राजस्थान के जिले — Complete GK
सभी जिलों की सम्पूर्ण जानकारी — इतिहास, भूगोल, खनिज, अर्थव्यवस्था और RAS Prelims में महत्व। संभाग के अनुसार व्यवस्थित।
कुल 41 जिले · हिंदी और अंग्रेजी में · बिल्कुल मुफ्त
जयपुर संभाग (6)
जयपुर
Jaipur
📐 11,152 km²
जयपुर अपने विशिष्ट पिंक हेरिटेज वास्तुकला के लिए विश्व-प्रसिद्ध है — हवा महल, सिटी पैलेस, जंतर मंतर (UNESCO), आमेर का किला, जयगढ़, नाहरगढ़, जल महल। शिल्प-कलाओं में रत्न-जड़ाई (कुंदन-मीनाकारी), ब्लू पॉटरी, संगमरमर मूर्तिकला, बंधेज-लहरिया कपड़े, मोजड़ी जूती और हाथी-दाँत की कारीगरी प्रमुख हैं। व्यंजनों में दाल-बाटी-चूरमा, घेवर, प्याज़ कचौड़ी, मिर्ची बड़ा और लाल मांस उत्कृष्ट हैं। शिक्षा में मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT), राजस्थान विश्वविद्यालय व IIHMR उल्लेखनीय हैं। प्रतिवर्ष जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल विश्व का सबसे बड़ा निःशुल्क साहित्य उत्सव माना जाता है। पर्यटन के अतिरिक्त जयपुर भारत का सबसे बड़ा रत्न-निर्यात केंद्र भी है।
अलवर
Alwar
📐 8,380 km²
अलवर अपने सरिस्का बाघ अभयारण्य (Project Tiger की 9वीं परियोजना), भांगर्ह दुर्ग (भारत का सबसे रहस्यमयी और भुतहा किला), बाला किला, अलवर का मावा (दूध से बना मिष्ठान्न) और कलाकंद के लिए प्रसिद्ध है। पांडुपोल हनुमान मंदिर, सिलिसेढ़ झील, नीमराणा बावड़ी (कुछ हिस्सा अब अलवर में) तथा कांकवाड़ी किला यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। अलवर अब NCR का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है — मारुति सुजुकी, होंडा, सेंट गोबेन जैसी कंपनियों के संयंत्र भीवाड़ी एवं नीमराणा (अलवर) में हैं। कठूमर का गुड़ और बहरोड़-नीमराणा का चमड़ा उद्योग प्रसिद्ध है।
सवाई माधोपुर
Sawai Madhopur
📐 4,498 km²
रणथम्भोर बाघ, त्रिनेत्र गणेश, UNESCO किला
दौसा
Dausa
📐 3,432 km²
चांद बावड़ी (3500 सीढ़ियां), मेहंदीपुर बालाजी
खैरथल-तिजारा
Khairthal-Tijara
📐 2,007 km²
मेवात क्षेत्र, तिजारा जैन मंदिर, औद्योगिक क्षेत्र (NCR सीमा)
कोटपूतली-बहरोड़
Kotputli-Behror
विराटनगर स्तूप (ईसा पूर्व 3री सदी — अशोक के बौद्ध स्थल), नीमराना दुर्ग (16वीं सदी), बांसूर दुर्ग, भाबरू शिलालेख (अशोक "पियदस्सी")
जोधपुर संभाग (8)
जोधपुर
Jodhpur
📐 22,850 km²
"नीला शहर" जोधपुर अपनी नीली-रंगी ब्रह्मण-बस्ती के लिए विश्व-प्रसिद्ध है। मेहरानगढ़ क़िला (1459, राव जोधा) भारत के सर्वाधिक संरक्षित किलों में गिना जाता है। उम्मेद भवन पैलेस (1944) विश्व का सबसे बड़ा निजी निवास है। जसवंत थड़ा "मारवाड़ का ताज महल" कहलाता है। शिल्प में बंधेज, लहरिया, मोज़ड़ी, संगमरमर मूर्तिकला, चमड़ा-नक्काशी प्रसिद्ध हैं। व्यंजन: मावा कचौड़ी, मिर्ची बड़ा, मक्खनिया लस्सी, गुलाब हलवा, प्याज़ कचौड़ी। RIICO क्षेत्र में फार्मास्युटिकल, हस्तशिल्प और सीमेंट उद्योग बड़े पैमाने पर। IIT जोधपुर (2008), AIIMS जोधपुर (2012), MBM विश्वविद्यालय व राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) उल्लेखनीय शैक्षिक संस्थान हैं।
जैसलमेर
Jaisalmer
📐 38,401 km²
जैसलमेर "स्वर्ण नगरी" (Golden City) कहलाती है — यहाँ की पीली बलुआ पत्थर से बनी इमारतें सूर्य की रोशनी में सोने जैसी चमकती हैं। जैसलमेर दुर्ग ("सोनार किला", UNESCO World Heritage 2013) विश्व का अकेला "जीवित किला" है — किले के अंदर आज भी 4000+ लोग रहते हैं। पटवों की हवेली, सलीम सिंह की हवेली, नथमल की हवेली, गड़ीसर सरोवर, सम के बालू-टीले, डेजर्ट नेशनल पार्क, खुरी, कुलधरा (परित्यक्त गाँव), अकाल वुड फॉसिल पार्क, तनोट माता मंदिर (BSF संरक्षित) प्रसिद्ध हैं। डेजर्ट फेस्टिवल (फरवरी), पोकरण (परमाणु परीक्षण स्थल), और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण — राजस्थान का राज्य पक्षी) यहाँ की पहचान हैं।
बाड़मेर
Barmer
📐 28,387 km²
पेट्रोलियम, अजरख प्रिंट, जीरा उत्पादन
जालोर
Jalor
📐 10,640 km²
ईसबगोल प्रथम, ग्रेनाइट, सोनागिर किला
सिरोही
Sirohi
📐 5,136 km²
माउंट आबू, गुरुशिखर 1722 मीटर, दिलवाड़ा जैन मंदिर
पाली
Pali
📐 12,387 km²
पाली अपने रणकपुर जैन मंदिर (1437, चौमुखा शैली, 1444 स्तंभ) के लिए विश्व प्रसिद्ध है — यह आदिनाथ को समर्पित है तथा भारत के 5 सबसे बड़े जैन मंदिरों में से एक। परशुराम महादेव गुफा, ओम बन्ना मंदिर (बुलेट बाबा), जवाई डैम (Africa-of-India — लेपर्ड सफ़ारी हब), कुंभलगढ़ का सूर्य मंदिर, सादड़ी, सोनाणा खेतलाजी मंदिर, फालना (छोटा मुंबई — NRI नगरी) यहाँ के विशिष्ट स्थल हैं। पाली शहर "टेक्सटाइल हब" है — यहाँ की कपड़ा-रंगाई इकाइयाँ देश-प्रसिद्ध हैं। मारवाड़ी फेस्टिवल, बानीठनी पेंटिंग का संरक्षण, वालर नृत्य भी यहाँ की पहचान।
बालोतरा
Balotra
📐 10,551 km²
मल्लिनाथ पशु मेला, वस्त्र-रंगाई उद्योग, नाकोड़ा जैन तीर्थ, सिवाणा दुर्ग, असोतरा ब्रह्मा मंदिर
फलोदी
Phalodi
नमक उद्योग ("साल्ट टाउन"), खीचन कुरजां पक्षी अभयारण्य (डेमोसेल सारस), मई 2016 में भारत का अब तक का सर्वोच्च तापमान 51°C
उदयपुर संभाग (7)
उदयपुर
Udaipur
📐 13,430 km²
"झीलों का शहर" व "पूर्व का वेनिस" — उदयपुर की सिटी पैलेस (विश्व का सबसे बड़ा पैलेस-कॉम्प्लेक्स), लेक पैलेस (पिछोला झील में), जग मंदिर, सहेलियों की बाड़ी, फतेह सागर, मानसून पैलेस (सज्जनगढ़) विश्व-प्रसिद्ध हैं। कुम्भलगढ़ (UNESCO) की 36 किमी लंबी दीवार चीन की दीवार के बाद विश्व की दूसरी सबसे लंबी; एकलिंगजी मंदिर (मेवाड़ राजवंश के कुलदेवता), श्रीनाथजी मंदिर (नाथद्वारा, जिले के पास)। शिल्प में मेवाड़ी मीनाकारी, कठपुतली कला, चांदी की नक्काशी, पिचवाई पेंटिंग प्रसिद्ध। व्यंजन: दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्ज़ी, मावा कचौड़ी, मेवाड़ी थाली। शिक्षा में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (1962 स्थापित), राष्ट्रीय फैशन तकनीक संस्थान (NIFT उदयपुर) उल्लेखनीय।
चित्तौड़गढ़
Chittorgarh
📐 7,822 km²
चित्तौड़गढ़ अपने विशाल चित्तौड़ दुर्ग (UNESCO World Heritage Site 2013, "हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान" समूह में) के लिए प्रसिद्ध है — यह भारत का सबसे बड़ा किला है (700 एकड़, 13 km परिधि)। विजय स्तंभ (1442, राणा कुम्भा द्वारा महमूद खिलजी पर विजय की स्मृति में), कीर्ति स्तंभ (12वीं शताब्दी, जैन), पद्मिनी महल, गौ-मुख कुंड, राणा कुम्भा महल, मीरा मंदिर, फत्ता-जयमल हवेली प्रसिद्ध स्थल हैं। संत मीराबाई और भक्ति आंदोलन से इसका गहरा संबंध है। चित्तौड़ का "अफीम" (पारंपरिक रूप से) और बस्सी की लकड़ी की हस्तकला उल्लेखनीय है। हिंदुस्तान जिंक की राजपुरा-दरीबा खान यहाँ है।
डूंगरपुर
Dungarpur
📐 3,770 km²
बेणेश्वर मेला (आदिवासी महाकुंभ), फ्लोराइट प्रथम
बांसवाड़ा
Banswara
📐 5,037 km²
बाँसवाड़ा "सौ द्वीपों का जिला" तथा "राजस्थान का चेरापूँजी" कहलाता है। माही बजाज सागर बाँध (1972-83), केसरीया जी मंदिर (कलिंजरा), त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (तलवाड़ा, 51 शक्तिपीठों में), आनंद सागर झील, मानगढ़ धाम (वागड़ का जलियाँवाला, 1913), अब्दुल्ला पीर दरगाह, परशुराम महादेव, छप्पन का मैदान — सब यहाँ हैं। यहाँ की प्रसिद्ध भीली कला, रथवा घूमर नृत्य, गवरी नृत्य (40 दिवसीय), संतरा (नारंगी), तेंदू पत्ते का बीड़ी उद्योग, फ्लोराइट खनन (कांदला), जिंक एवं सीसा उद्योग प्रसिद्ध हैं। राज्य में सर्वाधिक आदिवासी जनसंख्या (76%+ — मुख्यतः भील एवं वागड़ी) यहीं।
प्रतापगढ़
Pratapgarh
📐 4,117 km²
थेवा कला GI, जाखम बांध 81 मीटर, अफीम
राजसमंद
Rajsamand
📐 4,768 km²
हल्दीघाटी 1576, कुम्भलगढ़ UNESCO 2013, राजसमंद झील
सलूम्बर
Salumber
जयसमंद झील (एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील, 1685 ई.), हाड़ी रानी महल, रूठी रानी महल, जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य
कोटा संभाग (4)
कोटा
Kota
📐 5,217 km²
कोटा देश की "कोचिंग कैपिटल" कहलाती है — JEE/NEET की तैयारी हेतु प्रति वर्ष 2 लाख+ छात्र देशभर से यहाँ आते हैं। बंसल क्लासेज़ (1981, वी.के. बंसल), एलन कैरियर इंस्टिट्यूट, रेज़ोनेंस प्रसिद्ध संस्थान हैं। कोटा डोरिया साड़ी (टोंक के कैथून-कोटा में हाथ-बुनी, GI टैग), कोटा स्टोन, चंबल गार्डन, गणेश पॉल का सिटी पैलेस, सेवन वंडर्स पार्क, चंबल रिवरफ्रंट (2023, विश्व का सबसे लंबा), जगमंदिर पैलेस, गराडिया महादेव कैन्यन (राजस्थान का ग्रांड कैन्यन), मुकुंदरा बाघ अभयारण्य, और दशहरा मेला (कोटा की 75-दिवसीय परंपरा) यहाँ के आकर्षण हैं।
झालावाड़
Jhalawar
📐 6,928 km²
संतरा नगरी, गागरोन किला UNESCO 2013, सोयाबीन
बूंदी
Bundi
📐 5,550 km²
बूंदी चित्रकला (गहरा हरा), तारागढ़, बावड़ियां
बारां
Baran
📐 6,992 km²
भांड देवरा मंदिर (खजुराहो शैली, 10वीं सदी), रामगढ़ क्रेटर (उल्कापिंड), शाहाबाद दुर्ग, सीता बाड़ी
अजमेर संभाग (6)
अजमेर
Ajmer
📐 8,481 km²
अजमेर शरीफ़ दरगाह (ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, 1236) — दक्षिण एशिया का सबसे महत्वपूर्ण सूफ़ी मक़बरा, जहाँ हर वर्ष "उर्स" मेला (रजब के 1-6 दिन) आयोजित। पुष्कर झील व ब्रह्मा मंदिर (विश्व के अति-दुर्लभ ब्रह्मा-समर्पित मंदिरों में) — कार्तिक पूर्णिमा का पुष्कर मेला विश्व का सबसे बड़ा ऊँट मेला। तारागढ़ क़िला, अढ़ाई-दिन-का-झोंपड़ा (1199, क़ुतुब-उद-दीन ऐबक निर्मित मस्जिद, चौहान काल के संस्कृत महाविद्यालय पर बनी), आना सागर, सोनीजी की नसियाँ (जैन मंदिर — 1865, सोने की हवेली) उल्लेखनीय। शिक्षा-केंद्र के रूप में मेयो कॉलेज (1875, "पूर्व का ईटन"), केंद्रीय विद्यालय का मुख्यालय, KEM रोड कोचिंग हब। शिल्प में अजमेरी ज़री-बादला, चांदी की पेटी-कारीगरी प्रसिद्ध। ब्यावर का दूध-उत्पादन, किशनगढ़ का संगमरमर अब अलग जिले में।
नागौर
Nagaur
📐 17,718 km²
देगाना टंगस्टन, मेथी, जिप्सम, नागौर पशु मेला
टोंक
Tonk
📐 7,194 km²
बीसलपुर बांध, अरबी-फारसी पुस्तकालय, एकमात्र मुस्लिम रियासत
भीलवाड़ा
Bhilwara
📐 10,455 km²
राजस्थान का मैनचेस्टर, वस्त्र उद्योग, रामपुरा-आगूचा
ब्यावर
Beawar
उत्तर भारत की सीमेंट राजधानी, श्री सीमेंट, ऐतिहासिक कपास व्यापार केंद्र
डीडवाना-कुचामन
Didwana-Kuchaman
मकराना संगमरमर (ताजमहल में प्रयुक्त), डीडवाना साल्ट झील, लाडनू जैन तीर्थ (जैन विश्व भारती)
बीकानेर संभाग (4)
बीकानेर
Bikaner
📐 30,247 km²
"लाल शहर" बीकानेर अपने जूनागढ़ क़िला (1589, राय सिंह), लालगढ़ पैलेस (1902, गंगा सिंह), देशनोक का करणी माता मंदिर (मूषक मंदिर — 25,000+ चूहों के लिए विख्यात), कोलायत झील व कपिल मुनि आश्रम के लिए प्रसिद्ध। प्रत्येक जनवरी आयोजित बीकानेर ऊँट महोत्सव अंतरराष्ट्रीय पर्यटक-आकर्षण है। शिल्प में बीकानेरी ऊन, उष्ट्र-चर्म कला, मीनाकारी, उषा-सूती कशीदा, हस्त-निर्मित कागज। व्यंजन-जगत में "बीकानेरी भुजिया" (GI टैग, 2010), रसगुल्ला, घेवर, कचौड़ी, गोले-काजू-मठरी, बीकानेरी ज़र्दा प्रसिद्ध हैं। हल्दीराम ब्रांड की उत्पत्ति बीकानेर है। शिक्षा में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर (RAU, 1987), और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान निर्माणाधीन।
चूरू
Churu
📐 16,830 km²
ताल छापर (काले हिरण, कुरजां), सालासर बालाजी, ददरेवा (गोगाजी)
हनुमानगढ़
Hanumangarh
📐 12,645 km²
हनुमानगढ़ कालीबंगा सिंधु घाटी स्थल (विश्व का सर्वप्राचीन जुता हुआ खेत यहीं मिला) के लिए प्रसिद्ध है — साथ ही यहाँ अग्नि-वेदियाँ, अंकित मुहरें, मिट्टी के बर्तन मिले। भटनेर का किला (राजस्थान का सबसे प्राचीन किला), गोगा मेढ़ी (गोगाजी का प्रसिद्ध मंदिर — भाद्रपद कृष्ण नवमी पर देशभर से भक्त आते हैं), श्रीराम नवमी मेला (पीलीबंगा), तलवाड़ा झील, सिल्ला माता मंदिर प्रसिद्ध हैं। हनुमानगढ़ "धान-कटोरा" (paddy bowl) कहलाता है — गेहूँ, सरसों, धान, कपास की उत्पादकता उच्च है। सरस्वती-नदी अनुसंधान केंद्र भी यहीं स्थित है।
श्रीगंगानगर
Sri Ganganagar
📐 7,984 km²
श्रीगंगानगर अपनी कृषि उत्पादकता ("राजस्थान का पंजाब") के लिए विख्यात है — गेहूँ, सरसों, कपास, चना, कीनू (किनू, संतरा) यहाँ की प्रमुख फसलें हैं। श्रीगंगानगर का "किनू" GI टैग प्राप्त है। हिंदुमलकोट सीमा (पाकिस्तान बॉर्डर), अनूपगढ़ का किला, गुरुद्वारा बुड्ढा जोहड़ (सिख तीर्थ), लैला-मजनूँ की मज़ार (बिनजौर) यहाँ के दर्शनीय स्थल हैं। श्रीगंगानगर को "बागानों का जिला" भी कहते हैं। यहाँ की कपास मिल, बीज विकास निगम, एवं स्प्रिंग्डेल कॉटन मिल प्रसिद्ध हैं। राजस्थान में सबसे अधिक प्रति-व्यक्ति आय वाले जिलों में से एक।
भरतपुर संभाग (4)
भरतपुर
Bharatpur
📐 5,066 km²
भरतपुर अपने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (घना पक्षी विहार, UNESCO Heritage 1985) के लिए विश्व प्रसिद्ध है — यहाँ 370+ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। लोहागढ़ दुर्ग (अजेय किला), डीग के जलमहल, बयाना के कुषाणकालीन अवशेष, उषा मंदिर (बयाना), गंगा मंदिर एवं बांकेबिहारी मंदिर प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। डीग के जलमहल जयपुर के सिटी पैलेस से भी पहले बने थे। यहाँ का "जाट कुश्ती" खेल और भरतपुर का दूध-मक्खन प्रसिद्ध है। गोपालगढ़ का गुड़, बयाना का बेसन तथा कामवन का खजला (मिठाई) यहाँ की पहचान हैं।
करौली
Karauli
📐 5,043 km²
कैलादेवी, लाल पत्थर, घड़ियाल, 1857 मदन पाल
धौलपुर
Dholpur
📐 3,033 km²
लाल पत्थर (Parliament में), राजस्थान सबसे छोटा जिला
डीग
Deeg
📐 2,169 km²
डीग महल (जाट राजाओं का), चौरासी खंभा कामां, आदि बद्रीनाथ धाम, बहज पुरातात्विक स्थल (सिंधु घाटी से गुप्त काल तक)
शेखावाटी संभाग (2)
झुंझुनू
Jhunjhunu
📐 5,928 km²
खेतड़ी ताम्र नगरी HCL, शेखावाटी भित्तिचित्र
सीकर
Sikar
📐 7,732 km²
सीकर "शेखावाटी की राजधानी" कहलाती है तथा यह विश्व प्रसिद्ध शेखावाटी हवेलियों एवं भित्ति-चित्र (फ्रेस्को पेंटिंग्स) के लिए विख्यात है — रामगढ़, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, नवलगढ़ की हवेलियाँ "ओपन एयर आर्ट गैलरी" कहलाती हैं। खाटूश्याम जी का मंदिर (बर्बरीक/सांवलिया सेठ) यहाँ का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है — फाल्गुन मास में लाखों श्रद्धालु आते हैं। जीणमाता मंदिर (शक्तिपीठ), हर्षनाथ का मंदिर, साँखू का जैन मंदिर, देवगढ़ की छतरियाँ प्रसिद्ध हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सीकर भारत का प्रमुख कोचिंग केंद्र (सेकंड कोटा) है — JEE/NEET की तैयारी के लिए। यहाँ का "गलकाँ" (तिल-गुड़ की मिठाई) एवं "बेसन की चक्की" प्रसिद्ध है।
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