ब्यावर जिला GK 2026: गठन, तहसील, इतिहास | RAS

Raj Study Team··5 min read

ब्यावर 7 अगस्त 2023 की अधिसूचना से अजमेर जिले से अलग होकर राजस्थान का स्वतंत्र जिला बना, जो अजमेर संभाग में आता है। जानिए ब्यावर जिले की तहसीलें, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और प्रसिद्ध स्थल — RAS Prelims GK के लिए।

ब्यावर जिला: व्यापक प्रोफाइल (RAS Prelims GK)

ब्यावर 7 अगस्त 2023 की अधिसूचना से अजमेर से अलग होकर राजस्थान का स्वतंत्र जिला बना। यह अजमेर संभाग में आता है और इसका मुख्यालय ब्यावर शहर ही है।

बिंदुविवरण
गठन7 अगस्त 2023
मुख्यालयब्यावर शहर
संभागअजमेर
क्षेत्रफललगभग 4,425 वर्ग किमी
जनसंख्या (2011 आधार)लगभग 10.95 लाख
तहसीलें (7)ब्यावर, जैतारण, रायपुर, मसूदा, बदनौर, टॉडगढ़, बिजयनगर
सीमावर्ती जिलेअजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, पाली, जोधपुर, नागौर

इतिहास (ITIHAS)

ब्यावर का इतिहास अरावली पर्वत श्रेणियों के साथ गहराई से जुड़ा है। मुगल काल में यह क्षेत्र अजमेर सूबे का हिस्सा था। ब्यावर शहर की वर्तमान बसावट 1836 में शुरू हुई, जब कर्नल जॉर्ज डिक्सन ने अंग्रेज़ छावनी के पास एक नए बाज़ार "नया शहर" की स्थापना की, जो आगे चलकर सूती कपड़ा व्यापार का प्रमुख केंद्र बन गया।

अंग्रेजी काल में ब्यावर अजमेर जिले का महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बना। यहाँ बड़े पैमाने पर सूती वस्त्रों का व्यापार और निर्माण शुरू हुआ (1881 में कृष्णा कॉटन मिल की स्थापना)। स्वतंत्रता के बाद, यह अजमेर राज्य (1950-56) और फिर राजस्थान के अजमेर जिले का हिस्सा रहा। ब्यावर में नगर पालिका 1866 में स्थापित हुई और यह आज नगर परिषद है। 7 अगस्त 2023 को ब्यावर को अजमेर से अलग कर स्वतंत्र जिला बनाया गया — यह कभी भीलवाड़ा जिले में शामिल नहीं हुआ।


भूगोल एवं भौतिक विशेषताएं (BHUGOL)

नदियाँ (Rivers)

बनास नदी: अरावली की यह प्रमुख नदी अजमेर-भीलवाड़ा क्षेत्र (जिसमें वर्तमान ब्यावर जिला भी शामिल है) से होकर बहती है और कृषि सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। खारी नदी बनास की एक सहायक नदी है जो टॉडगढ़ (ब्यावर जिले की एक तहसील) के पास अरावली की पहाड़ियों से निकलती है।

दुर्ग (Forts)

बदनौर दुर्ग: ब्यावर जिले की बदनौर तहसील में स्थित सात मंज़िला मध्यकालीन दुर्ग, जो राजपूताना शैली की सैन्य वास्तुकला का उदाहरण है। परिसर में एक प्राचीन मस्जिद और कई छोटे मंदिर भी हैं।

मार्ग (Routes)

ब्यावर दिल्ली-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (वर्तमान NH-48, पूर्व नाम NH-8) के मार्ग पर स्थित है, जो अजमेर-मारवाड़ क्षेत्र को जोड़ता है।


अर्थव्यवस्था (ARTHAVYAVASTHA)

प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector)

ब्यावर की कृषि बनास नदी पर निर्भर है। गेहूँ, सरसों, चना, जौ मुख्य फसलें हैं। अरावली की पथरीली मिट्टी के कारण दालें और तिलहन भी उगाए जाते हैं। पशुपालन (विशेषकर ऊँट और बकरियाँ) आर्थिक गतिविधि का महत्वपूर्ण भाग है।

द्वितीयक क्षेत्र (Secondary Sector)

सूती वस्त्र उद्योग: ब्यावर की पहचान है। यहाँ कृष्णा कॉटन मिल (स्थापना 1881) और एडवर्ड मिल्स जैसी सूती वस्त्र मिलें रहीं, और ब्रिटिश काल से ही यह कच्चे कपास के व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

पत्थर उद्योग: अरावली पत्थर की खानों से संगमरमर और ग्रेनाइट निकाले जाते हैं।

रासायनिक औद्योगिकी: कुछ छोटे-मध्यम उद्यम रासायनिक पदार्थों का उत्पादन करते हैं।

तृतीयक क्षेत्र (Tertiary Sector)

व्यापार और पर्यटन बढ़ रहे हैं। NH-48 (पूर्व NH-8) पर स्थिति के कारण यह आवागमन का केंद्र है। नए होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और रिटेल चेन यहाँ विकसित हो रहे हैं।


प्रसिद्ध स्थल और सांस्कृतिक विशेषताएं (PRASIDDH STHAL)

मंदिर

आशापुरा माता मंदिर: महिलाओं के लिए विशेष पूजा स्थल।

संकट मोचन हनुमान मंदिर: ब्यावर शहर का प्रमुख हनुमान मंदिर।

शूलब्रेड मेमोरियल चर्च: इंडो-सारासेनिक शैली में बना क्षेत्र का पहला चर्च, औपनिवेशिक काल की धरोहर।

त्यौहार

वीर तेजाजी महाराज मेला: ब्यावर का एक प्रमुख लोक मेला।

गणगौर: मार्च-अप्रैल में मनाया जाने वाला स्थानीय त्यौहार, जहाँ महिलाएँ पारंपरिक गीत गाती हैं।

तीज: भाद्रपद मास में धूमधाम से मनाया जाता है।

दिवाली और होली: पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाजों के साथ।

लोक संस्कृति

ढोलक संगीत: स्थानीय विवाह समारोहों में ढोलक बजाने की परंपरा मजबूत है।

कठपुतली कला: ब्यावर के कुछ कारीगर परंपरागत कठपुतलियाँ बनाते हैं।


प्रशासनिक संरचना (PRASHASANIK)

जिला स्तर: ब्यावर 7 अगस्त 2023 से स्वयं एक स्वतंत्र जिला है (अजमेर संभाग में), भीलवाड़ा में कभी शामिल नहीं हुआ।

तहसीलें (7):

  • ब्यावर (मुख्य/मुख्यालय)
  • जैतारण
  • रायपुर
  • मसूदा
  • बदनौर
  • टॉडगढ़
  • बिजयनगर

नगरीय निकाय: ब्यावर नगर परिषद लगभग 1.5 लाख आबादी (2011 जनगणना) वाला शहर है; नगर पालिका की स्थापना 1866 में हुई थी।

पंचायत स्तर: जिले के अंतर्गत कई ग्राम पंचायतें और पंचायत समितियाँ कार्यरत हैं।

पुलिस जिला: जिला बनने के बाद ब्यावर का अपना पुलिस जिला (पुलिस अधीक्षक) है।


RAS Prelims MCQs (5 प्रश्न)

प्रश्न 1

ब्यावर जिले का गठन किस वर्ष हुआ?

  • (A) 2020
  • (B) 2021
  • (C) 2023
  • (D) 2024

उत्तर: (C) 2023
व्याख्या: 7 अगस्त 2023 की अधिसूचना से अजमेर जिले से अलग कर ब्यावर को स्वतंत्र जिला बनाया गया।


प्रश्न 2

ब्यावर की अर्थव्यवस्था और इतिहास में कौन सा उद्योग प्रमुख भूमिका निभाता है?

  • (A) सूती वस्त्र उद्योग
  • (B) ऊनी वस्त्र उद्योग
  • (C) रेशम उद्योग
  • (D) लकड़ी उद्योग

उत्तर: (A) सूती वस्त्र उद्योग
व्याख्या: ब्यावर में 1881 में स्थापित कृष्णा कॉटन मिल और एडवर्ड मिल्स जैसी सूती वस्त्र मिलें रहीं; यह ब्रिटिश काल से कच्चे कपास के व्यापार का केंद्र रहा है।


प्रश्न 3

निम्नलिखित में से कौन सी नदी ब्यावर जिले से होकर बहती है और बनास नदी की सहायक नदी भी है?

  • (A) खारी नदी
  • (B) चंबल नदी
  • (C) माही नदी
  • (D) लूणी नदी

उत्तर: (A) खारी नदी
व्याख्या: खारी नदी ब्यावर जिले की टॉडगढ़ तहसील के पास अरावली की पहाड़ियों से निकलती है और आगे बनास नदी में मिल जाती है।


प्रश्न 4

ब्यावर जिला किस संभाग के अंतर्गत आता है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) भीलवाड़ा
  • (C) अजमेर
  • (D) पाली

उत्तर: (C) अजमेर
व्याख्या: 2023 में बना ब्यावर जिला अजमेर संभाग का हिस्सा है; यह कभी भीलवाड़ा जिले में शामिल नहीं हुआ।


प्रश्न 5

ब्यावर जिले में निम्नलिखित में से कौन सा प्रसिद्ध दुर्ग स्थित है?

  • (A) मेहरानगढ़ दुर्ग
  • (B) बदनौर दुर्ग
  • (C) तारागढ़ दुर्ग (अजमेर)
  • (D) नागौर दुर्ग

उत्तर: (B) बदनौर दुर्ग
व्याख्या: बदनौर तहसील (ब्यावर जिला) में स्थित यह सात मंज़िला मध्यकालीन दुर्ग राजपूताना सैन्य वास्तुकला का उदाहरण है। तारागढ़ दुर्ग अजमेर में है, ब्यावर में नहीं।


संदर्भ स्रोत

  1. राजस्थान सरकार: https://rajasthan.gov.in/
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