झुंझुनू जिला GK: शेखावाटी, खेतड़ी, इतिहास व भूगोल | RAS
झुंझुनू जिले की RAS Prelims के लिए GK — इतिहास, शेखावाटी विरासत, भूगोल, जनसांख्यिकी, अर्थव्यवस्था और प्रसिद्ध स्थल, सही आंकड़ों के साथ।
झुंझुनू जिला: RAS Prelims संपूर्ण अध्ययन सामग्री
झुंझुनू जिला: संक्षिप्त तथ्य-सूची
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| मुख्यालय | झुंझुनू शहर |
| क्षेत्रफल | 5,928 वर्ग किमी |
| तहसीलें | 12 |
| कुल जनसंख्या (2011) | 21,37,045 |
| साक्षरता दर | लगभग 74.7% |
| लिंगानुपात | 950 |
| नगरीय जनसंख्या | लगभग 22.9% |
| प्रमुख नदी | कांतली (अंतःप्रवाही, खंडेला पहाड़ियों-सीकर से उद्गम) |
| प्रमुख खनिज | तांबा (खेतड़ी-सिंघाना-कोलिहान पेटी) |
| सांस्कृतिक क्षेत्र | शेखावाटी |
इतिहास
झुंझुनू का इतिहास सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। इस क्षेत्र पर आरंभ में चौहानों का शासन माना जाता है। 1450 के आसपास कायमखानी नवाब मोहम्मद खान और उनके पुत्र समस खान ने चौहानों को हराकर झुंझुनू पर अधिकार किया, जिसके बाद लंबे समय तक कायमखानी नवाबों का शासन रहा।
शार्दूल सिंह (1730): शेखावत सरदार राव शार्दूल सिंह ने 1730 में नवाबों का शासन समाप्त कर झुंझुनू पर अधिकार किया। उन्हें शेखावाटी के प्रमुख राजनयिकों और प्रशासकों में से एक माना जाता है। उनकी मृत्यु के बाद राज्य उनके पांच पुत्रों में बंट गया, जिसे "पंचपना" व्यवस्था कहा जाता है — इसी से खेतड़ी जैसे ठिकानों का उदय हुआ।
झुंझुनू नगर का नामकरण: झुंझुनू शहर का नाम जाट सरदार जुझार सिंह नेहरा की स्मृति में रखा गया माना जाता है, जिन्होंने 18वीं शताब्दी के आरंभ में इस नगर की स्थापना की थी।
ब्रिटिश काल: झुंझुनू क्षेत्र जयपुर रियासत के अंतर्गत रहा, जिसके भीतर खेतड़ी, सीकर जैसे शेखावत ठिकाने अर्ध-स्वायत्त जागीरों के रूप में कार्य करते थे।
खेतड़ी और विवेकानंद: खेतड़ी के राजा अजीत सिंह (1861-1901) स्वामी विवेकानंद के घनिष्ठ मित्र और संरक्षक थे। उन्होंने ही विवेकानंद को "सच्चिदानंद" के स्थान पर "विवेकानंद" नाम अपनाने का सुझाव दिया और 1893 में शिकागो की विश्व धर्म संसद में भाग लेने हेतु उनकी यात्रा का खर्च वहन किया।
स्वतंत्रता के बाद: 1949 में राजस्थान (वृहत् राजस्थान) के गठन के साथ ही झुंझुनू एक स्वतंत्र जिला बना।
- राव शेखा (1433-1488)शेखावत वंश के संस्थापक
- लगभग 1450कायमखानी नवाबों (मोहम्मद खान, समस खान) का शासन आरंभ
- 1730शार्दूल सिंह ने नवाबों का शासन समाप्त किया; बाद में "पंचपना" व्यवस्था से खेतड़ी जैसे ठिकाने बने
- ब्रिटिश कालजयपुर रियासत के अंतर्गत शेखावत ठिकाने (खेतड़ी, सीकर आदि)
- 1949वृहत् राजस्थान के गठन के साथ झुंझुनू स्वतंत्र जिला बना
भूगोल
नदियां और जलस्रोत
कांतली (कांतली/कातली) नदी: झुंझुनू की प्रमुख नदी है। यह राजस्थान की एक अंतःप्रवाही (internal drainage) नदी है, जो हिमालय से नहीं, बल्कि सीकर जिले की खंडेला पहाड़ियों से निकलती है। इसकी लंबाई लगभग 100 किमी है। यह सीकर से होकर झुंझुनू में प्रवेश करती है और अंततः चूरू की ओर रेतीले भाग में विलीन हो जाती है; इसका झुंझुनू-चूरू क्षेत्र का जलप्रवाह मार्ग तोरावाटी कहलाता है।
कुआं और बावड़ियां: झुंझुनू अर्धशुष्क जलवायु क्षेत्र में है, इसलिए परंपरागत जल संरक्षण संरचनाएं (हवेलियों की बावड़ियां) महत्वपूर्ण हैं।
दुर्ग और किले
खेतड़ी महल: झुंझुनू का सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक भवन खेतड़ी महल है, जिसे शार्दूल सिंह के पौत्र राजा भोपाल सिंह ने लगभग 1770 ई. (18वीं शताब्दी) में शेखावाटी स्थापत्य शैली में बनवाया था। इसकी ऊंचाई लगभग 73 मीटर है और विभिन्न तलों को सीढ़ियों के स्थान पर ढलानों (रैम्प) से जोड़ा गया है।
पिलानी: यहां बिड़ला परिवार की कई ऐतिहासिक इमारतें और मंदिर हैं।
पहाड़ियां और भौगोलिक विशेषताएं
झुंझुनू अरावली पर्वत श्रेणी के उत्तरी अंचल में स्थित है। जिले की ऊंचाई लगभग 250-650 मीटर तक है। जिले के खेतड़ी-सिंघाना क्षेत्र की पहाड़ियां अपने तांबे के भंडार (कोलिहान सहित) के लिए जानी जाती हैं।
अर्थव्यवस्था
कृषि
झुंझुनू की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि-आधारित है। मुख्य फसलें:
- बाजरा और जौ: खरीफ मौसम में उत्पादित मुख्य फसलें
- सरसों: रबी मौसम में उगाई जाने वाली महत्वपूर्ण तिलहन फसल
- गेहूं और दालें: पूरक अनाज फसलें
कृषि में सिंचाई की सीमा जिले की विकास की प्रमुख बाधा है (केवल 15-20% क्षेत्र सिंचित है)।
खनिज
झुंझुनू तांबे के भंडार के लिए प्रसिद्ध है। खेतड़ी-सिंघाना-कोलिहान तांबा पेटी, जिसे हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) के खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स द्वारा संचालित किया जाता है, भारत के सबसे महत्वपूर्ण तांबा खनन क्षेत्रों में से एक है।
अन्य खनिज: फेल्सपार, माइका, संगमरमर भी उत्खनित किए जाते हैं।
पशुपालन
झुंझुनू का पशुधन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऊंट, गाय, भेड़, बकरी पालन प्रमुख है।
पर्यटन और हस्तशिल्प
शेखावाटी हवेलियां: झुंझुनू शेखावाटी क्षेत्र के भित्तिचित्रों (फ्रेस्को) वाली हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है। मंडावा, नवलगढ़, डूंडलोद जैसे कस्बों की रंगीन व भित्तिचित्रयुक्त हवेलियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, और इस कारण शेखावाटी को अक्सर "राजस्थान की खुली आर्ट गैलरी" कहा जाता है।
बिट्स पिलानी: पिलानी कस्बा बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS Pilani) के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, जिसकी स्थापना बिड़ला परिवार (घनश्यामदास बिड़ला) के सहयोग से हुई थी।
हस्तशिल्प: झुंझुनू में टेराकोटा कला, भित्तिचित्र (फ्रेस्को) पेंटिंग, ब्लॉक प्रिंटिंग जैसे परंपरागत हस्तशिल्प प्रचलित हैं, जो शेखावाटी की हवेली-संस्कृति से जुड़े हैं।
प्रसिद्ध स्थल
मंदिर और धार्मिक स्थल
खेतड़ी नीलकंठ महादेव मंदिर: यह शिव मंदिर खेतड़ी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन मंदिर है।
पिलानी: यहां बिड़ला परिवार द्वारा स्थापित मंदिर व शिक्षण संस्थान हैं; पिलानी की पहचान मुख्य रूप से बिट्स पिलानी और बिड़ला पब्लिक स्कूल जैसी शिक्षा संस्थाओं से जुड़ी है।
रानी सती दादी मंदिर: झुंझुनू शहर में स्थित यह मंदिर राजस्थान के सबसे प्रमुख और सर्वाधिक पूजनीय मंदिरों में से एक है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
लोक संस्कृति और पर्व
तीज का पर्व: श्रावण महीने में यह पर्व मनाया जाता है। महिलाएं झूले पर झूलती हैं और पारंपरिक गीत गाती हैं।
होली और दिवाली: पूरे जिले में परंपरागत रीति-रिवाज के साथ मनाई जाती है।
गणगौर: मार्च-अप्रैल में मनाया जाने वाला यह पर्व विशेषकर महिलाओं का प्रमुख पर्व है।
शेखावाटी संस्कृति: झुंझुनू शेखावाटी क्षेत्र का मुख्य भाग है। यहां की ढोलक संगीत, घूमर नृत्य, गीदड़ नृत्य प्रसिद्ध हैं।
प्रशासनिक विभाजन
झुंझुनू जिले का मुख्यालय झुंझुनू शहर है। जिले का क्षेत्रफल 5,928 वर्ग किमी है।
तहसीलें
झुंझुनू जिले में निम्न 12 तहसीलें हैं (मोहनगढ़ जैसलमेर में, खिमसर नागौर में और तिजारा अलवर में हैं — ये झुंझुनू की तहसीलें नहीं हैं):
- झुंझुनू
- खेतड़ी
- पिलानी
- उदयपुरवाटी
- नवलगढ़
- मंडावा
- बुहाना
- सूरजगढ़
- चिड़ावा
- बिसाऊ
- मलसीसर
- गुढ़ा गौड़जी
नगरपालिका
- झुंझुनू नगरपालिका (वर्ग C)
जनसंख्या सांख्यिकी
2011 की जनगणना के अनुसार:
- कुल जनसंख्या: 21,37,045 (लगभग 21.37 लाख)
- नगरीय जनसंख्या: लगभग 22.9%
- साक्षरता दर: लगभग 74.7%
- लिंगानुपात: 950 (राज्य के औसत के निकट)
RAS Prelims MCQ प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1
झुंझुनू राजस्थान के किस वर्ष एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आया?
A) 1947
B) 1949
C) 1956
D) 1991
उत्तर: B) 1949
व्याख्या: 1949 में वृहत् राजस्थान (Greater Rajasthan) के गठन के साथ ही झुंझुनू एक स्वतंत्र जिला बन गया था। इसके बाद कोई अलग "पृथक जिला दर्जा" घटना नहीं हुई, इसलिए 1994 जैसी किसी बाद की तिथि का इससे कोई संबंध नहीं है।
प्रश्न 2
खेतड़ी खान किस खनिज के खनन के लिए प्रसिद्ध है?
A) लोहा
B) तांबा
C) चूना पत्थर
D) मार्बल
उत्तर: B) तांबा
व्याख्या: खेतड़ी क्षेत्र हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) द्वारा संचालित खेतड़ी-सिंघाना-कोलिहान तांबा पेटी का हिस्सा है और भारत के प्रमुख तांबा उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है। राजस्थान की अर्थव्यवस्था और खनन क्षेत्र में तांबा झुंझुनू जिले का प्रमुख खनिज उत्पाद है।
प्रश्न 3
कांतली नदी, जो झुंझुनू से होकर बहती है, किस जिले की पहाड़ियों से निकलती है?
A) झुंझुनू
B) सीकर
C) चूरू
D) अलवर
उत्तर: B) सीकर
व्याख्या: कांतली नदी सीकर जिले की खंडेला पहाड़ियों से निकलने वाली एक अंतःप्रवाही (internal drainage) नदी है, जो सीकर व झुंझुनू से होकर बहते हुए चूरू की ओर रेतीले भाग में विलीन हो जाती है। इसकी लंबाई लगभग 100 किमी है।
प्रश्न 4
खेतड़ी के राजा अजीत सिंह किस प्रसिद्ध व्यक्ति के घनिष्ठ मित्र व संरक्षक थे?
A) महात्मा गांधी
B) स्वामी विवेकानंद
C) रवींद्रनाथ टैगोर
D) लोकमान्य तिलक
उत्तर: B) स्वामी विवेकानंद
व्याख्या: खेतड़ी के राजा अजीत सिंह (1861-1901) स्वामी विवेकानंद के घनिष्ठ मित्र व संरक्षक थे। उन्होंने ही विवेकानंद को यह नाम अपनाने का सुझाव दिया और 1893 में शिकागो की विश्व धर्म संसद में भाग लेने हेतु उनकी यात्रा का खर्च वहन किया था।
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