जयपुर जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी
RAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 में पूछा गया था: "जयपुर नगर की स्थापना किसने की थी?" इस प्रश्न के माध्यम से परीक्षार्थियों को यह ज्ञात होना चाहिए कि महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 ई. में जयपुर नगर की स्थापना की थी। यह विषय जिले के इतिहास का मूल आधार है।
जयपुर: पहाड़ी दुर्ग से नियोजित राजधानी तक
जयपुर शहर बसने से बहुत पहले, इस क्षेत्र की सत्ता का केंद्र आमेर था — एक पहाड़ी दुर्ग, जो लगभग सात शताब्दियों तक कछवाहा वंश की राजधानी रहा। कछवाहाओं ने 11वीं शताब्दी में सुसावत मीणाओं से आमेर छीना था और अपनी राजधानी दौसा से यहाँ स्थानांतरित की थी; कछवाहा शासकों ने आरंभ से ही मुगल आधिपत्य स्वीकार कर लिया था, जिस कारण आमेर उन विनाशों से बचा रहा जो कई प्रतिद्वंद्वी दुर्गों को झेलने पड़े। इसका सबसे उल्लेखनीय निर्माण-चरण राजा मानसिंह प्रथम के समय हुआ, जिन्होंने 1592 से लाल बलुआ पत्थर व सफेद संगमरमर में दुर्ग के अधिकांश महल-परिसर का निर्माण करवाया, जिसमें हिन्दू व इस्लामी स्थापत्य शैलियों का मिश्रण दिखता है। बाद में मिर्ज़ा राजा जयसिंह के समय हुए निर्माण — दीवान-ए-आम, शीशों से सजा शीश महल, और अलंकृत गणेश पोल — ने आमेर को राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध महल-परिसरों में शामिल कर दिया।
1727 में सवाई जयसिंह द्वितीय ने दुर्ग के नीचे एक सुनियोजित नया शहर बसाया और उसे अपनी राजधानी बनाया — यही शहर आगे चलकर आधुनिक जयपुर बना। यह परिवर्तन एक सुरक्षा-केंद्रित पहाड़ी दुर्ग से व्यापार, प्रशासन व भविष्य के लिए बनाए गए शहर की ओर एक बड़ा बदलाव था।
राजस्थान के आधुनिक शासन में जयपुर
राज्य के प्रशासनिक इतिहास में जयपुर की भूमिका गहरी रही है। रियासतों के एकीकरण के समय जयपुर के तत्कालीन शासक महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय राज्य के प्रथम व एकमात्र राजप्रमुख बने और नवंबर 1956 तक इस पद पर रहे। आज राजस्थान के राज्यपाल का निवास — राजभवन — जयपुर के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित है, और 2005 में स्थापना के बाद से भारतीय थल सेना की दक्षिणी पश्चिमी कमान का मुख्यालय भी जयपुर में ही है।
जल एवं अवसंरचना
हाल के वर्षों में राज्य के कुछ महत्वाकांक्षी जल-सुरक्षा प्रयासों के केंद्र में जयपुर जिला रहा है, जिसमें रामगढ़ झील को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से जमवारामगढ़ बाँध क्षेत्र में हुए क्लाउड-सीडिंग प्रयोग, तथा रामजल सेतु लिंक परियोजना के तहत ईसरदा बाँध से जयपुर व आसपास के जिलों के जलाशयों तक फीडर-नहर निर्माण शामिल हैं। जयपुर को राज्यभर में जल-उपयोग योजना को मजबूत करने के उद्देश्य से एक नए 'Centre of Excellence for Water Management' के स्थल के रूप में भी प्रस्तावित किया गया है।
त्वरित तथ्य
- 1727 में सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा जयपुर शहर बसाए जाने से पहले आमेर लगभग 700 वर्षों तक कछवाहा राजधानी रहा।
- जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय राजस्थान के प्रथम व एकमात्र राजप्रमुख थे।
- राजस्थान के राज्यपाल का आधिकारिक निवास राजभवन जयपुर में स्थित है।
- जयपुर में भारतीय थल सेना की दक्षिणी पश्चिमी कमान का मुख्यालय है।
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