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RAS Prelims 2026 — तैयारी जारी रखें·4 जून 2026
District GK · RAS Prelims
उदयपुर जिला
Udaipur District · Rajasthan
🏛️ उदयपुर संभाग📐 13,430 km²👥 30,68,420
📊 एक नज़र में
| संभाग | उदयपुर |
| क्षेत्रफल | 13,430 km² |
| जनसंख्या (2011) | 30,68,420 |
| साक्षरता दर | 61.82% |
| लिंगानुपात | 958 |
⭐ प्रसिद्ध है
"झीलों का शहर" व "पूर्व का वेनिस" — उदयपुर की सिटी पैलेस (विश्व का सबसे बड़ा पैलेस-कॉम्प्लेक्स)लेक पैलेस (पिछोला झील में)जग मंदिरसहेलियों की बाड़ीफतेह सागरमानसून पैलेस (सज्जनगढ़) विश्व-प्रसिद्ध हैंकुम्भलगढ़ (UNESCO) की 36 किमी लंबी दीवार चीन की दीवार के बाद विश्व की दूसरी सबसे लंबीएकलिंगजी मंदिर (मेवाड़ राजवंश के कुलदेवता)श्रीनाथजी मंदिर (नाथद्वाराजिले के पास)
इतिहास
उदयपुर शहर की स्थापना 1559 में महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने की — मेवाड़ की चौथी राजधानी (पहली नागदा-आहाड़, फिर चित्तौड़, फिर मारवाड़ की ओर शिफ्ट)। मेवाड़ राजवंश का इतिहास 8वीं शताब्दी (बप्पा रावल) से 1947 तक — विश्व का सबसे लंबा राजवंशीय शासन (1,400+ वर्ष)। प्रमुख शासक: रावल रतन सिंह (अलाउद्दीन खिलजी से 1303 चित्तौड़ संघर्ष), राणा कुम्भा (विजय स्तंभ निर्माता), राणा सांगा (खानवा युद्ध 1527 बाबर के विरुद्ध), महाराणा प्रताप (1572-97, हल्दीघाटी 18 जून 1576), अमर सिंह प्रथम (1615 में जहांगीर से संधि)। 1818 में मेवाड़ ब्रिटिश संरक्षण में आया परंतु अद्वितीय गौरव बनाए रखा। 1857 के विद्रोह के दौरान महाराणा स्वरूप सिंह ने अंग्रेज़ शरणार्थियों को सुरक्षित आश्रय दिया। 1949 में मेवाड़ ग्रेटर राजस्थान में मिला। आज महाराणा प्रताप का जन्म-स्थल कुम्भलगढ़ UNESCO धरोहर सूची में सम्मिलित है।
भूगोल
उदयपुर जिला राजस्थान के दक्षिणी भाग में अरावली पर्वतमाला की गोद में स्थित है — क्षेत्रफल 13,430 वर्ग किमी। उत्तर में राजसमंद, पूर्व में चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़, दक्षिण में डूंगरपुर, और पश्चिम में पाली व सिरोही से सीमाबद्ध। मेवाड़ क्षेत्र का हृदय कहलाता है। औसत समुद्र-तल से ऊँचाई 600 मी; जरगा (1,431 मी) जिले का सर्वोच्च बिंदु है। प्रमुख नदियाँ: बेड़च, बनास की सहायक, साबरमती के स्रोत-क्षेत्र। प्रसिद्ध झीलें — पिछोला, फतेहसागर, उदयसागर, स्वरूपसागर, राजसमंद (राजसमंद जिले के साथ साझा) — उदयपुर को "झीलों का शहर" बनाती हैं। जलवायु अर्ध-शुष्क से उप-आर्द्र — गर्मी 24–38°C, सर्दी 5–25°C; वर्षा 600–700 मिमी (राज्य औसत से अधिक)। मिट्टी: काली व लाल-पीली; सघन वन-क्षेत्र (फुलवारी की नाल, सीताफल पहाड़ी)। प्रशासनिक रूप से 13 तहसीलें; जिंक खनन (हिंदुस्तान ज़िंक) व संगमरमर के लिए महत्वपूर्ण।
खनिज संपदा
जस्ता-सीसा (जावर), संगमरमर
अर्थव्यवस्था
उदयपुर की अर्थव्यवस्था में जस्ता-सीसा खनन (जावर क्षेत्र) का ऐतिहासिक एवं प्रमुख स्थान है। संगमरमर सहित खनिज, तथा 'झीलों की नगरी' के रूप में पर्यटन यहाँ की बड़ी आर्थिक गतिविधियाँ हैं।
📋 परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- •HZL मुख्यालय
- •IIM उदयपुर
- •जावर — विश्व की सबसे बड़ी सीसा-जस्ता खान