करौली जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी
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करौली जिला: RAS परीक्षा के लिए संपूर्ण प्रोफाइल
PYQ संदर्भ
RAS (Pre) 2018 में पूछा गया था: "करौली जिला किस नदी के किनारे स्थित है?" (उत्तर: चम्बल नदी)
इतिहास (History)
करौली जिला राजस्थान के पूर्वी भाग में अवस्थित है और इसका इतिहास मध्यकालीन राज-राजस्व व्यवस्था से जुड़ा है। इस क्षेत्र पर यदुवंशी राजपूतों का प्रभुत्व रहा। करौली राज्य की स्थापना 11वीं शताब्दी में हुई थी, जब गिरिराज जी (कृष्ण के भक्त) के वंश के राजाओं ने यहाँ शासन किया।
करौली का सबसे प्रसिद्ध राजा मदनपाल था, जिसके काल में 1348 ई. में मदनमहल का निर्माण हुआ। 1500 के दशक में अलाउद्दीन की सेनाओं के आक्रमण से बचाव के लिए मजबूत किले बनाए गए। मुगल काल में करौली को अहम मानसूख प्राप्त था। राजा गोपाल सिंह (1680-1700) अकबर के समय के एक प्रसिद्ध योद्धा थे।
आधुनिक युग में करौली 1876 तक एक स्वतंत्र रियासत थी। 1947 में भारतीय संघ में विलय के बाद यह राजस्थान का अभिन्न अंग बना। 1992 में करौली को अलग जिले का दर्जा दिया गया, इससे पहले यह सवाई माधोपुर जिले का हिस्सा था।
भूगोल (Geography)
भौगोलिक स्थिति
करौली जिला 25°22' से 26°21' उत्तरी अक्षांश और 75°50' से 76°48' पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 5,450 वर्ग किमी है, जो राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का 1.59% है।
नदियाँ
चम्बल नदी जिले की जीवन रेखा है, जो मध्य प्रदेश से निकलकर यमुना नदी में मिलती है। चम्बल नदी की घाटी यहाँ अत्यंत मनोरम है और राजस्थान में बाघ अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध है। पार्वती नदी और बनास नदी की सहायक धाराएँ भी यहाँ बहती हैं।
किले और संरचनाएँ
मदनमहल किला (1348 ई., जिला मुख्यालय में) - चतुष्कोणीय संरचना वाला प्रसिद्ध किला तिमणिया का किला - ऐतिहासिक महत्व रणथम्भौर किला (सवाई माधोपुर से सीमावर्ती) - बाघों के लिए प्रसिद्ध
जलवायु और उच्चावच
जिला उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु वाला है। ग्रीष्मकाल में तापमान 45°C तक पहुँचता है। वार्षिक वर्षा 600-750 मिमी होती है। जिला मुख्य रूप से समतल मैदानी भू-भाग का है।
अर्थव्यवस्था (Economy)
कृषि
करौली की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर निर्भर है। गेहूँ, मक्का, बाजरा, सरसों, और दालें मुख्य फसलें हैं। सोयाबीन का उत्पादन भी महत्वपूर्ण है। चम्बल नदी की घाटी में सिंचित कृषि अच्छी है।
खनिज संपदा
- संगमरमर: करौली राजस्थान में सफेद और गुलाबी संगमरमर के लिए प्रसिद्ध है
- चूना पत्थर: सीमेंट उद्योग के लिए महत्वपूर्ण
- बलुआ पत्थर: निर्माण सामग्री
पशुपालन और दस्तकारी
गाय-भैंस पालन एक महत्वपूर्ण आजीविका स्रोत है। मिट्टी के खिलौने और कपड़ा बुनाई की परंपरागत दस्तकारी जीवंत है। आजीविका के लिए बाघ अभयारण्य पर्यटन भी योगदान देता है।
औद्योगिक विकास
जिला अभी भी औद्योगिक विकास की प्रारंभिक अवस्था में है। छोटे पैमाने के उद्योग (खाद्य प्रसंस्करण, संगमरमर काटना) मुख्य हैं।
प्रसिद्ध स्थल, त्योहार और लोक संस्कृति
धार्मिक स्थल
कैलादेवी मंदिर (करौली में) - देवी काली को समर्पित, शक्तिपीठ माना जाता है। नवरात्रि में भारी भीड़ उमड़ती है।
मदनमोहन मंदिर - कृष्ण को समर्पित, मदनमहल किले के पास स्थित
गुलाब विहार - जैन धर्म का महत्वपूर्ण केंद्र
त्योहार
- नवरात्रि उत्सव (अगस्त-सितंबर): कैलादेवी मंदिर में भव्य मेला
- तीज और रक्षाबंधन: लोक परंपरा से जुड़े त्योहार
- होली और दिवाली: व्यापक उत्सव
लोक संस्कृति
ढोलक और नगाड़ा वाद्य यंत्र यहाँ की पारंपरिक संगीत परंपरा का अंग हैं। घूमर और घेर नृत्य महिलाओं द्वारा किए जाते हैं। पंडवानी गीत परंपरा भी स्थानीय संस्कृति को दर्शाती है।
प्रशासनिक विभाजन (Administrative Setup)
करौली जिला वर्तमान में 3 तहसीलों में विभक्त है:
- करौली तहसील - मुख्य जिला
- सपोटरा तहसील - पश्चिमी भाग
- हिंडौन सिटी तहसील - औद्योगिक केंद्र
जिला मुख्यालय: करौली शहर (जनसंख्या लगभग 80,000)
महत्वपूर्ण नगर: हिंडौन सिटी (औद्योगिक विकास के लिए प्रसिद्ध), सपोटरा
कुल विधानसभा सीटें: 1 (करौली-कैलादेवी) लोकसभा सीट: सवाई माधोपुर-करौली (कुल मिलाकर)
2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल जनसंख्या 1,458,248 है।
नोट: राजस्थान सरकार के आधिकारिक पोर्टल (rajasthan.gov.in) और जिला प्रशासन वेबसाइट पर नवीनतम प्रशासनिक विभाजन के विवरण उपलब्ध हैं।
RAS-शैली प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1
करौली राज्य की स्थापना कब हुई थी और इसके संस्थापक कौन थे?
- (A) 9वीं शताब्दी में यदुवंशी राजपूतों द्वारा
- (B) 11वीं शताब्दी में गिरिराज के वंशजों द्वारा ✓
- (C) 13वीं शताब्दी में मालवा के राजाओं द्वारा
- (D) 15वीं शताब्दी में पठान सुल्तानों द्वारा
व्याख्या: करौली राज्य की स्थापना 11वीं शताब्दी में हुई। यह कृष्ण के भक्त गिरिराज जी के वंशजों द्वारा स्थापित किया गया था। यह एक यदुवंशी राजपूत राज्य था।
प्रश्न 2
मदनमहल किला किस वर्ष में निर्मित हुआ और किसने बनवाया?
- (A) 1250 ई. में राजा विश्वभद्र ने
- (B) 1348 ई. में राजा मदनपाल ने ✓
- (C) 1400 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने
- (D) 1550 ई. में राजा भीमपाल ने
व्याख्या: मदनमहल किला करौली के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में से एक है। इसका निर्माण 1348 ई. में राजा मदनपाल द्वारा करवाया गया था। यह चतुष्कोणीय संरचना में बना है।
प्रश्न 3
करौली जिले से कौन सी नदी बहती है जो इसकी प्रमुख जल आपूर्ति का स्रोत है?
- (A) बनास नदी
- (B) चम्बल नदी ✓
- (C) कालिसिंध नदी
- (D) पार्वती नदी
व्याख्या: चम्बल नदी करौली जिले की मुख्य नदी है। यह मध्य प्रदेश से निकलकर पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है और यमुना नदी में मिलती है। चम्बल घाटी राजस्थान में बाघ संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 4
कैलादेवी मंदिर किस देवी को समर्पित है और यह कहाँ स्थित है?
- (A) देवी दुर्गा को, सवाई माधोपुर में
- (B) देवी काली को, करौली में ✓
- (C) देवी पार्वती को, हिंडौन में
- (D) देवी सीता को, सपोटरा में
व्याख्या: कैलादेवी मंदिर करौली जिले में स्थित है और देवी काली को समर्पित है। इसे शक्तिपीठ माना जाता है। नवरात्रि के समय यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है और लाखों श्रद्धालु आते हैं।
प्रश्न 5
करौली को स्वतंत्र जिले का दर्जा किस वर्ष दिया गया?
- (A) 1976 में
- (B) 1982 में
- (C) 1992 में ✓
- (D) 2000 में
व्याख्या: करौली 1992 तक सवाई माधोपुर जिले का हिस्सा था। 1992 में इसे एक अलग जिले का दर्जा दिया गया। यह राजस्थान के 33 जिलों में से एक बन गया। यह पुनर्गठन प्रशासनिक सुविधा और स्थानीय विकास के लिए किया गया था।
महत्वपूर्ण तथ्य (Key Facts)
- क्षेत्रफल: 5,450 वर्ग किमी
- जनसंख्या (2011): 1,458,248
- **साक्ष
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