जोधपुर जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी
RAS मुख्य परीक्षा 2016 में पूछा गया प्रश्न: "जोधपुर की स्थापना किसने की और यह किस राजवंश के अधीन था?" इस प्रश्न का उत्तर इस प्रोफाइल के इतिहास खंड में समाहित है। जोधपुर राजस्थान के पश्चिमी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जो मारवाड़ क्षेत्र का प्रमुख शहर माना जा…
जोधपुर जिला: RAS परीक्षा के लिए सामग्री
परिचय और PYQ संदर्भ
RAS मुख्य परीक्षा 2016 में पूछा गया प्रश्न: "जोधपुर की स्थापना किसने की और यह किस राजवंश के अधीन था?" इस प्रश्न का उत्तर इस प्रोफाइल के इतिहास खंड में समाहित है। जोधपुर राजस्थान के पश्चिमी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जो मारवाड़ क्षेत्र का प्रमुख शहर माना जाता है।
इतिहास (Itihas)
राठौड़ वंश और स्थापना
जोधपुर की स्थापना 1459 ईस्वी में राव जोधा ने की थी, जो राठौड़ वंश के प्रसिद्ध राजा थे। राव जोधा ने मंडोर को छोड़कर जोधपुर को अपनी नई राजधानी बनाया। जोधपुर नाम स्वयं राव जोधा के नाम से व्युत्पन्न है। इस शहर की स्थापना बिलाड़ा और खिमसर के बीच एक रणनीतिक स्थान पर की गई थी, जो व्यापार मार्गों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था।
मुगल काल और सांस्कृतिक संमिश्रण
17वीं सदी में मुगल साम्राज्य के विस्तार के समय जोधपुर के राठौड़ राजाओं ने कभी-कभी मुगलों के साथ संधि की और कभी-कभी संघर्ष भी किया। राजा जसवंत सिंह प्रथम (1638-1678) इस काल के सबसे प्रसिद्ध शासक थे। उन्होंने उमेद भवन पैलेस के पूर्ववर्ती संरचनाओं का निर्माण करवाया था। इस समय जोधपुर एक महत्वपूर्ण व्यापार केंद्र बन गया था।
ब्रिटिश काल और वर्तमान
ब्रिटिश राज के दौरान जोधपुर एक रियासत (princely state) था, जिसे राजस्थान एजेंसी के अंतर्गत रखा गया था। 1947 में भारतीय स्वतंत्रता के बाद, जोधपुर राजस्थान का अभिन्न अंग बन गया। महाराजा उम्मेद सिंह ने भारतीय संघ में जोधपुर का विलय किया।
भूगोल (Bhugol)
नदियां और जल निकास
जोधपुर जिला लूनी नदी के बेसिन में स्थित है। लूनी नदी जोधपुर के पूर्वी और दक्षिणी सीमाओं को बनाती है। सुकड़ी नदी, जो लूनी की एक सहायक नदी है, जिले के मध्य भाग से होकर बहती है। बालू नदी जोधपुर के उत्तरी क्षेत्र में एक अन्य महत्वपूर्ण जलस्रोत है।
दुर्ग और किले
मेहरानगढ़ किला जोधपुर का सबसे प्रसिद्ध और भव्य किला है। इसे 1459 में राव जोधा ने 125 मीटर ऊंची पहाड़ी पर बनवाया था। यह किला 5 किलोमीटर की परिधि में फैला है और इसकी दीवारें 36 मीटर तक ऊंची हैं। किले के अंदर सात द्वार हैं, जिनमें से हर एक का अपना ऐतिहासिक महत्व है। मंडोर किला जोधपुर से 9 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित है और यह प्राचीन राठौड़ राजधानी थी।
दर्रे और भौगोलिक संरचना
जोधपुर का भौगोलिक क्षेत्र ठाकरी पर्वत श्रृंखला के पास स्थित है। थार रेगिस्तान जिले के उत्तरी और पश्चिमी भाग में विस्तृत है। यह क्षेत्र शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु वाला है।
अर्थव्यवस्था (Arthavyavastha)
कृषि और पशुपालन
जोधपुर की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। मुख्य फसलें बाजरा, मूंगफली, तिल और दालें हैं। मरीजोल (ग्वार) की खेती के लिए जोधपुर राजस्थान में एक अग्रणी जिला है। इस क्षेत्र में पशुपालन और ऊंट पालन भी महत्वपूर्ण आजीविका स्रोत हैं। गोठ (पशु बाजार) जोधपुर का एक प्रसिद्ध पशु बाजार है।
पर्यटन
मेहरानगढ़ किले और उम्मेद भवन पैलेस जोधपुर के मुख्य पर्यटन आकर्षण हैं। उम्मेद भवन पैलेस (1929-1943) को भारत के सबसे बड़े निजी महलों में से एक माना जाता है। इसमें 347 कमरे हैं। पर्यटन उद्योग जोधपुर के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। घुमक्कड़ पर्यटकों के लिए जोधपुर देश में दूसरा सबसे अधिक देखा जाने वाला पर्यटन स्थल है।
हस्तशिल्प और व्यापार
जोधपुर की बंधनी (टाई-डाई) कपड़ा पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। नीले रंग के पारंपरिक जोधपुरी घाघरे का निर्माण यहां होता है। राजस्थान सरकार के पर्यटन पोर्टल के अनुसार, जोधपुर की मार्बल नक्काशी और मिट्टी के बर्तन भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किए जाते हैं (tourism.rajasthan.gov.in)।
औद्योगिक विकास
जोधपुर में सीमेंट फैक्ट्रियां, खनिज प्रसंस्करण और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थित हैं। जोधपुर एयरपोर्ट के विकास के साथ लॉजिस्टिक और एयरकार्गो सेवाएं बढ़ रही हैं।
प्रसिद्ध स्थल, त्योहार और लोक संस्कृति (Prasiddh Sthal)
मंदिर और धार्मिक स्थल
खीमसर शर्मा मंदिर, जो भगवान विष्णु को समर्पित है, जोधपुर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। नागौरी हनुमान मंदिर शहर के दक्षिण में स्थित है और इसे 'फ्लाइंग हनुमान' मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मंडोर में 333 देवियों का मंदिर परिसर (देवियों की छतरियां) एक अद्वितीय स्मारक है।
त्योहार और समारोह
तेज महोत्सव (अक्टूबर-नवंबर) जोधपुर का प्रमुख वार्षिक पर्यटन समारोह है। यह त्योहार राठौड़ राजवंश की स्थापना का जश्न मनाता है। राजस्थान सरकार के कला विभाग के अनुसार, इस समय पारंपरिक कला, संगीत, नृत्य और खेल प्रदर्शित किए जाते हैं (arts.rajasthan.gov.in)। होली, दिवाली और गणगौर यहां की अन्य प्रमुख परंपराएं हैं।
लोक संस्कृति
घूमर और घूमर नृत्य जोधपुर की विशेष लोक परंपरा है। अलवर का ढोलक संगीत और मांड गायन शैली यहां की अन्य सांस्कृतिक विशेषताएं हैं। पारंपरिक राजस्थानी भजन और कव्वाली का अभी भी जोधपुर में विशेष महत्व है।
प्रशासनिक संरचना (Prashasanik)
जिला विभाजन और तहसीलें
जोधपुर जिला वर्तमान में छह तहसीलों में विभाजित है:
- जोधपुर तहसील - मुख्य प्रशासनिक केंद्र
- बिलाड़ा तहसील - पश्चिमी क्षेत्र
- ओसियां तहसील - उत्तरी क्षेत्र
- पिंडवाड़ा तहसील - पूर्वी क्षेत्र
- खिमसर तहसील - दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र
- शेरगढ़ तहसील - दक्षिणी क्षेत्र
2006 में बोहरी (वर्तमान बिलाड़ा) और 2008 में पिंडवाड़ा को तहसील का दर्जा दिया गया था।
प्रशासनिक पदानुक्रम
जिला कलेक्टर जोधपुर का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी है। जिले में 13 विधानसभा क्षेत्र हैं, जो दो लोकसभा क्षेत्रों - जोधपुर और बाड़मेर में विभाजित हैं। जिले में लगभग 2500 गांव हैं।
RAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण MCQ
प्रश्न 1: जोधपुर की स्थापना कब हुई थी?
- (A) 1425 ईस्वी
- (B) 1459 ईस्वी
- (C) 1476 ईस्वी
- (D) 1500 ईस्वी
उत्तर: (B) 1459 ईस्वी व्याख्या: राव जोधा ने 1459 ईस्वी में जोधपुर की स्थापना की थी। यह मंडोर से अलग एक नई राजधानी थी। इस वर्ष को मारवाड़ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बिंदु माना जाता है।
प्रश्न 2: मेहरानगढ़ किले को किसने बनवाया था?
- (A) राजा जसवंत सिंह
- (B) राव जोधा
- (C) महाराजा उम्मेद सिंह
- (D) राणा कुंभा
उत्तर: (B) राव जोधा व्याख्या: मेहरानगढ़ किले का निर्माण राव जोधा ने 1459 में शुरू करवाया था। यह किला 5 किलोमीटर की परिधि में फैला है और इसे भारत के सबसे प्रभावशाली किलों में से एक माना जाता है।
प्रश्न 3: जोधपुर में सबसे बड़ा निजी महल कौन सा है?
- (A) फतेह विलास
- (B) उम्मेद भ
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