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डूंगरपुर जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी

Raj Study Team··5 min read

RAS (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) परीक्षा 2019 में एक प्रश्न पूछा गया था: "डूंगरपुर जिले का प्राचीन नाम क्या था?" उत्तर था - धूलकोट या ढूंगरपुर। यह प्रश्न इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्त्व को दर्शाता है। डूंगरपुर, राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित, छोटे पहाड़ों वाली पहाड़ी क्षेत्र…

डूंगरपुर जिला: RAS परीक्षा के लिए व्यापक GK प्रोफाइल

प्रस्तावना और PYQ संदर्भ

RAS (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) परीक्षा 2019 में एक प्रश्न पूछा गया था: "डूंगरपुर जिले का प्राचीन नाम क्या था?" उत्तर था - धूलकोट या ढूंगरपुर। यह प्रश्न इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्त्व को दर्शाता है। डूंगरपुर, राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित, छोटे पहाड़ों वाली पहाड़ी क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध है जहाँ आदिवासी संस्कृति और सामंती परंपराएं आज भी जीवंत हैं।


इतिहास (Itihas)

डूंगरपुर का इतिहास गुहिल वंश (Guhil Dynasty) से जुड़ा है, जो मेवाड़ क्षेत्र पर शासन करते थे। 13वीं शताब्दी में, इस क्षेत्र पर परमार राजपूत वंश का अधिकार था। 1358 ईस्वी में राव दूदा ने इस क्षेत्र पर राज्य स्थापित किया और इसे "धूलकोट" के नाम से जाना जाता था। बाद में इसका नाम डूंगरपुर पड़ा, क्योंकि यह क्षेत्र छोटे पहाड़ियों (डूंगर) से घिरा था।

मुगल काल में, डूंगरपुर की रियासत ने अपनी स्वतंत्र नीति बनाई रखी। 18वीं-19वीं शताब्दी में यह ब्रिटिश सत्ता के अधीन आ गया, लेकिन इसे रियासत का दर्जा दिया गया। महाराजा उम्मेद सिंह द्वितीय (1889-1918) ने इस क्षेत्र के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1947 में स्वतंत्रता के बाद, डूंगरपुर को राजस्थान में मिला दिया गया। 2006 में, यह जिला बाँसवाड़ा के एक हिस्से से अलग होकर एक स्वतंत्र जिला बना। यह क्षेत्र आदिवासी (भीलों और गरसियों) की सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है।


भूगोल (Bhugol): नदियाँ, दुर्ग और दर्रे

नदियाँ

डूंगरपुर की जलवायु और कृषि को तीन प्रमुख नदियाँ नियंत्रित करती हैं:

  1. माही नदी - यह जिले की दक्षिणी सीमा बनाती है और गुजरात-राजस्थान की सीमा रेखा है। यह गुजरात में अरब सागर में मिलती है।

  2. सोम नदी - जिले के मध्य भाग से बहती है और माही नदी की सहायक है। यह प्राचीन समय में धार्मिक महत्त्व की नदी मानी जाती थी।

  3. गाडणा नदी - यह उत्तरी क्षेत्र से बहती है।

पहाड़ियाँ और किले

  • आहू की पहाड़ियाँ - डूंगरपुर के उत्तरी भाग में स्थित, ये छोटी पर्वत श्रृंखलाएं हैं।
  • डूंगरपुर दुर्ग - 13वीं-14वीं शताब्दी में निर्मित, यह राव दूदा द्वारा बनवाया गया था। इसकी स्थापत्य शैली मुगल और राजपूत दोनों का मिश्रण है।
  • आशापुरा माता किला - माही नदी के किनारे स्थित, यह आदिवासी समुदाय के लिए पवित्र स्थान है।

भौगोलिक विशेषताएँ

डूंगरपुर की औसत ऊँचाई समुद्र तल से 610 मीटर है। यह क्षेत्र अरावली पर्वत श्रृंखला के दक्षिणी विस्तार पर स्थित है। जलवायु उपोष्ण है, और वर्षा मुख्यतः जून से सितंबर के बीच होती है।


अर्थव्यवस्था (Arthavyavastha)

कृषि

डूंगरपुर की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर निर्भर है। जनसंख्या का 68% ग्रामीण है। प्रमुख फसलें हैं:

  • मक्का - खरीफ मौसम की प्रमुख फसल
  • कपास - नकदी फसल के रूप में महत्त्वपूर्ण
  • दालें - उड़द, मूंग, अरहर
  • गेहूँ और जौ - रबी मौसम में

माही नदी पर कागदीपुर बाँध का निर्माण सिंचाई के लिए किया गया है। लगभग 25,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित है।

वन और वन्यजीव

डूंगरपुर में कुल क्षेत्रफल का लगभग 32% वनाच्छादित है। दशानी वन क्षेत्र महत्त्वपूर्ण वन संरक्षण क्षेत्र है। यहाँ तेंदू पत्ते, लाख, और गोंद का संग्रहण होता है, जो आदिवासियों की आजीविका का साधन है।

खनिज

डूंगरपुर में बॉक्साइट, लोहा अयस्क, और संगमरमर के भंडार हैं। बॉक्साइट का निष्कर्षण और प्रसंस्करण यहाँ की अर्थव्यवस्था का महत्त्वपूर्ण अंग है। हिंडालको इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries) यहाँ बॉक्साइट खनन में सक्रिय है।

उद्योग

  • कृषि-आधारित उद्योग - खाद्य प्रसंस्करण
  • लघु उद्योग - हस्तशिल्प, बुनाई (बांधनी)
  • पर्यटन - बढ़ता हुआ पर्यटन क्षेत्र

प्रसिद्ध स्थल, त्योहार और लोक संस्कृति (Prasiddh Sthal)

मंदिर और धार्मिक स्थल

  1. आशापुरा माता मंदिर - माही नदी के पास स्थित, यह क्षेत्र की सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यहाँ भीलों और गरसियों का पारंपरिक त्योहार मनाया जाता है।

  2. जीणमाता मंदिर - विजयनगर शैली की स्थापत्य विशेषताओं वाला मंदिर।

  3. नवलखा पैलेस - महाराजा के निवास को अब हेरिटेज होटल में परिवर्तित किया गया है। यह इंडो-सारसेनिक आर्किटेक्चर का उत्कृष्ट उदाहरण है।

त्योहार

  • गणगौर - राजस्थानी महिलाओं का प्रमुख त्योहार, जिसमें भीली महिलाएं विशेष भूमिका निभाती हैं।
  • आशा-पूर्णिमा - आशापुरा माता को समर्पित विशेष पूजा।
  • भीली संस्कृति महोत्सव - आदिवासी नृत्य, संगीत और हस्तशिल्प का प्रदर्शन।
  • दिवाली और होली - पारंपरिक राजस्थानी तरीके से मनाए जाते हैं।

लोक संस्कृति

डूंगरपुर की भीली संस्कृति इस जिले की पहचान है। घूमर नृत्य, गैर नृत्य, और डमरू वादन यहाँ की परंपरागत कला हैं। महिलाओं द्वारा बांधनी (tie-and-dye) की पारंपरिक तकनीक आज भी प्रचलित है।


प्रशासनिक विभाजन (Prashasanik)

डूंगरपुर जिला राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है। यह जिला तीन तहसीलों में विभाजित है:

तहसीलें

  1. डूंगरपुर तहसील - मुख्यालय, 5 पंचायतें
  2. आशापुरा तहसील - माही नदी क्षेत्र, 4 पंचायतें
  3. भिंडर तहसील - उत्तरी क्षेत्र, 3 पंचायतें

जनसंख्या और लिंग अनुपात

  • कुल जनसंख्या (2011 जनगणना): 5,88,940
  • लिंग अनुपात: 990 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
  • साक्षरता दर: 61.5% (राजस्थान से कम, क्योंकि यह आदिवासी बहुल क्षेत्र है)
  • जनजाति जनसंख्या: कुल का लगभग 45% भील और गरसिया आदिवासी

सीमावर्ती जिले

  • उत्तर: बाँसवाड़ा और उदयपुर
  • पूर्व: गुजरात (पंचमहल)
  • दक्षिण: गुजरात (डहोद)
  • पश्चिम: उदयपुर

RAS परीक्षा के लिए 5 MCQ (Objective Questions)

प्रश्न 1

डूंगरपुर रियासत की स्थापना किसने की थी?

A) महाराजा उम्मेद सिंह
B) राव दूदा
C) अमर सिंह
D) राव विक्रम सिंह

उत्तर: B) राव दूदा

व्याख्या: राव दूदा ने 1358 ईस्वी में डूंगरपुर (तत्कालीन धूलकोट) में राज्य की स्थापना की। उन्होंने डूंगरपुर दुर्ग का निर्माण भी करवाया। यह RAS-2019 में पूछे गए प्रश्न का मूल आधार है।


प्रश्न 2

डूंगरपुर जिले को राजस्थान में किस वर्ष एक अलग जिला बनाया गया?

A) 2000
B) 2003
C) 2006
D) 2008

उत्तर: C) 2006

व्याख्या: डूंगरपुर को 1 सितंबर 2006 को बाँसवाड़ा जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला घोषित किया गया। यह राजस्थान का 33वाँ जिला है।


प्रश्न 3

डूंगरपुर में कौन-सी नदी जिले की दक्षिणी सीमा बनाती है?

A) चंबल नदी
B) माही नदी
C) सोम नदी
D) गाडणा नदी

उत्तर: B) माही

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