मुख्य सामग्री पर जाएं
📚 भारतीय इतिहास

विजयनगर साम्राज्य: वंश, कृष्णदेवराय व तालिकोटा | RAS

Vijayanagara Empire: Dynasties and Talikota | RAS

⏱ 12 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: मार्च 2026· Indian History

विजयनगर साम्राज्य का परिचय

विजयनगर साम्राज्य मध्यकालीन दक्षिण भारत का सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली राज्य था, जो 1336 से 1565 (तालिकोटा की लड़ाई) तक एक प्रमुख शक्ति रहा। इसकी स्थापना हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने की थी, जो प्रारंभ में दक्षिण के कम्पिली राज्य के अधिकारी थे। "विजयनगर" नाम का अर्थ "विजय का शहर" है, जो इसकी राजधानी शहर से लिया गया था। यह साम्राज्य मध्यकाल में हिंदू सांस्कृतिक पुनर्जागरण, कला, वास्तुकला और साहित्य का प्रतीक बन गया। इसने उत्तर से इस्लामिक आक्रमणों का सफलतापूर्वक प्रतिरोध किया और हिंदू परंपराओं को बनाए रखा। साम्राज्य का पतन 1565 में तालिकोटा की लड़ाई में भारी पराजय के बाद शुरू हुआ।

मुख्य अवधारणाएँ

1. संस्थापना और प्रारंभिक इतिहास

विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 में हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम द्वारा दक्कन क्षेत्र में की गई थी। प्रारंभ में वे दक्षिण के कम्पिली राज्य के अधिकारी थे; दिल्ली सल्तनत के संपर्क में आने के बाद उन्होंने तुंगभद्रा क्षेत्र में स्वतंत्र राज्य की नींव रखी और धीरे-धीरे अपनी शक्ति का विस्तार किया। (बहमनी सल्तनत की स्थापना 1347 में हुई, यानी विजयनगर के बाद।) तुंगभद्रा नदी के पास का सामरिक स्थान रक्षा और व्यापार मार्गों पर नियंत्रण दोनों प्रदान करता था। बहमनी सल्तनत की स्थापना के बाद प्रारंभिक शासकों ने उसके विरुद्ध अपने क्षेत्रों को मजबूत किया।

2. प्रशासन और शासन व्यवस्था

साम्राज्य एक परिष्कृत प्रशासनिक प्रणाली द्वारा शासित था जिसमें राजा सर्वोच्च प्राधिकार था। राज्य को प्रांतों में विभाजित किया गया था, प्रत्येक पर एक राज्यपाल या उप-राजा का शासन था। एक सुसंगठित सैन्य पदानुक्रम केंद्रीय प्राधिकार का समर्थन करता था। साम्राज्य विदेशी शक्तियों के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखता था और एक जटिल राजस्व संग्रह प्रणाली विकसित करता था।

3. सैन्य संगठन और युद्ध कला

विजयनगर की सेना अत्यधिक संगठित थी और इसमें पैदल सेना, घुड़सवार और युद्ध हाथी शामिल थे। साम्राज्य बड़ी स्थायी सेनाएं बनाए रखता था और उन्नत सैन्य रणनीति का उपयोग करता था। किलेबंदी को आक्रमणों से बचाव के लिए पूरे साम्राज्य में रणनीतिक रूप से बनाया गया था। यह सैन्य शक्ति साम्राज्य को बहमनी सल्तनत और बाद में दक्कन सल्तनतों के कई आक्रमणों का प्रतिरोध करने में सक्षम बनाती थी।

4. सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व

विजयनगर मध्यकाल में हिंदू सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र था। साम्राज्य ने संस्कृत, तेलुगु, कन्नड़ और तमिल साहित्य को संरक्षण दिया। कृष्णदेवराय ने स्वयं तेलुगु ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' की रचना की। हिंदू मंदिरों का विशाल पैमाने पर निर्माण किया गया, जो वास्तुकला के चमत्कार बन गए। दरबार ने संस्कृत ज्ञान की परंपरा को बनाए रखा और संगीत, नृत्य और नाटक जैसी शास्त्रीय कलाओं का समर्थन किया।

5. आर्थिक समृद्धि और व्यापार

साम्राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि, व्यापार और शिल्प पर आधारित थी। विजयनगर महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों को नियंत्रित करता था जो अरब सागर और हिंद महासागर को जोड़ते थे। यह शहर एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र बन गया जहां अरब, पुर्तगाल और अन्य क्षेत्रों से व्यापारी व्यापार करते थे। समृद्ध कृषि उत्पादन, विशेष रूप से कपास और मसालों में, पर्याप्त राजस्व उत्पन्न करता था।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • 1336 में हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम द्वारा तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थापित।
  • साम्राज्य कृष्णदेवराय (1509-1529) के अधीन अपने चरम पर पहुंचा, जो तुलुव वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक थे।
  • तालिकोटा की लड़ाई (1565) एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसमें साम्राज्य दक्कन सल्तनतों के गठबंधन से हार गया।
  • विजयनगर (हम्पी) मध्यकालीन दुनिया के सबसे बड़े और समृद्ध शहरों में गिना जाता था, जिसका वर्णन विदेशी यात्रियों ने किया है।
  • हम्पी का विरुपाक्ष मंदिर (विजयनगर से पहले का, जिसका विस्तार विजयनगर शासकों ने कराया), विट्ठल मंदिर और हजारा राम मंदिर विजयनगर काल की वास्तुकला के प्रमुख उदाहरण हैं।
  • पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस ने साम्राज्य का दौरा किया और इसकी भव्यता का वर्णन लिखा।
  • साम्राज्य के चार प्रमुख वंश थे: संगम, सलुव, तुलुव और अरविडु।
  • विजयनगर के बंदरगाहों से अरब, फारस और पुर्तगाल के व्यापारियों के साथ समुद्री व्यापार होता था।
  • विजयनगर में तेलुगु, कन्नड़, तमिल और संस्कृत साहित्य का विकास हुआ। (दक्कनी भाषा बहमनी/दक्कन सल्तनतों में विकसित हुई, विजयनगर में नहीं।)
  • विजयनगर स्थापत्य शैली ने सदियों तक पूरे दक्षिण भारत में मंदिर निर्माण को प्रभावित किया।

प्रमुख शासक और वंश

संगम वंश (1336-1485): संस्थापक वंश जिसने साम्राज्य की स्थापना की और अपने क्षेत्रों का विस्तार किया।

सलुव वंश (1485-1505): एक अपेक्षाकृत अल्पकालिक वंश जिसने प्रशासनिक सुधार में योगदान दिया।

तुलुव वंश (1505-1570): कृष्णदेवराय के अधीन सबसे शक्तिशाली और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध काल, जो कला संरक्षण और सैन्य विस्तार के लिए जाना जाता है।

अरविडु वंश (1570-1646): तालिकोटा की लड़ाई (1565) के बाद साम्राज्य के पतन के काल में शासन किया। (तालिकोटा के बाद सदाशिव राय नाममात्र के शासक रहे।)

वंशअवधिमुख्य बात
संगम1336-1485हरिहर प्रथम व बुक्का प्रथम द्वारा स्थापना
सलुव1485-1505अल्पकालिक वंश
तुलुव1505-1570कृष्णदेवराय (1509-1529) के अधीन चरम
अरविडु1570-1646तालिकोटा (1565) के बाद पतन का काल
विजयनगर साम्राज्य — प्रमुख तिथियाँ
  1. 1336हरिहर व बुक्का द्वारा स्थापना
  2. 1347बहमनी सल्तनत की स्थापना
  3. 1509कृष्णदेवराय का राज्यारोहण
  4. 1565तालिकोटा की लड़ाई
  5. 1646अरविडु वंश के शासन का अंत

परीक्षा के सुझाव

  • चार वंशों और उनके कालक्रमिक क्रम को याद रखें: संगम → सलुव → तुलुव → अरविडु
  • कृष्णदेवराय परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण शासक हैं - उनकी उपलब्धियों और शासनकाल का अच्छी तरह अध्ययन करें
  • तालिकोटा की लड़ाई (1565) एक महत्वपूर्ण मोड़ है; इसके कारणों और परिणामों को समझें
  • विरुपाक्ष मंदिर और मंदिर गोपुरों जैसे वास्तुकला योगदान पर ध्यान दें
  • प्रशासन प्रणाली, राजस्व संग्रह और शासन संरचना का अध्ययन अंक प्राप्ति के लिए करें
  • बेहतर समझ के लिए विजयनगर की तुलना दक्कन की समकालीन इस्लामिक सल्तनतों से करें
  • साम्राज्य की भौगोलिक सीमा और हम्पी (राजधानी), पेनुकोंडा व चंद्रगिरि (बाद की राजधानियाँ) जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जानें
  • विभिन्न अवधि के दौरान साम्राज्य के विस्तार और संकुचन को दिखाने वाले मानचित्रों का अभ्यास करें
  • मुख्य तारीखें याद रखें: 1336 (संस्थापना), 1509 (कृष्णदेवराय का राज्यारोहण), 1565 (तालिकोटा की लड़ाई)
  • वर्णनात्मक और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का उत्तर देने के लिए सांस्कृतिक उपलब्धियों और साहित्य का अध्ययन करें

सारांश

विजयनगर साम्राज्य मध्यकालीन भारतीय इतिहास का एक उल्लेखनीय अध्याय है, जो इस्लामिक शासन के विस्तार के दौरान हिंदू सांस्कृतिक और सैन्य लचीलेपन का प्रतिनिधित्व करता है। 1336 में स्थापित, यह कृष्णदेवराय के अधीन अपने चरम पर पहुंचा, कला, वास्तुकला और साहित्य का केंद्र बन गया। साम्राज्य की परिष्कृत प्रशासन, मजबूत सैन्य संगठन और आर्थिक समृद्धि इसे मध्यकालीन दुनिया के सबसे महान राज्यों में से एक बनाती है। हालांकि 1565 में तालिकोटा की लड़ाई में उसकी हार हुई, इसकी सांस्कृतिक विरासत, शानदार मंदिर और प्रशासनिक नवाचार दक्षिण भारतीय सभ्यता को प्रभावित करना जारी रखते हैं।

⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • •मोहनजोदड़ो का अर्थ है 'मृतकों का टीला'; यह पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है।
  • •अशोक ने 261 ई.पू. कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाया और धम्म नीति अपनाई।
  • •कबीर दास ने निर्गुण भक्ति का प्रचार किया; उनके गुरु रामानंद थे।
  • •1857 की क्रांति का तात्कालिक कारण एनफील्ड राइफल की चर्बी वाली कारतूस थी।
  • •INC की स्थापना 1885 में ए.ओ. ह्यूम ने की; प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी थे।
इस टॉपिक को पूरा करने के बाद मार्क करें — सिलेबस प्रगति में जुड़ जाएगा।

✍️ 5 सवाल हल करें

पढ़ने के बाद खुद को परखें — सभी सवाल हल करके अपनी streak बढ़ाएं। 🔥

5 में से 0 हल किए
1

रजिया सुल्तान किसकी थीं?

2

कुतुबुद्दीन ऐबक किसका गुलाम था?

3

भारत में चिश्ती सिलसिले की स्थापना किसने की थी:

4

मनसबदारी सिस्टम किसने शुरू किया था?

5

बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया:

अगला कदम
📝 RAS Prelims की तैयारी कर रहे हैं?
8 फ्री फुल-लेंथ मॉक टेस्ट — असली परीक्षा जैसा पैटर्न, नेगेटिव मार्किंग और डिटेल्ड एनालिसिस के साथ।
शुरू करें →

संबंधित गाइड

अगला कदम: आगे पढ़ें और अभ्यास करें

इस टॉपिक से जुड़े पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ)

आधिकारिक प्रश्नपत्रों के असली प्रश्न, उत्तर सहित।

  1. RAS 2015

    सुमेलित कीजिए : सूची-I (स्थापत्य शैली) (a) मेहराब के निचले भाग पर कमल-कली की झालर (b) अष्टकोणीय मकबरे का उद्भव (c) स्तंभों में बोधिगै का प्रयोग (d) ढलवाँ दीवारों वाला विशाल प्रवेश द्वार सूची-II (संबंधित वंश) (I) शर्की (II) विजयनगर (III) खिलजी (IV) तुगलक

    1. (A) a-II, b-I, c-IV, d-II
    2. (B) a-II, b-I, c-IV, d-III
    3. (C) a-I, b-III, c-IV, d-II
    4. (D) a-III, b-IV, c-II, d-I

    उत्तर: (D) a-III, b-IV, c-II, d-I

  2. RAS 2021

    निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए- कथन 1 : विजयनगर के शासक कृष्णदेवराय ने 'आमुक्तमाल्यद' ग्रंथ की रचना की। कथन 2 : कृष्णदेवराय को आंध्र भोज के नाम से भी जाना जाता है। कथन 3 : संस्कृत और तमिल में निपुण राजकवि अल्लसानी पेद्दना उनके दरबार की शोभा बढ़ाते थे। कूट-

    1. (A) कथन 1 सत्य है
    2. (B) कथन 2 सत्य है
    3. (C) कथन 1 और 2 दोनों सत्य हैं
    4. (D) तीनों कथन सत्य हैं

    उत्तर: (C) कथन 1 और 2 दोनों सत्य हैं

  3. RAS 2016

    निम्नलिखित में से किसने 9वीं शताब्दी ई. में चोल साम्राज्य की नींव रखी?

    1. (A) विजयालय
    2. (B) कृष्ण प्रथम
    3. (C) परांतक
    4. (D) राजराज चोल

    उत्तर: (A) विजयालय