District GK · RAS Prelims
कोटा जिला
Kota District · Rajasthan
🏛️ कोटा संभाग📐 5,217 km²👥 19,51,014
📊 एक नज़र में
| संभाग | कोटा |
| क्षेत्रफल | 5,217 km² |
| जनसंख्या (2011) | 19,51,014 |
| साक्षरता दर | 76.56% |
| लिंगानुपात | 911 |
⭐ प्रसिद्ध है
कोटा देश की "कोचिंग कैपिटल" कहलाती है — JEE/NEET की तैयारी हेतु प्रति वर्ष 2 लाख+ छात्र देशभर से यहाँ आते हैंजहाँ कई प्रमुख कोचिंग संस्थान स्थित हैंकोटा डोरिया साड़ी (कैथून-कोटा में हाथ-बुनीGI टैग)कोटा स्टोनचंबल गार्डनसिटी पैलेस (गणेश पोल)सेवन वंडर्स पार्कचंबल रिवरफ्रंट (2023भारत का पहला व विश्व का पहला हेरिटेज रिवरफ्रंट
इतिहास
कोटा का प्राचीन नाम "कोटियाह" था। 1264 में जैत सिंह ने कोटा बसाया, परंतु आधुनिक रियासत 1631 में राव माधो सिंह ने स्थापित की — यह बूँदी रियासत से अलग होकर बनी। शाहजहाँ ने इस अलगाव को मान्यता दी। 1707 में औरंगज़ेब के बाद मराठा-राजपूत संघर्ष हुआ। 1817 में अंग्रेजों के साथ संधि। दीवान झाला ज़ालिम सिंह (1758-1824) ने कोटा को संगठित प्रशासन एवं सेना दी — जेम्स टॉड ने उन्हें "राजस्थान का मैकियावेली" कहा (लोकप्रिय रूप से "हाड़ौती का बिस्मार्क" भी कहा जाता है)। कोटा राज्य मार्च 1948 में राजस्थान संघ के प्रथम चरण में शामिल हुआ और प्रारंभ में संघ की राजधानी भी रहा। आधुनिक कोटा JK सिंथेटिक्स, इंस्ट्रुमेंटेशन लिमिटेड, चंबल फर्टिलाइज़र्स के कारण औद्योगिक केंद्र बना तथा 1980 के दशक से निजी कोचिंग संस्थानों ने इसे कोचिंग कैपिटल बनाया।
भूगोल
कोटा जिला राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में हाड़ौती क्षेत्र में स्थित है। उत्तर में सवाई माधोपुर एवं बूँदी, पूर्व में बारां, दक्षिण एवं पश्चिम में मध्य प्रदेश (श्योपुर, मंदसौर) तथा झालावाड़ से सीमा बनाता है। कुल क्षेत्रफल लगभग 5,217 वर्ग किमी है। जिले से चंबल नदी (राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी) गुजरती है — यह देश के सबसे साफ़ नदियों में से एक है। कोटा बैराज (1960), जवाहर सागर एवं राणा प्रताप सागर बाँध इसी पर बने हैं। मुकंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (अधिसूचित 2004, दर्रा; 2013 में टाइगर रिज़र्व घोषित, 759 वर्ग किमी) यहीं स्थित है। मिट्टी मुख्यतः काली एवं लाल; जलवायु अर्ध-शुष्क।
खनिज संपदा
चूना पत्थर
अर्थव्यवस्था
कोटा कोचिंग एवं शिक्षा उद्योग के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, जो यहाँ की एक बड़ी आर्थिक गतिविधि बन चुकी है। रासायनिक/उर्वरक उद्योग, चंबल सिंचाई आधारित कृषि तथा 'कोटा स्टोन' खनन भी प्रमुख स्रोत हैं।
📋 परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- •कोटा डोरिया GI 2005
- •कोटा बैराज (1960)
- •IIIT कोटा (2013)
- •चंबल फर्टिलाइज़र्स (गडेपान)