18 अप्रैल 2026 · 18 April 2026राष्ट्रीय
तेलंगाना के अमराबाद टाइगर रिजर्व में चेंचू जनजाति में पुनर्वास का भय फिर उभरा
Relocation Fear Resurfaces Among Chenchu Tribe in Amrabad Tiger Reserve, Telangana
चेंचू जनजाति भारत के 75 आधिकारिक रूप से अधिसूचित विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) में से एक है। यह जनजाति तेलंगाना के नलगोंडा और नागरकुर्नूल जिलों में स्थित अमराबाद टाइगर रिजर्व में निवास करती है, जो 2,600 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र में फैला भारत के सबसे बड़े टाइगर रिजर्वों में से एक है। चेंचू परंपरागत रूप से शिकारी-संग्रहकर्ता हैं जो भोजन की तलाश में 'पेंटा' नामक अस्थायी बस्तियाँ बनाते हैं। वन्यजीव संरक्षण प्राधिकरणों द्वारा अभयारण्य के भीतर अबाधित क्षेत्र बनाने के दबाव के कारण विस्थापन का भय बार-बार उभरता है। वन अधिकार अधिनियम, 2006 (FRA) वन-निवासी अनुसूचित जनजातियों को वन भूमि में रहने और उपयोग करने का अधिकार देता है तथा किसी भी पुनर्वास से पहले स्वतंत्र, पूर्व और सूचित सहमति अनिवार्य करता है। अमराबाद टाइगर रिजर्व को 2014 में अधिसूचित किया गया था। संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) और अनुच्छेद 46 (SC/ST के हितों का संरक्षण) के तहत भी चेंचुओं के अधिकार सुरक्षित हैं। यह मामला वन्यजीव संरक्षण और आदिवासी अधिकारों के बीच चल रहे तनाव को उजागर करता है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert