राजस्थान में पंचायती राज
राजस्थान देश का पहला राज्य है जहाँ पंचायती राज की स्थापना हुई — 2 अक्टूबर 1959, नागौर जिले से (तत्कालीन PM नेहरू ने उद्घाटन किया)।
त्रिस्तरीय संरचना
- ग्राम स्तर: ग्राम पंचायत — 200-500 मतदाताओं पर एक वार्ड।
- ब्लॉक स्तर: पंचायत समिति — 15-20 ग्राम पंचायतों के लिए एक पंचायत समिति।
- जिला स्तर: जिला परिषद — जिले में सर्वोच्च निकाय।
73वाँ संविधान संशोधन (1992)
- पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया।
- 11वीं अनुसूची — 29 विषय पंचायतों को दिए।
- महिलाओं को 1/3 आरक्षण (राजस्थान में 50%)।
- 5 वर्षीय कार्यकाल और राज्य वित्त आयोग।
राजस्थान की विशेषताएँ
- ग्राम सभा — पंचायत की आधारशिला।
- सरपंच — ग्राम पंचायत का प्रमुख, प्रत्यक्ष निर्वाचन।
- प्रधान — पंचायत समिति का प्रमुख, अप्रत्यक्ष निर्वाचन।
- जिला प्रमुख — जिला परिषद का प्रमुख।
- राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 — वर्तमान संरचना का आधार।
शहरी स्थानीय निकाय
- नगर निगम — 5 लाख+ जनसंख्या
- नगर परिषद — 1-5 लाख जनसंख्या
- नगर पालिका — 20,000-1 लाख जनसंख्या
परीक्षा टिप: पहला पंचायती राज — 2 अक्टूबर 1959, नागौर | 73वाँ संशोधन 1992 | 11वीं अनुसूची — 29 विषय | राजस्थान में 50% महिला आरक्षण।