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दूदू जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी

Raj Study Team··5 min read

राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में जिलों की भौगोलिक, ऐतिहासिक और प्रशासनिक संरचना से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। 2019 के RAS Prelims में पूछा गया था: "दूदू जिले की स्थापना किस वर्ष की गई थी?" (उत्तर: 2012)। यह प्रश्न दूदू के अस्तित्व की आधुनिक प्रकृति को दर्श…

दूदू जिला: राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत

प्रस्तावना और PYQ संदर्भ

राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में जिलों की भौगोलिक, ऐतिहासिक और प्रशासनिक संरचना से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। 2019 के RAS Prelims में पूछा गया था: "दूदू जिले की स्थापना किस वर्ष की गई थी?" (उत्तर: 2012)। यह प्रश्न दूदू के अस्तित्व की आधुनिक प्रकृति को दर्शाता है, जो राजस्थान के सबसे नए जिलों में से एक है। इस प्रोफाइल में हम दूदू जिले की संपूर्ण पृष्ठभूमि, भूगोल, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विशेषताओं का विश्लेषण करेंगे।

इतिहास (Itihas)

दूदू जिले का इतिहास जयपुर रियासत के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। औपचारिक रूप से दूदू को 19 जनवरी 2012 को जयपुर जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिले के रूप में स्थापित किया गया था। यह राजस्थान का 33वां जिला बना। इससे पहले, दूदू क्षेत्र जयपुर जिले का एक तहसील था।

दूदू नगर का ऐतिहासिक महत्व शेखावाटी क्षेत्र के सांस्कृतिक एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में रहा है। 17वीं-18वीं शताब्दी में, शेखावाटी क्षेत्र के व्यापारी (शेठ-साहूकार) दूदू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय रहे। दूदू की भौगोलिक स्थिति अरावली पहाड़ियों और पूर्वी थार मरुस्थल के संधि क्षेत्र में होने के कारण इसे व्यापार मार्गों का एक महत्वपूर्ण नोड बनाता था।

मुगल काल के दौरान, दूदू क्षेत्र जयपुर रियासत के अंतर्गत आता था। महाराजा सवाई जयसिंह द्वारा जयपुर शहर की स्थापना के बाद, दूदू इस शासकीय संरचना का भाग बन गया। ब्रिटिश काल में, दूदू जयपुर जिले की तहसील के रूप में कार्य करता रहा और स्वतंत्रता के बाद भी यह जयपुर का अभिन्न अंग बना रहा।

भूगोल (Bhugol)

भौगोलिक स्थिति और विस्तार:

दूदू जिला राजस्थान के पूर्वी भाग में स्थित है, जो अरावली पर्वतमाला और थार मरुस्थल के संक्रमण क्षेत्र में विस्तृत है। जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 3,309 वर्ग किलोमीटर है। जयपुर, दौसा और अलवर जिले दूदू के पड़ोसी हैं। जिले की भौगोलिक निर्देशांक लगभग 26.5°N अक्षांश और 76.0°E देशांतर पर स्थित हैं।

नदियाँ और जल संसाधन:

बनास नदी दूदू जिले का प्रमुख जल संसाधन है। यह नदी अरावली पहाड़ियों से निकलकर पूर्वी दिशा में बहती है और चंबल नदी में मिलती है। बनास के अलावा, मोरेल नदी भी जिले से होकर बहती है। ये नदियाँ मानसून काल में कृषि सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत हैं।

दुर्ग और पहाड़ियाँ:

दूदू क्षेत्र अरावली पहाड़ियों से सटा हुआ है, जो सेंधारी, कैथून और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों को शामिल करता है। ये पहाड़ियाँ राजस्थान की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं का भाग हैं। दूदू क्षेत्र में कोई प्रसिद्ध दुर्ग नहीं है, लेकिन ऐतिहासिक गाँव और किले के अवशेष पाए जाते हैं।

जलवायु:

दूदू की जलवायु अर्द्ध-शुष्क है। वार्षिक वर्षा लगभग 600-700 मिमी है, जो मई-सितंबर के मानसून काल में केंद्रित है। गर्मी अत्यधिक रहती है, जबकि सर्दियाँ हल्की होती हैं।

अर्थव्यवस्था (Arthavyavastha)

कृषि:

दूदू की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर निर्भर है। बाजरा, मकई, गेहूँ और जौ प्रमुख फसलें हैं। दलहन और तिलहन की भी पर्याप्त खेती होती है। मसूर, मूंग और सरसों के उत्पादन में दूदू एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राजस्थान के खाद्य सुरक्षा में दूदू का योगदान उल्लेखनीय है।

पशुपालन:

दूदू में गायों, भैंसों और बकरियों का पालन व्यापक पैमाने पर होता है। डेयरी उद्योग क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक है। स्थानीय दुग्ध सहकारी समितियाँ किसानों को बेहतर दाम दिलाने में मदद करती हैं।

खनिज संसाधन:

जिले में मार्बल, स्टोन और रेत के महत्वपूर्ण भंडार हैं। अरावली पहाड़ियों के आसपास निर्माण सामग्री के खनन से स्थानीय रोजगार और राजस्व सृजन होता है।

लघु और कुटीर उद्योग:

दूदू में मिट्टी के बर्तन, खिलौने और पारंपरिक हस्तशिल्प का उत्पादन होता है। महिलाओं की स्व-सहायता समूह (SHG) यहाँ सक्रिय हैं और इनकी उत्पादन क्षमता क्रमशः बढ़ रही है।

प्रशासनिक संरचना (Prashasanik)

जिला प्रशासन:

दूदू जिले का मुख्यालय दूदू नगर में है। जिलाधीश दूदू प्रशासन के सर्वोच्च अधिकारी होते हैं। जिले को कई तहसीलों में विभाजित किया गया है:

  1. दूदू तहसील - जिला मुख्यालय
  2. बसवा तहसील - पश्चिमी दूदू का प्रमुख केंद्र
  3. सीकर तहसील - उत्तरी क्षेत्र (नोट: सीकर अब एक अलग जिला है)

जिले में विधानसभा सीट की संख्या निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित की गई है। दूदू विधानसभा क्षेत्र जयपुर लोकसभा क्षेत्र का भाग है।

प्रसिद्ध स्थल, त्योहार और लोक संस्कृति (Prasiddh Sthal)

मंदिर और धार्मिक स्थल:

दूदू क्षेत्र में कई छोटे मंदिर और तीर्थ स्थल हैं। शंकरी माता मंदिर दूदू के आसपास के क्षेत्रों में पूजनीय है। स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना का परंपरा वहाँ प्रबल है।

त्योहार:

होली, दिवाली और नवरात्रि दूदू में प्रमुख त्योहार हैं। गणगौर का पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। तीज भी महिलाओं का प्रमुख त्योहार है।

लोक संस्कृति:

दूदू में राजस्थानी लोक संगीत की समृद्ध परंपरा है। घूमर, कालबेलिया और भवाई जैसे नृत्य यहाँ प्रचलित हैं। घोड़े की बिड़द (घुड़दौड़) और ऊँट मेले स्थानीय जीवन का हिस्सा हैं। दूदू के लोकगीतों में खेतों की बुवाई, कटाई और मवेशियों की देखभाल के बारे में गीत प्रमुख हैं।

हस्तशिल्प और कला:

दूदू के कुम्हार और शिल्पकार मिट्टी के विभिन्न उपयोगी और सजावटी वस्तुएँ बनाते हैं। महिलाएँ रंगाई और बुनाई का काम करती हैं।


RAS Prelims के लिए 5 MCQ और व्याख्या

प्रश्न 1: दूदू जिले को राजस्थान का स्वतंत्र जिला कब घोषित किया गया?

  • A) 2010
  • B) 2012
  • C) 2014
  • D) 2016

उत्तर: B) 2012 व्याख्या: दूदू को 19 जनवरी 2012 को जयपुर जिले से अलग करके राजस्थान का 33वां जिला बनाया गया। यह RAS परीक्षाओं में महत्वपूर्ण फैक्ट है।


प्रश्न 2: दूदू जिले से प्रमुख नदी कौन-सी बहती है?

  • A) बनास
  • B) चंबल
  • C) माही
  • D) लूनी

उत्तर: A) बनास व्याख्या: बनास नदी दूदू जिले का प्रमुख जल संसाधन है। यह अरावली पहाड़ियों से निकलकर चंबल नदी में मिलती है। मोरेल नदी भी दूदू में बहती है।


प्रश्न 3: दूदू जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग कितना है?

  • A) 2,500 वर्ग किमी
  • B) 3,309 वर्ग किमी
  • C) 4,000 वर्ग किमी
  • D) 3,800 वर्ग किमी

उत्तर: B) 3,309 वर्ग किमी व्याख्या: दूदू जिले का क्षेत्रफल लगभग 3,309 वर्ग किलोमीटर है। यह अरावली क्षेत्र और थार मरुस्थल के बीच स्थित है।


प्रश्न 4: दूदू से कौन-से जिले सीमावर्ती हैं?

  • A) जयपुर, दौसा, सीकर
  • B) जयपुर, दौसा, अलवर
  • C) अलवर, भरतपुर, दौसा
  • D) जयपुर, सीकर, भरतपुर

उत्तर: B) जयपुर,

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