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श्रीगंगानगर जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी

Raj Study Team··5 min read

राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में श्रीगंगानगर जिला राजस्थान के सीमांत विकास और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के प्रश्नों में नियमित रूप से आता है। 2019 की RAS परीक्षा में पूछा गया था कि "श्रीगंगानगर जिले को 'भारत की खाद्य टोकरी' किस कारण से कहा जाता है?" यह प्रश्न जिले क…

श्रीगंगानगर जिला: राजस्थान लोक सेवा परीक्षा के लिए व्यापक अध्ययन सामग्री

परिचय और PYQ संदर्भ

राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में श्रीगंगानगर जिला राजस्थान के सीमांत विकास और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के प्रश्नों में नियमित रूप से आता है। 2019 की RAS परीक्षा में पूछा गया था कि "श्रीगंगानगर जिले को 'भारत की खाद्य टोकरी' किस कारण से कहा जाता है?" यह प्रश्न जिले की कृषि समृद्धि को रेखांकित करता है। वर्तमान में श्रीगंगानगर राजस्थान के उत्तरी भाग में गंगा नहर से सिंचित सबसे महत्वपूर्ण कृषि जिला है।

इतिहास (Itihas)

श्रीगंगानगर का इतिहास बीकानेर की रियासत से जुड़ा है। मूलतः यह क्षेत्र बीकानेर राज्य का हिस्सा था। महाराजा गंगा सिंह (1887-1943) के शासनकाल में इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण विकास हुआ। महाराजा गंगा सिंह ने 1927 में गंगा नहर का निर्माण करवाया, जिसने इस रेगिस्तानी क्षेत्र को हरे-भरे कृषि क्षेत्र में परिवर्तित कर दिया। यह नहर सतलज और ब्यास नदियों के संगम से आती है।

जिले की स्थापना 1 अप्रैल 1927 को गंगानगर के नाम से हुई थी। बाद में इसे श्रीगंगानगर नाम दिया गया। भारत के स्वतंत्र होने के बाद यह क्षेत्र राजस्थान राज्य में शामिल हुआ। 1994 में जनसंख्या के आधार पर श्रीगंगानगर को पूर्ण जिले का दर्जा दिया गया।

भूगोल (Bhugol)

नदियाँ और जल संसाधन

श्रीगंगानगर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता गंगा नहर है जो पंजाब में सतलज-ब्यास संगम से निकलती है और राजस्थान के माध्यम से गुजरते हुए राजस्थान की लंबाई में 204.85 किमी तक फैली है। यह नहर संपूर्ण जिले को सिंचित करती है। इसके अलावा घग्घर नदी जिले की पूर्वी सीमा बनाती है।

घग्घर नदी वर्ष में केवल वर्षा ऋतु में ही प्रवाहित होती है। नोहर नदी भी जिले से गुजरती है, जो राजस्थान-पंजाब की सीमा पर स्थित है। इन जल संसाधनों ने श्रीगंगानगर को राजस्थान का सबसे अधिक सिंचित जिला बनाया है।

किले और ऐतिहासिक स्थल

अनूपगढ़ का किला: यह किला श्रीगंगानगर जिले का सबसे प्रसिद्ध किला है। इसका निर्माण महाराजा अनूप सिंह (बीकानेर के शासक) द्वारा करवाया गया था। यह किला सतलज नदी के किनारे स्थित है और 17वीं शताब्दी में निर्मित हुआ था। यह किला वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

पदमपुर का किला: यह भी श्रीगंगानगर जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण किला है।

भौगोलिक विशेषताएं

श्रीगंगानगर जिला 26°32' से 27°50' उत्तरी अक्षांश और 73°45' से 75°30' पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है। जिले का कुल क्षेत्रफल 5226 वर्ग किमी है। यह पंजाब और हरियाणा से सटा हुआ है। जिले की भूमि समतल है और अधिकांश भाग कृषि योग्य है।

अर्थव्यवस्था (Arthavyavastha)

कृषि आधारित अर्थव्यवस्था

श्रीगंगानगर की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कृषि पर आधारित है। गंगा नहर की सिंचाई सुविधा के कारण यह क्षेत्र राजस्थान का सबसे अधिक उत्पादक कृषि क्षेत्र बन गया है। यहाँ मुख्य रूप से निम्नलिखित फसलें उगाई जाती हैं:

  • गेहूँ: सर्दी की मुख्य फसल
  • चावल: गर्मी की मुख्य फसल
  • गन्ना: व्यापारिक फसल
  • कपास: महत्वपूर्ण नकदी फसल
  • सोयाबीन और मूंगफली: तिलहन फसलें
  • सब्जियाँ और फूल: बागवानी के लिए प्रसिद्ध

राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.rajasthan.gov.in) के अनुसार श्रीगंगानगर जिला राजस्थान में अनाज उत्पादन में शीर्ष तीन जिलों में से एक है।

चीनी उद्योग

श्रीगंगानगर में कई चीनी मिलें स्थित हैं जो गन्ने के प्रसंस्करण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये मिलें स्थानीय किसानों के लिए रोजगार का प्रमुख स्रोत हैं।

खाद्य प्रसंस्करण

गन्ने और अनाज के आधार पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग भी विकसित हुए हैं। राइस मिलें और आटा चक्की व्यापक पैमाने पर संचालित होती हैं।

व्यापार

श्रीगंगानगर की सीमा पंजाब और हरियाणा से लगती है, इसलिए यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र भी है। यहाँ से कृषि उत्पादों का व्यापार पड़ोसी राज्यों को किया जाता है।

प्रसिद्ध स्थल, त्योहार और लोक संस्कृति (Prasiddh Sthal)

धार्मिक स्थल

तनोट माता मंदिर: भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित यह मंदिर राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध सीमावर्ती मंदिर है। कहा जाता है कि 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में एक बम इस मंदिर के ऊपर पड़ा था किंतु यह फटा नहीं। यह जनता की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक बन गया।

अनूपगढ़ का सूर्य मंदिर: यह मंदिर स्थापत्य का अद्भुत नमूना है।

राई सिंह पुरा मंदिर: क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों में से एक।

पर्यटन स्थल

कालीबंगा: राई सिंह पुरा के पास स्थित यह हड़प्पा काल की पूर्व-हड़प्पा सभ्यता का महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है। यहाँ प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं।

लोक संस्कृति

श्रीगंगानगर की लोक संस्कृति पंजाब और राजस्थान की संस्कृति का मिश्रण है। यहाँ की जनता ढोलक और खंजरी की संगीत परंपरा को निभाती है। लोक गीतों में किसान गीत और ऋतु गीत विशेष महत्वपूर्ण हैं।

त्योहार

होली: रंगों का त्योहार यहाँ पारंपरिक रूप से मनाया जाता है।

दिवाली: बीकानेर और पंजाब की परंपराओं के साथ मनाया जाता है।

बैसाखी: यह पंजाबी संस्कृति का त्योहार होते हुए भी श्रीगंगानगर में महत्वपूर्ण माना जाता है।

गंगा दशहरा: गंगा नहर के निर्माण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

प्रशासनिक विभाजन (Prashasnik)

श्रीगंगानगर जिला प्रशासनिक रूप से दो तहसीलों में विभाजित है:

  1. श्रीगंगानगर तहसील: यह जिले का मुख्य प्रशासनिक केंद्र है।
  2. अनूपगढ़ तहसील: सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित।

जिले का मुख्यालय श्रीगंगानगर शहर में है। जिला प्रशासक और पुलिस अधीक्षक यहाँ तैनात रहते हैं। राजस्थान सरकार की जिला पोर्टल (https://sriganganagar.rajasthan.gov.in) के अनुसार जिले में 10 विकास खंड हैं।

विकास खंड

श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ तहसील में कुल 10 विकास खंड हैं:

  • श्रीगंगानगर
  • अनूपगढ़
  • नोहर
  • सादुलशहर
  • घड़सीसर
  • बादली
  • खाजूवाली
  • पदमपुर
  • सूरतगढ़
  • राई सिंह पुरा

जनसंख्या और जनांकिकी

2011 की जनगणना के अनुसार श्रीगंगानगर की जनसंख्या लगभग 17 लाख है। यह राजस्थान का 5वां सबसे अधिक आबादी वाला जिला है। साक्षरता दर राजस्थान के अन्य जिलों की तुलना में अधिक है।


RAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1: गंगा नहर का निर्माण किसके द्वारा करवाया गया था?

विकल्प: (a) महाराजा अनूप सिंह (b) महाराजा गंगा सिंह (c) महाराजा विजय सिंह (d) महाराजा सुनेल सिंह

उत्तर: (b) महाराजा गंगा सिंह

व्याख्या: महाराजा गंगा सिंह (1887-1943) बीकानेर के महान शासक थे। उन्होंने 1927 में गंगा नहर का निर्माण करवाया जो सतलज और ब्यास नदियों के संगम से निकलती है। इसी नहर के कारण श्रीगंगानगर रेगिस्तानी क्षेत्र से कृषि प्रधान क्षेत्र में परिणत हुआ। जिले का नाम भी इसी महाराजा के नाम पर रखा

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