जयपुर जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी
RAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 में पूछा गया था: "जयपुर नगर की स्थापना किसने की थी?" इस प्रश्न के माध्यम से परीक्षार्थियों को यह ज्ञात होना चाहिए कि महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 ई. में जयपुर नगर की स्थापना की थी। यह विषय जिले के इतिहास का मूल आधार है।
जयपुर जिला: RAS प्रारंभिक परीक्षा संदर्भ सामग्री
प्रारंभिक टिप्पणी: पूर्ववर्ती प्रश्न संदर्भ
RAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 में पूछा गया था: "जयपुर नगर की स्थापना किसने की थी?" इस प्रश्न के माध्यम से परीक्षार्थियों को यह ज्ञात होना चाहिए कि महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 ई. में जयपुर नगर की स्थापना की थी। यह विषय जिले के इतिहास का मूल आधार है।
इतिहास (Itihas)
जयपुर जिला राजस्थान की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक राजधानी है। इसका इतिहास मुख्यतः आमेर राज्य के विकास के साथ जुड़ा हुआ है। आमेर राज्य की स्थापना 967 ई. में दुलहराय ने की थी, किंतु वर्तमान जयपुर नगर की स्थापना 1727 ई. में महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने की थी।
महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय (1688-1743) एक प्रतिभाशाली शासक थे। उन्होंने मुगल सम्राट औरंगजेब के अंतिम दिनों में आमेर राज्य को शक्तिशाली बनाया। जयसिंह द्वितीय को खगोल विज्ञान और गणित में गहरी रुचि थी। उन्होंने पाँच जन्तर-मन्तर (दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, मथुरा और बनारस) का निर्माण करवाया। जयपुर का जन्तर-मन्तर यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल है।
जयपुर नगर की योजना विख्यात बंगाली वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य ने तैयार की थी। इस नगर को 'पिंक सिटी' (गुलाबी शहर) के नाम से जाना जाता है, क्योंकि 1876 ई. में प्रिंस ऑफ वेल्स की यात्रा के अवसर पर नगर की सभी इमारतों को गुलाबी रंग से रंगवाया गया था।
महाराजा सवाई रामसिंह द्वितीय (1835-1880) के काल में जयपुर को आधुनिकीकरण का सामना करना पड़ा। ब्रिटिश राज के दौरान जयपुर एक रियासत थी और 1949 में भारतीय संघ में विलीन हुई।
भूगोल (Bhugol)
नदियाँ
जयपुर जिले की मुख्य नदियाँ हैं:
आसन नदी: यह जयपुर की प्रमुख नदी है। यह अरावली पर्वतमाला से निकलकर पूर्व की ओर बहती है। इसके जल का उपयोग सिंचाई के लिए होता है।
ढूंढ नदी: यह आसन की सहायक नदी है। इसका उद्गम स्रोत भी अरावली से है।
मोरेल नदी: यह जयपुर के दक्षिणी क्षेत्र में बहती है।
बांडी नदी: यह अरावली क्षेत्र से निकलती है।
दुर्ग और ऐतिहासिक स्थल
आमेर दुर्ग: जयपुर से लगभग 11 किमी उत्तर में स्थित है। यह किला 16वीं-18वीं शताब्दी की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शीश महल और सुख निवास जैसे भव्य कक्ष हैं।
सिटी पैलेस: जयपुर के मध्य में स्थित है। यह वर्तमान भी राजपरिवार का निवास है। इसका निर्माण 1729 में महाराजा जयसिंह द्वितीय द्वारा शुरू किया गया था।
जन्तर-मन्तर: जयपुर नगर के मध्य में स्थित है। यह 18वीं शताब्दी की खगोल दर्शन वेधशाला है और यूनेस्को द्वारा संरक्षित है।
नाहरगढ़ दुर्ग: जयपुर के उत्तर-पश्चिम में अरावली पर्वत श्रेणी पर स्थित है।
दर्रे
पिलानी दर्रा: अरावली श्रेणी में स्थित है, जो ऐतिहासिक व्यापार मार्ग को जोड़ता है।
अर्थव्यवस्था (Arthavyavastha)
जयपुर जिला राजस्थान की आर्थिक केंद्र है। इसकी अर्थव्यवस्था तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है:
कृषि
जयपुर के कृषि क्षेत्र में मुख्य फसलें हैं: गेहूँ, बाजरा, मोठ, मूंगफली और दालें। जिले में जल संरक्षण योजनाओं के माध्यम से कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरदार समंद झील और जमवारामगढ़ के निकट कृषि सिंचाई प्रणालियाँ मौजूद हैं।
पर्यटन
जयपुर भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में से एक है। आमेर दुर्ग, सिटी पैलेस, हवा महल, जन्तर-मन्तर और नाहरगढ़ दुर्ग विश्वस्तरीय पर्यटन आकर्षण हैं। प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक जयपुर आते हैं। पर्यटन से राजस्व और रोज़गार का सृजन होता है।
उद्योग
जयपुर में रत्न एवं आभूषण उद्योग, वस्त्र उद्योग, सिरेमिक उद्योग और इंजीनियरिंग क्षेत्र प्रमुख हैं। जयपुर का हीरे की कटाई का केंद्र विश्वव्यापी प्रसिद्ध है। RIICO (राजस्थान औद्योगिक विकास निगम) द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए गए हैं।
प्रसिद्ध स्थल, त्योहार एवं लोक संस्कृति (Prasiddh Sthal)
मंदिर एवं धार्मिक स्थल
गोविंद देव जी का मंदिर: सिटी पैलेस परिसर में स्थित है। यह कृष्ण भक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है।
बिड़ला मंदिर: जयपुर के दक्षिणी भाग में 1988 में निर्मित है। यह भव्य हिंदू मंदिर है।
त्योहार
तीज: श्रावण मास में मनाया जाता है। जयपुर में इसे भव्य रूप से मनाया जाता है।
दिवाली और होली: पारंपरिक रूप से मनाए जाते हैं।
गणगौर: चैत्र माह में महिलाओं द्वारा मनाया जाता है।
लोक संस्कृति
जयपुर की लोक संस्कृति राजस्थानी परंपरा को दर्शाती है। घूमर नृत्य, कथपुतली, ढोलक संगीत और लोक गीत यहाँ के सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग हैं। जयपुर में वार्षिक जयपुर साहित्य महोत्सव आयोजित होता है।
प्रशासनिक विभाजन (Prashasanik Sambhag)
जयपुर जिला निम्नलिखित तहसीलों में विभाजित है:
- जयपुर तहसील: जिले का प्रशासनिक केंद्र
- आमेर तहसील
- संगानेर तहसील
- झोटवाड़ा तहसील
- किशनगढ़ तहसील
- चोमू तहसील
- फूलेरा तहसील
- दूदू तहसील
जयपुर की जनसंख्या राजस्थान में सर्वाधिक है। 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या लगभग 66.3 लाख थी। जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 11,100 वर्ग किमी है।
स्रोत: राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (www.rajasthan.gov.in) और राजस्थान पर्यटन विभाग (www.rajasthantourism.gov.in)
RAS प्रारंभिक परीक्षा शैली के 5 बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1
जयपुर नगर की स्थापना किस वर्ष की गई थी?
(A) 1707 ई.
(B) 1727 ई.
(C) 1747 ई.
(D) 1757 ई.
व्याख्या: महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 ई. में जयपुर नगर की स्थापना की थी। यह प्रश्न RAS की मूल पाठ्यक्रम से संबंधित है।
प्रश्न 2
जयपुर के जन्तर-मन्तर को किसने डिज़ाइन किया था?
(A) विद्याधर भट्टाचार्य
(B) महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय
(C) फतेह सिंह
(D) प्रताप सिंह
व्याख्या: जन्तर-मन्तर महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय की खगोल-वेधशाला थी। विद्याधर भट्टाचार्य नगर की योजना के वास्तुकार थे। यह 2010 में यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल हुआ।
प्रश्न 3
'पिंक सिटी' किस शहर को कहा जाता है?
(A) उदयपुर
(B) जयपुर
(C) जोधपुर
(D) अजमेर
व्याख्या: 1876 में प्रिंस ऑफ वेल्स की यात्रा के अवसर पर जयपुर की सभी इमारतों को गुलाबी रंग से रंगवाया गया था, जिससे इसे 'गुलाबी शहर' या 'पिंक सिटी' कहा जाने लगा। यह नाम अब विश्वव्यापी मान्यता प्राप्त है।
प्रश्न 4
जयपुर के आमेर किले का निर्माण कब शुरू हुआ था?
(A) 16वीं शताब्दी
(B) 15वीं शताब्दी
(C) 11वीं शताब्दी के बाद
(D) 13वीं शताब्दी
व्याख्या: आमेर किला 16वीं-18वीं शताब्दी के दौ
इस विषय पर अभ्यास करें
Reading is not enough — practice questions to remember what you just read.