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15 अप्रैल 2026 · 15 April 2026विज्ञान

शोध: मनुष्यों के अलावा जानवरों में भी जानबूझकर संवाद करने की क्षमता

Research Shows Intentional Communication Exists Beyond Humans in Animal Kingdom

प्रमुख पत्रिकाओं में प्रकाशित हालिया वैज्ञानिक अध्ययनों ने प्रदर्शित किया है कि जानबूझकर, लक्ष्य-निर्देशित संचार केवल मनुष्यों की विशेषता नहीं है। पशु व्यवहार का अध्ययन करने वाले शोधकर्ताओं ने अफ्रीकी हाथियों, महान वानरों (चिम्पांजी और बोनोबो), रेवेन पक्षियों और डॉल्फिन जैसी प्रजातियों में जानबूझकर संकेत देने के स्पष्ट प्रमाण पहचाने हैं। उदाहरण के लिए, मादा हाथी कई वर्षों के अलगाव के बाद भी परिचितों को पहचानती हैं और कान फड़फड़ाने तथा सूंड को बगल में हिलाने जैसे संदर्भ-निर्भर संकेतों से अभिवादन करती हैं। वैज्ञानिक जानबूझकर संचार को तीन कसौटियों पर परिभाषित करते हैं: संकेत किसी विशेष प्राप्तकर्ता को निर्देशित हो, प्रेषक प्रतिक्रिया की निगरानी करे, और वांछित प्रतिक्रिया न मिलने पर संकेत को दोहराए या बदले। ये निष्कर्ष मानव भाषा और अनुभूति की विकासवादी उत्पत्ति को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। RAS परीक्षार्थियों के लिए यह विषय सामान्य विज्ञान, पर्यावरण एवं जैव विविधता खंड में प्रासंगिक है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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