17 अप्रैल 2026 · 17 April 2026विज्ञान
एंथ्रोपिक के प्रोजेक्ट ग्लासविंग जैसी पहलों के जरिए AI कंपनियां वैश्विक साइबर सुरक्षा की 'द्वारपाल' बनती जा रही हैं
AI Companies Emerging as Global Cybersecurity Gatekeepers Through Initiatives Like Anthropic's Project Glasswing
गूगल और अमेज़न समर्थित AI सुरक्षा कंपनी एंथ्रोपिक ने प्रोजेक्ट ग्लासविंग लॉन्च किया — जो सतह पर वैश्विक साइबर सुरक्षा सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल है, जिसमें सत्यापित संगठनों को शक्तिशाली AI-संचालित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। हालांकि, विश्लेषक एक गहरी संरचनात्मक चिंता की ओर इशारा करते हैं: एंथ्रोपिक, ओपनAI, गूगल डीपमाइंड और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कुछ प्रमुख AI कंपनियां सामूहिक रूप से यह तय कर रही हैं कि अब तक विकसित सबसे परिष्कृत साइबर सुरक्षा AI प्रणालियों तक किसकी पहुंच होगी।
शक्ति का यह केंद्रीकरण महत्वपूर्ण शासन प्रश्न उठाता है। ये कंपनियां, जो काफी हद तक औपचारिक अंतरराष्ट्रीय नियामक ढांचे के बाहर काम करती हैं, साइबर सुरक्षा पहुंच के लिए वैश्विक मानदंड स्थापित कर रही हैं — यह कार्य परंपरागत रूप से सरकारों और ITU या INTERPOL जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं का रहा है।
मुख्य चिंताओं में शामिल हैं: (1) द्वि-उपयोगी AI उपकरणों पर एकाधिकारवादी नियंत्रण; (2) विकासशील देशों और छोटे शोधकर्ताओं का बहिष्कार; (3) राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा को प्रभावित करने वाले निर्णयों में लोकतांत्रिक जवाबदेही का अभाव। भारत की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति, CERT-In और राजस्थान के डिजिटल मिशन के संदर्भ में यह विषय अत्यंत प्रासंगिक है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert