हनुमानगढ़ जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी
राजस्थान राज्य सेवा (RAS) की प्रारंभिक परीक्षा में 2019 के प्रश्नपत्र में पूछा गया था: "हनुमानगढ़ जिले की स्थापना किस वर्ष हुई?" इस प्रश्न का उत्तर है—1994 में। यह प्रश्न जिले के प्रशासनिक इतिहास को समझने की नींव रखता है। हनुमानगढ़ जिला उत्तरी राजस्थान में स्थित एक महत्वपूर्ण जिल…
हनुमानगढ़ जिला: राजस्थान राज्य सेवा परीक्षा हेतु व्यापक अध्ययन प्रोफाइल
परिचय और PYQ संदर्भ
राजस्थान राज्य सेवा (RAS) की प्रारंभिक परीक्षा में 2019 के प्रश्नपत्र में पूछा गया था: "हनुमानगढ़ जिले की स्थापना किस वर्ष हुई?" इस प्रश्न का उत्तर है—1994 में। यह प्रश्न जिले के प्रशासनिक इतिहास को समझने की नींव रखता है। हनुमानगढ़ जिला उत्तरी राजस्थान में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है जो भारत-पाकिस्तान सीमा पर अवस्थित है। इसका भौगोलिक, ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व राजस्थान के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इतिहास (History)
प्राचीन और मध्यकालीन काल
हनुमानगढ़ का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली है। इस क्षेत्र को ऐतिहासिक रूप से "भाटी क्षेत्र" के नाम से जाना जाता था। प्राचीन काल में यह क्षेत्र आर्यवर्त का एक महत्वपूर्ण भाग था और वैदिक काल में इसका संस्कृत नाम "शतुद्रु" (शतलज नदी के तट पर) था।
भाटी क्षत्रिय राजवंश का शासन इस क्षेत्र में 12वीं शताब्दी से लेकर 18वीं शताब्दी तक रहा। इनकी राजधानी भटिंडा (वर्तमान पाकिस्तान में) थी, लेकिन हनुमानगढ़ का क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
आधुनिक काल और जिले की स्थापना
अंग्रेजी शासन के दौरान, यह क्षेत्र पंजाब राज्य के अंतर्गत आता था। 15 अप्रैल 1994 को, राजस्थान सरकार ने श्रीगंगानगर जिले को विभाजित करके हनुमानगढ़ जिले का गठन किया। इस जिले को भगवान हनुमान के नाम पर "हनुमानगढ़" नाम दिया गया। यह नाम इसलिए चुना गया क्योंकि इस क्षेत्र में हनुमान जी के कई प्राचीन मंदिर हैं और यहाँ हनुमान जी के प्रति विशेष श्रद्धा है।
भूगोल (Geography)
स्थिति और विस्तार
हनुमानगढ़ जिला राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी भाग में 29°7' से 29°53' उत्तरी अक्षांश तथा 73°48' से 74°35' पूर्वी देशांतर में अवस्थित है। इसकी उत्तरी सीमा पर पाकिस्तान (पंजाब) है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राजस्थान का 24वां सबसे बड़ा जिला है, जिसका कुल क्षेत्रफल 4,090 वर्ग किमी है।
नदियाँ और जल प्रणाली
शतलज नदी (Sutlej River): यह जिले की सबसे महत्वपूर्ण नदी है, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ-साथ बहती है। इसकी लंबाई लगभग 1,050 किमी है और यह हिमालय से निकलती है। शतलज नदी यहाँ सिंचाई का मुख्य स्रोत है।
घग्घर नदी: यह जिले के दक्षिणी भाग से होकर बहती है। इसे अरावली पर्वत श्रृंखला के उत्तर में एक मरुस्थलीय नदी माना जाता है।
नहरें: कोलायत नहर, बीकानेर नहर, और गंग नहर इस क्षेत्र में कृषि के लिए जल प्रदान करती हैं।
दुर्ग और किले
हनुमानगढ़ दुर्ग: यह जिले का सबसे प्रसिद्ध किला है, जो शहर के केंद्र में अवस्थित है। इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में भाटी राजाओं द्वारा किया गया माना जाता है।
भदरोह किला: यह किला जिले के उत्तरी भाग में स्थित है और इसका ऐतिहासिक महत्व काफी है।
दर्रे और पहाड़
हालांकि यह क्षेत्र मुख्यतः समतल है, लेकिन उत्तरी भाग में कुछ पहाड़ी क्षेत्र हैं। इस क्षेत्र की औसत ऊंचाई समुद्र तल से 165 मीटर है।
अर्थव्यवस्था (Economy)
कृषि
हनुमानगढ़ की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। जिले में मुख्य फसलें हैं:
- गेहूँ: सर्दियों की सबसे महत्वपूर्ण फसल
- कपास: गर्मियों की प्रमुख फसल
- तिल: तेल के लिए महत्वपूर्ण फसल
- मूंगफली: दलहन और तेल दोनों के लिए महत्वपूर्ण
- चावल: बाढ़ वाले क्षेत्रों में उगाई जाती है
- गन्ना: कुछ क्षेत्रों में महत्वपूर्ण
शतलज नदी के कारण सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, जिससे कृषि की उत्पादकता काफी अच्छी है।
पशुपालन
यह क्षेत्र पशुपालन के लिए भी प्रसिद्ध है। मवेशी, भेड़, बकरी और ऊँट पालन यहाँ की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उद्योग
- चीनी मिलें: जिले में कई चीनी मिलें स्थित हैं
- कपास की मिलें: कपास के प्रसंस्करण के लिए
- तेल निष्कर्षण: तिल और मूंगफली से तेल निकालना
- खाद्य प्रसंस्करण: स्थानीय कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण
व्यापार
हनुमानगढ़ का भारत-पाकिस्तान सीमा पर होना इसे एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बनाता है। सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ व्यापार यहाँ की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।
प्रसिद्ध स्थान और सांस्कृतिक विरासत
मंदिर और धार्मिक स्थल
हनुमानगढ़ मंदिर: यह जिले का सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है, जहाँ भगवान हनुमान की विशाल मूर्ति स्थापित है। कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना 12वीं शताब्दी में हुई थी।
शतलज नदी के घाट: नदी के किनारे कई घाट हैं जहाँ श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं।
पीपलीबाग मंदिर: इस मंदिर का धार्मिक महत्व काफी है।
त्यौहार और लोक संस्कृति
दशहरा: इस त्यौहार पर हनुमानगढ़ में विशेष आयोजन होते हैं।
दिवाली: दीपों का पर्व यहाँ विशेष उत्साह से मनाया जाता है।
लोहड़ी: पंजाबी संस्कृति के प्रभाव के कारण यह त्यौहार भी मनाया जाता है।
बैसाखी: किसानों का यह मुख्य त्यौहार यहाँ कृषि से जुड़ी खुशियों को दर्शाता है।
लोक कला और संगीत
हनुमानगढ़ की लोक संस्कृति में:
- भाटी लोक गीत: स्थानीय लोगों द्वारा गाए जाने वाले लोक गीत
- लूंबा नृत्य: पारंपरिक नृत्य शैली
- पंजाबी संस्कृति का प्रभाव: सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण पंजाबी संस्कृति का गहरा प्रभाव
प्रशासनिक ढाँचा (Administration)
जिला संरचना
हनुमानगढ़ जिले में निम्नलिखित तहसीलें हैं:
- हनुमानगढ़ तहसील (मुख्यालय): जिले का प्रशासनिक केंद्र
- भदरोह तहसील: उत्तरी भाग में स्थित
- पलसूद तहसील: मध्य क्षेत्र में स्थित
- सांगरिया तहसील: दक्षिणी भाग में स्थित
पंचायती राज
जिले में 276 गाँव हैं, जिनमें से 275 राजस्व गाँव हैं। प्रत्येक गाँव में पंचायत का गठन है।
विधानसभा क्षेत्र
हनुमानगढ़ जिले से दो विधानसभा सदस्य निर्वाचित होते हैं:
- हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र
- भदरोह विधानसभा क्षेत्र
लोकसभा
यह जिला हनुमानगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
RAS परीक्षा के लिए 5 महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1
हनुमानगढ़ जिले का गठन किस जिले को विभाजित करके किया गया?
A) बीकानेर
B) श्रीगंगानगर
C) हनुमानगढ़
D) चूरू
उत्तर: B) श्रीगंगानगर
व्याख्या: 15 अप्रैल 1994 को राजस्थान सरकार ने श्रीगंगानगर जिले को विभाजित करके हनुमानगढ़ जिले का गठन किया। यह राजस्थान का 30वां जिला बना।
प्रश्न 2
हनुमानगढ़ को किसके नाम पर नाम दिया गया?
A) महाराजा हनुमान सिंह
B) राजा हनुमान दास
C) भगवान हनुमान
D) हनुमान सेना
उत्तर: C) भगवान हनुमान
व्याख्या: इस क्षेत्र में भगवान हनुमान के प्राचीन मंदिर हैं और स्थानीय
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