परिचय
1857 की क्रांति (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम) राजस्थान में भी फैली। मुख्यतः सैन्य छावनियों में विद्रोह। अधिकांश राजपूत शासकों ने अंग्रेज़ों का साथ दिया।
राजस्थान में क्रांति के केंद्र
1. नसीराबाद (अजमेर): 28 मई 1857 — राजस्थान में सबसे पहले विद्रोह। 15वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री।
2. देवली (टोंक): 4 अगस्त 1857 — 72वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री।
3. एरिनपुरा (पाली): 21 अगस्त 1857 — जोधपुर लीजन का विद्रोह।
कोटा का विद्रोह — सबसे तीव्र
15 अक्टूबर 1857। लाला जयदयाल और मेहराब खान के नेतृत्व में। मेजर बर्टन और दोनों पुत्रों की हत्या। मार्च 1858 में करौली राजा मदन पाल ने कोटा को मुक्त कराया।
आऊवा का युद्ध
आऊवा (पाली) के ठाकुर कुशाल सिंह चांपावत ने अंग्रेज़ों का खुला विद्रोह किया। पोलिटिकल एजेंट मेक मेसन की हत्या।
तात्या टोपे
1858-59 में राजस्थान में अभियान। 18 अप्रैल 1859 को शिवपुरी में फाँसी।
RAS Prelims में महत्व
नसीराबाद = राजस्थान में प्रथम विद्रोह (28 मई 1857)। कोटा = सबसे तीव्र विद्रोह। आऊवा = एकमात्र खुला राजपूत विद्रोह। अधिकांश राजाओं ने अंग्रेज़ों का साथ — कारण: 1817-18 की संधियाँ।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में हुआ और 30 मार्च 1949 को 'वृहत् राजस्थान' बना।
- •महाराणा प्रताप ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध अकबर के सेनापति मानसिंह से लड़ा।
- •फड़ चित्रकला श्रीलालजी चितेरे जाति द्वारा बनाई जाती है; पाबूजी और देवनारायणजी की फड़ प्रसिद्ध है।
- •घूमर राजस्थान का राज्य नृत्य है और भीलों का प्रमुख नृत्य गैर है।
- •चित्तौड़गढ़ का किला राजस्थान का सबसे बड़ा किला है; इसे 'राजस्थान का गौरव' कहते हैं।