सीकर जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी
2018 की RAS Prelims परीक्षा में पूछा गया था: "सीकर जिले का मुख्यालय कहाँ है?" इस प्रश्न के माध्यम से स्पष्ट है कि शेखावाटी क्षेत्र की प्रशासनिक संरचना RPSC के दृष्टिकोण से कितनी महत्वपूर्ण है। सीकर न केवल शेखावाटी की आर्थिक-सांस्कृतिक केंद्र है, वरन राजस्थान के पूर्वी भाग में एक …
सीकर जिला: राजस्थान लोक सेवा परीक्षा अध्ययन सामग्री
प्रारंभिक टिप्पणी
2018 की RAS Prelims परीक्षा में पूछा गया था: "सीकर जिले का मुख्यालय कहाँ है?" इस प्रश्न के माध्यम से स्पष्ट है कि शेखावाटी क्षेत्र की प्रशासनिक संरचना RPSC के दृष्टिकोण से कितनी महत्वपूर्ण है। सीकर न केवल शेखावाटी की आर्थिक-सांस्कृतिक केंद्र है, वरन राजस्थान के पूर्वी भाग में एक प्रধान जिला भी है।
इतिहास (ITIHAS)
सीकर जिले का इतिहास शेखावाटी के प्रमुख राजपूत कुलों से जुड़ा है। मूलतः यह क्षेत्र राव शेखा के वंशजों के शासन में था, जिन्होंने 15वीं-16वीं शताब्दी में इस क्षेत्र को संगठित किया। शेखावाटी का नाम ही इसी शेखा से व्युत्पन्न है।
सीकर प्राचीन काल में जांगल प्रदेश का अंश माना जाता था। इसका प्राचीन नाम सीकरी या शिकरा था, जो धीरे-धीरे सीकर में परिवर्तित हुआ। मुगल काल में यह क्षेत्र अलवर और जयपुर की सीमांत पट्टी में रहा। ईस्ट इंडिया कंपनी के भारतीय विस्तार के समय सीकर शेखावाटी क्षेत्र के सबसे समृद्ध कस्बों में से एक था।
1871 में ब्रिटिश प्रशासन के अंतर्गत सीकर को जिले का दर्जा दिया गया। स्वतंत्रता आंदोलन में सीकर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। राव राजा केसरीसिंह और राव राजा प्रताप सिंह जैसे नेताओं ने जयपुर राज्य की रियासत के विरुद्ध क्रांतिकारी गतिविधियां संचालित कीं। 1948 में जयपुर राज्य के विलीनीकरण के बाद सीकर पूर्ववर्ती राजस्थान राज्य का अंग बना।
भूगोल (BHUGOL)
नदियाँ एवं जल स्रोत
सीकर जिले से होकर जाने वाली प्रमुख नदियाँ:
कांतली नदी (Kantli River) - जिले की प्रमुख नदी, जो शेखावाटी क्षेत्र की कृषि का मुख्य आधार है। यह नहर प्रणाली से जुड़ी है।
घग्घर नदी - उत्तर में बहने वाली अंतःस्थलीय नदी, जो सीकर के उत्तरी भाग में है।
सीप नदी - इस जिले के दक्षिण-पूर्वी भाग में प्रवाहित होती है।
किले एवं दुर्ग
फतेहपुर का किला - सीकर जिले में स्थित प्रमुख ऐतिहासिक किला, जो 18वीं शताब्दी में निर्मित था। यह किला शेखावाटी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
हवा महल शैली की संरचनाएं - सीकर कस्बे में कई हवेलियाँ हैं जो जयपुर की प्रसिद्ध हवा महल शैली का अनुसरण करती हैं।
भौगोलिक विशेषताएं
सीकर समुद्र तल से लगभग 428 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह अरावली पर्वतश्रेणी के बाहरी क्षेत्र में है। जलवायु अर्ध-शुष्क है, वार्षिक वर्षा 400-500 मिमी है।
अर्थव्यवस्था (ARTHAVYAVASTHA)
कृषि
सीकर की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर निर्भर है। यहाँ की मुख्य फसलें हैं:
- बाजरा - सीकर में सबसे अधिक उत्पादित फसल
- सरसों - तेल उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण
- गेहूँ - खरीफ मौसम में
- दलहन - मूंग और उड़द की खेती
कांतली नदी की सहायक नहरें और भूजल विकास से सीकर का कृषि क्षेत्र पिछले दो दशकों में विस्तृत हुआ है।
उद्योग
खनन उद्योग - सीकर में फेल्सपार, अभ्रक और संगमरमर का खनन होता है। यह खनन कार्य जिले की आर्थिकी का महत्वपूर्ण अंग है।
कृषि आधारित उद्योग - दही उत्पादन, जिसके लिए सीकर काफी प्रसिद्ध है। स्थानीय दही (छाछ) का निर्यात दिल्ली और अन्य शहरों में होता है।
पत्थर व्यवसाय - बलुआ पत्थर (Sandstone) का खनन और निर्यात।
पर्यटन
सीकर जिले की सांस्कृतिक विरासत पर्यटन का एक क्षेत्र बनता जा रहा है। हवेलियों की वास्तुकला और ग्रामीण पर्यटन महत्वपूर्ण हैं।
प्रसिद्ध स्थल एवं संस्कृति (PRASIDDH STHAL)
मंदिर एवं धार्मिक स्थल
खाटू श्यामजी मंदिर - सीकर से लगभग 50 किमी दूर खाटू कस्बे में स्थित। यह एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है, जहाँ भाद्रपद माह में विशाल मेला लगता है। माना जाता है कि यहाँ कृष्ण का सिर स्थित है।
घनश्यामजी का मंदिर - सीकर कस्बे में स्थित प्राचीन मंदिर।
गोपीनाथजी मंदिर - गाँव खिमसर में स्थित, 16वीं शताब्दी का मंदिर।
लोक संस्कृति
घूमर और घूमर नृत्य - शेखावाटी क्षेत्र का प्रमुख लोक नृत्य।
पापू संगीत परंपरा - स्थानीय लोक संगीत की परंपरा।
नृत्य नाटिका - स्वांग, तमाशा और खयाल नृत्य परंपराएं।
हवेलियों की कला
सीकर की हवेलियाँ भारतीय और मुगल वास्तुकला का संमिश्रण हैं। इनमें शानदार भित्तिचित्र (Murals), कांच के टुकड़े (Mirror work), और सोने की नक्काशी देखी जा सकती है। ये हवेलियाँ 19वीं-20वीं शताब्दी में मारवाड़ी व्यापारियों द्वारा निर्मित थीं।
प्रशासनिक संरचना (PRASHASANIK)
जिला मुख्यालय
सीकर कस्बा जिले का प्रशासनिक केंद्र है। यहाँ जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय हैं।
तहसीलें (Tehsils)
सीकर जिला निम्नलिखित तहसीलों में विभाजित है:
- सीकर तहसील - मुख्यालय
- खिमसर तहसील
- नीम का थाना तहसील
- दांतारामगढ़ तहसील
- खाटू तहसील
- रोहत तहसील
- फतेहपुर तहसील
विकास खंड
सीकर में 7 विकास खंड (Blocks) हैं जो ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए जिम्मेदार हैं।
जनसंख्या एवं जनसांख्यिकी
2011 की जनगणना के अनुसार, सीकर की कुल जनसंख्या लगभग 26.47 लाख थी। साक्षरता दर 75% के आस-पास है, जो राजस्थान के औसत से कुछ अधिक है।
आधिकारिक संदर्भ: राजस्थान सरकार की जिला प्रशासन की वेबसाइट (https://sikar.rajasthan.gov.in/) पर सीकर जिले की संपूर्ण प्रशासनिक जानकारी उपलब्ध है।
RAS Prelims शैली के बहु-विकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1
सीकर जिले की कांतली नदी किस नदी की सहायक नदी है?
A) चंबल नदी
B) बनास नदी
C) घग्घर नदी
D) पार्वती नदी
उत्तर: B) बनास नदी
व्याख्या: कांतली नदी बनास नदी की प्रमुख सहायक नदी है और शेखावाटी क्षेत्र की सिंचाई का मुख्य साधन है। यह दक्षिण-पूर्व दिशा में बहती है।
प्रश्न 2
खाटू श्यामजी मंदिर किस माह में प्रसिद्ध मेले के लिए जाना जाता है?
A) कार्तिक माह
B) भाद्रपद माह
C) चैत्र माह
D) वैशाख माह
उत्तर: B) भाद्रपद माह
व्याख्या: खाटू श्यामजी का मेला भाद्रपद माह (अगस्त-सितंबर) में लगता है और इसमें देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इसे 'श्यामजी का मेला' भी कहा जाता है।
प्रश्न 3
सीकर जिले में कुल कितनी तहसीलें हैं?
A) 5
B) 6
C) 7
D) 8
उत्तर: C) 7
व्याख्या: सीकर जिला सीकर, खिमसर, नीम का थाना, दांतारामगढ़, खाटू, रोहत और फतेहपुर - इन 7 तहसीलों में विभाजित है।
प्रश्न 4
सीकर जिले का प्राचीन नाम क्या माना जाता है?
A) शिकरा
B) शेखापुर
C) सीकरी
D) A और C दोनों
उत्तर: D) A और C दोनों
व्याख्या: सीकर का प्राचीन नाम शिकरा और सीकरी दोनों का उल्लेख मिलता है। समय के साथ यह नाम परिवर्तित होकर सीकर हो गया। ये नाम संभवतः स्थानीय शेखावाटी राजपूतों के काल से संबं
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