अजमेर जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी
RAS मुख्य परीक्षा 2021 में प्रश्न पूछा गया था: "अजमेर का ख्याति-प्राप्त संत कौन था जिसका मकबरा मुगल सम्राट अकबर ने बनवाया था?" (उत्तर: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती)। यह अजमेर के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करता है।
अजमेर जिला: RAS प्रारंभिक परीक्षा के लिए संपूर्ण GK प्रोफाइल
परिचय एवं PYQ संदर्भ
RAS मुख्य परीक्षा 2021 में प्रश्न पूछा गया था: "अजमेर का ख्याति-प्राप्त संत कौन था जिसका मकबरा मुगल सम्राट अकबर ने बनवाया था?" (उत्तर: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती)। यह अजमेर के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करता है।
इतिहास (History)
अजमेर का इतिहास राजपूत वीरता और सूफी संस्कृति का मिश्रण है। चौहान वंश का इस क्षेत्र पर 12वीं शताब्दी में आधिपत्य रहा। महाराजा अजयपाल (या अजयराज) को अजमेर की स्थापना 1113 ईस्वी में श्रेय दिया जाता है। किंवदंती के अनुसार, अजयपाल ने सपने में एक नीले सिंह का दर्शन किया और इसी स्थान को शहर के रूप में विकसित किया।
मुहम्मद गौरी के आक्रमण (1192 ईस्वी) से अजमेर की राजनीतिक शक्ति कमजोर हुई। पृथ्वीराज चौहान की हार के पश्चात यह क्षेत्र दिल्ली सल्तनत का हिस्सा बन गया। 13वीं शताब्दी में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेर आए, जिन्होंने सूफीवाद का प्रचार किया। उनका मकबरा आज विश्व के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है।
मुगल काल में अकबर और उसके उत्तराधिकारियों ने अजमेर को प्रशासनिक महत्व दिया। अकबर की अजमेर यात्रा (1562) और ख्वाजा की दरगाह पर आस्था ने क्षेत्र को और समृद्ध किया।
राजपूत संघर्ष जारी रहा, और 17वीं-18वीं शताब्दी में मराठों ने अजमेर पर नियंत्रण के लिए प्रयास किए। अंतिम रूप से 1818 में अंग्रेजों ने अजमेर को अपने अधीन किया, और यह ब्रिटिश राज का सीधा प्रशासनित क्षेत्र बना। स्वतंत्रता संग्राम में अजमेर के नेताओं (विशेषकर प्रताप सिंह बारहठ) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भूगोल: नदियाँ, दुर्ग एवं दर्रे
नदियाँ:
अजमेर की जलवायु अर्ध-शुष्क है। लूनी नदी जिले की प्रमुख जलधारा है, जो पश्चिमोत्तर से प्रवेश कर दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है। बनास नदी का उत्तरी भाग जिले की सीमा स्पर्श करता है। सोजड़ी नदी एक अन्य महत्वपूर्ण सहायक प्रवाह है। ये नदियाँ कृषि के लिए अत्यावश्यक जल आपूर्ति प्रदान करती हैं।
दुर्ग एवं ऐतिहासिक स्थल:
तारागढ़ किला अजमेर के हृदय में स्थित है, जिसे 1113 में अजयराज चौहान ने बनवाया था। यह किला अजमेर की सुरक्षा का प्रतीक है और वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है।
नारायणगढ़ किला उत्तर-पश्चिम में स्थित है, जिसका निर्माण 16वीं शताब्दी में हुआ।
अजमेर शहर का दुर्ग परिसर पूरे क्षेत्र को घेरता है, जो राजपूत रक्षा वास्तुकला का प्रमाण है।
दर्रे (Mountain Passes):
अजमेर अरावली पर्वत श्रृंखला के निकट स्थित है। खिमसर दर्रा और अन्य पहाड़ी पारगमन मार्ग ऐतिहासिक व्यापारिक सड़कें थीं। ये दर्रे राजस्थान के आंतरिक व्यापार नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण थे।
अर्थव्यवस्था (Economy)
कृषि:
अजमेर की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर निर्भर है। बाजरा, मक्का, गेहूँ और जौ प्रमुख खरीफ और रबी फसलें हैं। दलहन और तिलहन भी महत्वपूर्ण उपज हैं। जिले में दाने वाली मिर्च की खेती विशेषज्ञता के साथ की जाती है।
पशुपालन:
अजमेर का पशुधन आय का दूसरा प्रमुख स्रोत है। भेड़-बकरी पालन और ऊँट पालन पारंपरिक व्यवसाय हैं। दुग्ध व्यवसाय में राजस्थान पशु अभिकरण (RCDF) की महत्वपूर्ण भूमिका है।
खनिज संसाधन:
अजमेर में फेल्सपार, चीनी मिट्टी, अभ्रक और संगमरमर के भंडार पाए जाते हैं। मार्बल खनन उद्योग स्थानीय रोजगार प्रदान करता है।
पर्यटन:
अजमेर राज्य का द्वितीय सर्वोच्च तीर्थ स्थान है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। होटल, परिवहन और खाद्य व्यवसाय से होने वाली आय गणनीय है।
औद्योगीकरण:
अजमेर में वस्त्र उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे स्तर के विनिर्माण इकाइयाँ हैं। सरकारी औद्योगिक क्षेत्र क्रमश: विकसित हो रहे हैं।
प्रसिद्ध स्थान: त्योहार, मंदिर एवं लोक संस्कृति
प्रमुख मंदिर एवं धार्मिक स्थल:
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह विश्व में सबसे पवित्र इस्लामिक तीर्थ स्थलों में एक है। इसका निर्माण 1236 में हुआ और अकबर ने इसे सोना मढ़वाया।
अढ़ाई दिन का झोंपड़ा (ढाई दिन का झोंपड़ा) एक मस्जिद है, जिसका निर्माण 1153 में हुआ था। इसकी मेहराबें भारतीय और अरबी वास्तुकला का संमिश्रण दर्शाती हैं।
पृथ्वीराज पैलेस एवं अजमेर म्यूजियम ऐतिहासिक कलाकृतियों को संरक्षित करता है।
सोमनाथ मंदिर और ब्रह्मा मंदिर (पुष्कर में) आसपास के प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ हैं।
त्योहार:
उर्स उत्सव (ख्वाजा की पुण्यतिथि, अक्टूबर-नवंबर) विश्व प्रसिद्ध है। लाखों तीर्थयात्री एकत्रित होते हैं।
नवरात्रि और दिवाली पर बड़े पैमाने पर सामूहिक आयोजन होते हैं।
लोक संस्कृति:
अजमेर की घूमर, गीदड़ा और ढोलक लोक नृत्य प्रसिद्ध हैं। कठपुतली कला (पुतलीबाज़) आज भी परिवारों द्वारा सँजोई जाती है।
ब्लू पॉटरी अजमेर की हस्तशिल्प विरासत है, जिसे UNESCO ने मान्यता दी है।
प्रशासनिक विभाजन (Administrative Structure)
अजमेर जिले का मुख्यालय अजमेर शहर है। यह जिला राज्य स्तर पर लोकसभा क्षेत्र (Lok Sabha seat) प्रदान करता है।
तहसीलें (Tehsils):
- अजमेर तहसील – जिले का मुख्य प्रशासनिक केंद्र
- ब्यावर तहसील – औद्योगिक रूप से विकसित क्षेत्र
- किशनगढ़ तहसील – संगमरमर व्यापार के लिए प्रसिद्ध
- मसूदा तहसील – कृषि केंद्रित क्षेत्र
- देवली तहसील – सीमावर्ती क्षेत्र
पंचायती राज संस्थाएँ:
अजमेर में ज़िला पंचायत, ब्लॉक समितियाँ और ग्राम पंचायतें स्थानीय शासन का आधार हैं। (संदर्भ: http://ajmer.rajasthan.gov.in)
RAS-शैली MCQ (5 प्रश्न)
प्रश्न 1: अजमेर की स्थापना किस चौहान शासक ने की थी?
- (A) विग्रहराज चौहान
- (B) अजयराज चौहान
- (C) पृथ्वीराज चौहान
- (D) सोमेश्वर चौहान
उत्तर: (B) अजयराज चौहान व्याख्या: अजयराज चौहान (या अजयपाल) ने 1113 ईस्वी में अजमेर की स्थापना की। शहर का नाम उसी के नाम पर रखा गया।
प्रश्न 2: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह का निर्माण कब हुआ?
- (A) 1192 में
- (B) 1236 में
- (C) 1288 में
- (D) 1320 में
उत्तर: (B) 1236 में व्याख्या: दरगाह का निर्माण ख्वाजा की मृत्यु के तुरंत बाद 1236 में हुआ। यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण इस्लामिक तीर्थ स्थलों में से एक है।
प्रश्न 3: अजमेर जिले से कौन सी नदी प्रवाहित होती है?
- (A) चम्बल
- (B) लूनी
- (C) माही
- (D) बेतवा
उत्तर: (B) लूनी व्याख्या: लूनी नदी अजमेर का प्रमुख जलस्रो
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