टोंक जिला GK: इतिहास, नवाब, बीसलपुर बाँध | RAS

Raj Study Team··5 min read

टोंक जिला राजस्थान के पूर्वी भाग में स्थित है, जहाँ की नवाबी विरासत, बीसलपुर बाँध और कृषि अर्थव्यवस्था RAS प्रारंभिक परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। जानें टोंक का सही इतिहास, भूगोल, तहसीलें, प्रमुख स्थल और अभ्यास प्रश्न…

टोंक जिला: राजस्थान राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा गाइड

परिचय

टोंक जिला राजस्थान के पूर्वी भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है, जिसकी नवाबी विरासत, बीसलपुर बाँध और कृषि अर्थव्यवस्था RAS प्रारंभिक परीक्षा की दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। यहाँ जिले का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और प्रमुख स्थल — परीक्षा के लिए उपयोगी बिंदुओं के साथ — दिए गए हैं।

इतिहास (प्राचीन से आधुनिक काल तक)

टोंक जिला राजस्थान के पूर्वी भाग में स्थित है और इसका लिखित इतिहास मुख्यतः 18वीं-19वीं शताब्दी की नवाबी रियासत से जुड़ा है। (ध्यान दें: प्राचीन मत्स्य जनपद का केंद्र विराट नगर/बैराठ वर्तमान जयपुर जिले में स्थित है, टोंक में नहीं।)

टोंक रियासत की वास्तविक नींव नवाब मुहम्मद अमीर खान ने रखी। अमीर खान मूलतः एक पश्तून सैन्य कमांडर थे, जिन्होंने मराठा शासक यशवंतराव होल्कर की सेना में सेवा की थी। होल्कर ने 1806 में उन्हें टोंक क्षेत्र जागीर के रूप में दिया। तीसरे आंग्ल-मराठा युद्ध के बाद 1817 की संधि के तहत अमीर खान ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की अधीनता स्वीकार की और अपनी सेना भंग करने की शर्त पर 'नवाब' की उपाधि तथा टोंक रियासत पर नियंत्रण बरकरार रखा। इसके बाद टोंक एक संरक्षित रियासत के रूप में रजपूताना एजेंसी के अधीन रही।

19वीं-20वीं शताब्दी में टोंक के नवाबों ने प्रशासन और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया। नवाब इब्राहीम अली खान (शासनकाल: 1867-1930) के समय को टोंक रियासत के विकास का महत्वपूर्ण दौर माना जाता है। टोंक रियासत की सईदिया पुस्तकालय के दुर्लभ अरबी-फारसी पांडुलिपियों के संग्रह पर आधारित आज 'मौलाना अबुल कलाम आज़ाद अरबी-फारसी शोध संस्थान' (पूर्व नाम: अरबी-फारसी शोध संस्थान) कार्यरत है, जो टोंक का गौरव है।

स्वतंत्रता के बाद नवाब ने भारत में विलय का विकल्प चुना और 7 अप्रैल 1949 को टोंक रियासत राजस्थान संघ में सम्मिलित हो गई। तभी से टोंक निरंतर राजस्थान के एक जिले के रूप में अस्तित्व में है; यह कभी जयपुर जिले में विलीन नहीं हुआ और न ही इसे 1991 में पुनर्गठित किया गया। आज टोंक आधुनिक राजस्थान का एक महत्वपूर्ण पर्यटन और कृषि केंद्र है।

टोंक: प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ
  1. 1806यशवंतराव होल्कर ने अमीर खान को टोंक जागीर में दिया
  2. 1817ब्रिटिश संधि — अमीर खान को 'नवाब' की उपाधि, टोंक संरक्षित रियासत बनी
  3. 1867–1930नवाब इब्राहीम अली खान का शासनकाल
  4. 7 अप्रैल 1949टोंक रियासत का राजस्थान संघ में विलय

भूगोल: नदियाँ, दुर्ग और पर्वतीय भाग

नदियाँ: टोंक जिले की सबसे महत्वपूर्ण नदी बनास (Banas River) है, जो टोंक शहर से होकर बहती है और सिंचाई व पेयजल का प्रमुख स्रोत है। देवली तहसील में बनास नदी पर बना बीसलपुर बाँध अजमेर, जयपुर और टोंक को पेयजल सप्लाई करता है तथा टोंक व सवाई माधोपुर जिलों में सिंचाई करता है। खारी, डाई और सोहदरा जैसी सहायक नदियाँ भी जिले से होकर बहती हैं। बनास आगे सवाई माधोपुर जिले में रामेश्वर के निकट चंबल नदी से मिलती है।

दुर्ग: टोंक का सबसे महत्वपूर्ण किला टोंक किला (Tonk Fort) है, जो नवाबी काल की वास्तुकला का उदाहरण है। किले के अंदर महल, कोठरियाँ और प्राचीन हथियारों का संग्रह है। सुदर्शन गढ़ (Sudarshan Garh) भी टोंक का एक महत्वपूर्ण किला है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

पर्वतीय भाग: टोंक जिले का भौगोलिक विस्तार विंध्य पर्वतश्रेणी के निकटवर्ती क्षेत्र में है। अरावली पर्वतश्रेणी जिले के उत्तर-पश्चिमी भाग को स्पर्श करती है। यहाँ की भूमि मध्यम ऊँचाई की है और कृषि के लिए उपयुक्त है।

अर्थव्यवस्था

टोंक की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। यहाँ की प्रमुख फसलें मक्का, बाजरा, गेहूँ और दलहन हैं। बनास नदी की सिंचाई सुविधा के कारण जिले में सब्जियों की खेती भी व्यापक स्तर पर की जाती है।

पशुपालन अर्थव्यवस्था का द्वितीयक आधार है। टोंक जिला गाय, भेड़ और बकरियों के पालन के लिए प्रसिद्ध है। दुग्ध उत्पादन में भी यह जिला महत्वपूर्ण है।

लघु उद्योग टोंक में तेजी से विकसित हो रहे हैं। चूने के पत्थर की खनन और सीमेंट उत्पादन यहाँ की प्रमुख औद्योगिक गतिविधियाँ हैं। जयपुर से निकटता के कारण कई छोटी-मोटी मैनुफैक्चरिंग इकाइयाँ यहाँ स्थापित हैं।

पर्यटन भी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। टोंक के ऐतिहासिक किलों और धार्मिक स्थलों को देखने के लिए प्रतिवर्ष हजारों पर्यटक आते हैं।

प्रसिद्ध स्थल, त्योहार और लोक संस्कृति

प्रसिद्ध स्थल:

  • मौलाना अबुल कलाम आज़ाद अरबी-फारसी शोध संस्थान: टोंक रियासत की सईदिया पुस्तकालय की पांडुलिपियों पर आधारित, यह अरबी और फारसी पांडुलिपियों का एक अमूल्य संग्रह है।
  • सुदर्शन गढ़: यह 19वीं शताब्दी का महल है, जो वास्तुकला का एक बेजोड़ नमूना है।
  • राय पिपली मंदिर: स्थानीय मान्यता के अनुसार यह प्राचीन शक्तिपीठ माना जाता है।
  • जामा मस्जिद: भारत की प्रमुख बड़ी और सुंदर मस्जिदों में शामिल, टोंक की पहचान।
  • बीसलपुर बाँध: देवली तहसील में बनास नदी पर बना यह बाँध अजमेर, जयपुर और टोंक की पेयजल आवश्यकता पूरी करता है।

त्योहार: दिवाली, होली और ईद यहाँ बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं। गणगौर मेला और तीज के अवसर पर यहाँ बड़े मेले लगते हैं।

लोक संस्कृति: टोंक में गैर (पुरुषों का नृत्य) और घूमर (महिलाओं का नृत्य) लोकप्रिय हैं। यहाँ की लोक संगीत परंपरा ख्याल और तारकी गायन शैली के लिए प्रसिद्ध है।

स्थल/तत्वविशेषता
बीसलपुर बाँधबनास नदी पर, देवली तहसील; अजमेर-जयपुर-टोंक को पेयजल
जामा मस्जिदभारत की प्रमुख बड़ी मस्जिदों में शामिल
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद अरबी-फारसी शोध संस्थानदुर्लभ अरबी-फारसी पांडुलिपियों का संग्रह
सुदर्शन गढ़19वीं शताब्दी का महल
गणगौर व तीज मेलाप्रमुख लोक मेले
चूना पत्थर खनन व सीमेंट उद्योगप्रमुख औद्योगिक गतिविधि

प्रशासनिक संरचना

टोंक जिला 9 तहसीलों में विभाजित है:

  1. टोंक तहसील (मुख्यालय)
  2. देवली तहसील
  3. मालपुरा तहसील
  4. नीवाई तहसील
  5. टोडारायसिंह तहसील
  6. पीपलू तहसील
  7. उनियारा तहसील
  8. दूनी तहसील
  9. नगरफोर्ट तहसील

जिले में 1,000 से अधिक गाँव हैं। जिला प्रशासन एक जिलाधीश के अधीन कार्य करता है, जो राजस्व, पुलिस और विकास कार्यों को देखता है।

टोंक जिला: 3 महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (RAS प्रारंभिक परीक्षा हेतु)

प्रश्न 1: मराठा शासक यशवंतराव होल्कर ने नवाब अमीर खान को टोंक क्षेत्र किस वर्ष जागीर के रूप में दिया?

  • (A) 1798 ईस्वी
  • (B) 1806 ईस्वी
  • (C) 1817 ईस्वी
  • (D) 1834 ईस्वी

उत्तर: (B) 1806 ईस्वी व्याख्या: यशवंतराव होल्कर ने 1806 में अमीर खान को टोंक क्षेत्र जागीर के रूप में दिया। 1817 की संधि के बाद ब्रिटिश संरक्षण में अमीर खान टोंक के पहले नवाब बने।


प्रश्न 2: टोंक रियासत की सईदिया पुस्तकालय की दुर्लभ अरबी-फारसी पांडुलिपियों के संग्रह पर आधारित शोध संस्थान वर्तमान में किस नाम से जाना जाता है?

  • (A) राजस्थान ओरिएंटल रिसर्च इंस्टिट्यूट
  • (B) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद अरबी-फारसी शोध संस्थान
  • (C) सुदर्शन गढ़ पुस्तकालय
  • (D) राजकीय संग्रहालय, टोंक

उत्तर: (B) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद अरबी-फारसी शोध संस्थान व्याख्या: यह संस्थान टोंक रियासत की सईदिया पुस्तकालय की पांडुलिपियों पर आधारित है और अरबी-फारसी शोध का प्रमुख केंद्र है; वर्तमान में इसे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद अरबी-फारसी शोध संस्थान (MAAPRI) के नाम से जाना जाता है।


प्रश्न 3: टोंक रियासत राजस्थान संघ में कब सम्मिलित हुई?

  • (A) 30 मार्च 1949
  • (B) 7 अप्रैल 1949
  • (C) 1 नवम्बर 1956
  • (D) 26 जनवरी 1950

उत्तर: (B) 7 अप्रैल 1949 व्याख्या: स्वतंत्रता के बाद नवाब ने भारत में विलय का विकल्प चुना और 7 अप्रैल 1949 को टोंक रियासत राजस्थान संघ में सम्मिलित हो गई। टोंक कभी जयपुर जिले में विलीन नहीं हुआ और इसे 1991 में पुनर्गठित नहीं किया गया — यह लगातार राजस्थान का एक जिला रहा है। यह प्रशासनिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण बिंदु है।

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इस विषय पर अभ्यास करें

Reading is not enough — practice questions to remember what you just read.

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