उदाहरण (2021 RAS Prelims):** "पाबूजी की फड़" को गाने और प्रदर्शित करने वाली जाति है — **नायक/भोपा जाति**
**PYQ उदाहरण (2018 RAS Prelims):** विश्नोई संप्रदाय के संस्थापक गुरु जाम्भेश्वर ने अपने अनुयायियों को — **29 नियम (नियम)** दिए।
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#### 4. आधुनिक भारत — स्वतंत्रता संग्राम
**राष्ट्रीय स्तर:** 1857 का विद्रोह (राजस्थान में प्रभाव), असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन, सुभाष चंद्र बोस और INA।
**राजस्थान-विशिष्ट:** बिजौलिया किसान आंदोलन (विजय सिंह पथिक के नेतृत्व में), शेखावाटी आंदोलन, मेवाड़ प्रजामंडल, मारवाड़ प्रजामंडल, जयपुर प्रजामंडल।
**राजस्थान एकीकरण:** 1948–1956 के बीच 7 चरणों में एकीकरण, सरदार पटेल की भूमिका।
**PYQ उदाहरण (2016 RAS Prelims):** बिजौलिया किसान आंदोलन — प्रारंभिक आंदोलन **1897** में, प्रमुख चरण **1913** से।
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PYQ विश्लेषण के अनुसार:
~60% प्रश्न मध्यम कठिनाई: के होते हैं — सीधे तथ्यात्मक, 2–3 उचित विकल्पों के साथ
~25% प्रश्न सरल: होते हैं — नाम, तिथि, स्थान
~15% प्रश्न कठिन: होते हैं — विश्लेषणात्मक या कम-प्रसिद्ध टॉपिक
कठिन 15% में अक्सर स्थानीय लोक परंपराएं, छोटी रियासतों के कम-प्रसिद्ध राजपूत शासक और कला-स्थापत्य की बारीकियाँ आती हैं।
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**गलती 1:** भारतीय इतिहास की तुलना में राजस्थान-विशिष्ट इतिहास को नजरअंदाज करना। RPSC राजस्थान इतिहास से लगभग दोगुने प्रश्न पूछता है। अधिकांश अभ्यर्थी NCERT से भारतीय इतिहास की अतिरिक्त तैयारी करते हैं और राजस्थान-विशिष्ट भाग को नजरअंदाज करते हैं।
**गलती 2:** कला एवं वास्तुकला को गौण विषय मानना। इस क्षेत्र से लगातार 3–4 प्रश्न आते हैं — इसे छोड़ना महँगा पड़ता है।
**गलती 3:** संदर्भ के बिना नाम याद करना। RPSC संबंध-आधारित प्रश्न पसंद करता है — "किसने क्या बनाया और कब?" — इसलिए रटने से काम नहीं चलता।
**गलती 4:** लोक देवताओं और लोक परंपराओं को छोड़ना। ये 2–3 प्रश्न देते हैं और आसान marks हैं यदि एक व्यवस्थित नोट बना लिया जाए।
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**प्राथमिकता 1 (उच्च ROI — यहाँ से शुरू करें):**
मध्यकालीन राजस्थान (राजपूत वंश, प्रमुख युद्ध, मुगल-राजपूत संबंध) और कला एवं वास्तुकला (चित्रकला शैलियों की तुलना तालिका, किले, मंदिर, हस्तशिल्प)।
**प्राथमिकता 2 (महत्वपूर्ण — प्राथमिकता 1 के बाद):**
धार्मिक जीवन (भक्ति संत, पंथ, लोक देवता — क्षेत्र और जाति सहित) और आधुनिक भारत (स्वतंत्रता संग्राम के मुख्य बिंदु + राजस्थान प्रजामंडल आंदोलन)।
**प्राथमिकता 3 (पढ़ें, परंतु अत्यधिक समय न दें):**
प्राचीन राजस्थान (कालीबंगन, आहड़, बागोर स्थल), मध्यकालीन भारत (मुगल प्रशासन, भक्ति-सूफी आंदोलन), भारतीय संस्कृति (UNESCO विरासत स्थल)।
**कम प्राथमिकता:**
विस्तृत वंशावली, छोटे युद्धों की विशिष्ट तिथियाँ, और विश्व इतिहास की बारीकियाँ (केवल प्रमुख घटनाएँ काफी हैं)।
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RAS प्रीलिम्स में इतिहास खंड में अच्छा स्कोर पाने के लिए PYQ का विश्लेषण अपरिहार्य है। मध्यकालीन राजस्थान, कला-संस्कृति और धार्मिक जीवन — ये तीन क्षेत्र मिलकर इस खंड के 60–70% प्रश्न देते हैं। 23–28 प्रश्नों के इस खंड में PYQ-आधारित तैयारी से 16–22 सही उत्तर विश्वसनीय रूप से प्राप्त किए जा सकते हैं।
RajStudy पर उपलब्ध विषयवार प्रश्नबैंक और मॉक टेस्ट का उपयोग करें — इतिहास, कला-संस्कृति और धार्मिक जीवन को अलग-अलग प्रैक्टिस करें और अपने कमजोर क्षेत्रों को पहचानें।