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RAS Prelims 2026 — तैयारी जारी रखें·4 जून 2026
District GK · RAS Prelims
बीकानेर जिला
Bikaner District · Rajasthan
🏛️ बीकानेर संभाग📐 30,247 km²👥 23,63,937
📊 एक नज़र में
| संभाग | बीकानेर |
| क्षेत्रफल | 30,247 km² |
| जनसंख्या (2011) | 23,63,937 |
| साक्षरता दर | 65.13% |
| लिंगानुपात | 905 |
⭐ प्रसिद्ध है
"लाल शहर" बीकानेर अपने जूनागढ़ क़िला (1589राय सिंह)लालगढ़ पैलेस (1902गंगा सिंह)देशनोक का करणी माता मंदिर (मूषक मंदिर — 25000+ चूहों के लिए विख्यात)कोलायत झील व कपिल मुनि आश्रम के लिए प्रसिद्धप्रत्येक जनवरी आयोजित बीकानेर ऊँट महोत्सव अंतरराष्ट्रीय पर्यटक-आकर्षण हैशिल्प में बीकानेरी ऊनउष्ट्र-चर्म कला
इतिहास
बीकानेर शहर की स्थापना 1488 में राव बीका ने की — जो जोधपुर के संस्थापक राव जोधा के पुत्र थे। राठौड़ वंश की एक शाखा द्वारा शासित यह राज्य 1488 से 1947 तक स्वतंत्र रहा। प्रमुख शासक: राव जैत सिंह (अकबर के समकालीन, मुग़ल मनसबदार), राय सिंह (1571-1611, अकबर के नवरत्नों में, बीकानेर का जूनागढ़ क़िला निर्माता), अनूप सिंह (औरंगज़ेब के मनसबदार, संगीत-प्रेमी), सूरत सिंह (मराठा-पिंडारी संघर्ष), गंगा सिंह (1887-1943, "आधुनिक बीकानेर के निर्माता" — गंग नहर निर्माण, बीकानेर रियासत प्रशासनिक सुधार, चेम्बर ऑफ़ प्रिंसेस के संस्थापक-सदस्य)। 1947-49 में बीकानेर प्रथम राजसी राज्य था जो भारत-अधिवेशन में शामिल हुआ। महाराजा गंगा सिंह ने 1899 के अकाल के दौरान विशेष राहत-कार्य किए, जिसके लिए "मरुस्थल का गांधी" कहलाए। बीकानेर ने प्रथम विश्व युद्ध में अंग्रेज़ी सेना को 'गंगा रिसाला' (ऊँट-घुड़सवार दल) उपलब्ध कराया।
भूगोल
बीकानेर जिला राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी भाग में थार मरुस्थल के मध्य स्थित है — क्षेत्रफल 30,247 वर्ग किमी, राज्य का तीसरा सबसे बड़ा जिला (बाड़मेर व जोधपुर के बाद)। उत्तर में श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़, पूर्व में चूरू, दक्षिण में नागौर व जोधपुर, पश्चिम में जैसलमेर एवं पाकिस्तान सीमा (खारिजावाला सेक्टर)। पूर्ण रूप से रेगिस्तानी — रेतीले मैदान व बालुका-स्तूब (220–300 मी ऊँचाई)। कोई स्थायी नदी नहीं; इंदिरा गांधी नहर (1958-2010) क्षेत्रीय जल-जीवन-रेखा है। प्रमुख जलाशय: कोलायत, गजनेर। जलवायु अति-शुष्क — गर्मी 28–48°C (मई-जून सर्वाधिक), सर्दी −2 से 25°C; वार्षिक वर्षा मात्र 250–350 मिमी। बीकानेरी ऊन व ऊँट प्रजनन के लिए राज्य का प्रमुख क्षेत्र। राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र — ऊँट (NRCC, 1984) यहाँ स्थापित। 7 तहसीलें; मरुभूमि के विकास में बीकानेर मॉडल अंतरराष्ट्रीय अध्ययन का विषय।
खनिज संपदा
जिप्सम, लिग्नाइट
अर्थव्यवस्था
बीकानेर की अर्थव्यवस्था में नमकीन-भुजिया खाद्य उद्योग प्रसिद्ध है। ऊन और ऊँट आधारित गतिविधियाँ, सौर ऊर्जा परियोजनाएँ तथा पर्यटन (किले-हवेलियाँ) भी आय के प्रमुख स्रोत हैं। शुष्क क्षेत्र की कृषि और पशुपालन ग्रामीण आजीविका का आधार हैं।
📋 परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- •राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र
- •जोड़बीड़ — एशिया सबसे बड़ा गिद्ध आश्रय
- •गंगनहर 1927