5 मई 2026 · 5 May 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
1857 से पूर्व के विद्रोह
Pre-1857 revolts
संथाल विद्रोह (हूल, 1855-56) — सिद्धू व कान्हू; संन्यासी-फकीर विद्रोह आनंदमठ में चित्रित।
मुख्य तथ्य
- •1857 से पूर्व के विद्रोह।
- •संथाल (1855-56), कोल (1831), पाइका (1817), संन्यासी।
- •कारण — भू-राजस्व, जमींदारी शोषण, वन अधिकार।
- •स्थानीय व असंगठित; जन-असंतोष की नींव।
- •राजस्थान — भील विद्रोह (गोविंद गुरु, मानगढ़)।
1857 के विद्रोह से पूर्व के विभिन्न विद्रोहों (pre-1857 revolts) की चर्चा हुई। ब्रिटिश शासन के विरुद्ध 1857 से पहले कई नागरिक, आदिवासी व किसान विद्रोह हुए — संन्यासी विद्रोह (बंगाल), संथाल विद्रोह (1855-56), कोल विद्रोह (1831), भील विद्रोह, रामोसी, पाइका विद्रोह (1817, ओडिशा), तथा फकीर विद्रोह। इनके कारण थे — भू-राजस्व नीतियाँ, जमींदारी शोषण, वन अधिकारों पर अंकुश व सांस्कृतिक हस्तक्षेप। यद्यपि ये स्थानीय व असंगठित थे, इन्होंने औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध जन-असंतोष की नींव रखी। राजस्थान में भी भील व अन्य विद्रोह हुए।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
नागरिक, जनजातीय व सैन्य विद्रोह आधुनिक भारतीय इतिहास में अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
प्रमुख विद्रोह — संन्यासी, संथाल (1855-56), कोल (1831), पाइका (1817), भील। कारण — भू-राजस्व, वन अधिकार, सांस्कृतिक हस्तक्षेप। राजस्थान — भील विद्रोह (गोविंद गुरु)।
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