राजसमंद जिला — RAS GK प्रोफाइल, इतिहास, भूगोल, जनसांख्यिकी

Raj Study Team··4 min read

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राजसमंद जिला: विस्तृत GK प्रोफाइल (RAS Prelims संस्करण)

इतिहास

राजसमंद का इतिहास मेवाड़ की समृद्ध राजनीतिक विरासत से अभिन्न रूप से जुड़ा है। यह जिला मूलतः महाराणा राज सिंह (1652-1680) के शासनकाल में एक कस्बे के रूप में उदित हुआ। महाराणा राज सिंह, जो औरंगजेब के समकालीन थे, ने मुगल साम्राज्य के विरुद्ध मेवाड़ की स्वतंत्रता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राजसमंद झील निर्माण (1662-1676 ई.): जिले का नाम इसी विशाल कृत्रिम झील से आया है। महाराणा राज सिंह ने गोमती नदी पर इस झील का निर्माण 1662 में आरंभ करवाया; झील 1676 में प्रतिष्ठित हुई। इसका निर्माण सूखे से निपटने और कृषि सिंचाई के लिए किया गया था। बांध पर कांकरोली की ओर बनी नौचौकी पर संगमरमर की छतरियां और महाराणा राज सिंह की प्रशस्ति में उत्कीर्ण राजप्रशस्ति शिलालेख आज भी महाराणा की स्थापत्य कौशल का प्रमाण हैं।

17-18वीं शताब्दी में राजनीतिक महत्व: राजसमंद क्षेत्र मेवाड़ की रक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग रहा। यह उदयपुर और चित्तौड़गढ़ के बीच रणनीतिक महत्व रखता था। महाराणा प्रताप के पश्चात्, राज सिंह के काल में मेवाड़ की सांस्कृतिक व आर्थिक पुनरुत्थान हुआ, जिसमें राजसमंद प्रमुख केंद्र था।


भूगोल

स्थिति और विस्तार: राजसमंद उत्तरी मेवाड़ में अवस्थित है, जो भौगोलिक रूप से 24°30' से 25°40' उत्तरी अक्षांश और 73°35' से 74°50' पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 4,550.93 वर्ग किमी है। जिले का गठन 10 अप्रैल 1991 को उदयपुर जिले से अलग करके किया गया था।

प्रमुख नदियां:

  • गोमती नदी: जिले की जीवनरेखा, जो राजसमंद झील का निर्माण करती है। यह बनास की सहायक नदी है।
  • बनास नदी: पूर्वी सीमा पर बहती है, जो चंबल की सहायक है।
  • चंद्रभागा नदी: बनास की एक अन्य सहायक नदी, जो जिले के भागों में बहती है।

झील और जल संरचना: राजसमंद झील की अधिकतम लंबाई लगभग 6.4 किमी और अधिकतम चौड़ाई लगभग 2.82 किमी है, औसत गहराई लगभग 18 मीटर है। बांध पर कांकरोली की ओर बनी "नौचौकी" पर संगमरमर की छतरियां व तोरण हैं, और घाटों के किनारे महाराणा राज सिंह की प्रशस्ति में राजप्रशस्ति के शिलालेख (संस्कृत में, विश्व के सबसे लंबे पाषाण अभिलेखों में से एक) लगे हैं।

किले और प्रमुख स्थल:

  • कुंभलगढ़ किला: पश्चिमी सीमांत पर, महाराणा कुंभा द्वारा निर्मित (1443-1458 ई.), 36 किमी लंबी दीवार के लिए विख्यात; यूनेस्को विश्व धरोहर सूची (2013, पहाड़ी दुर्ग समूह) में शामिल।
  • हल्दीघाटी (खमनोर): महाराणा प्रताप व अकबर की सेना के बीच 1576 के युद्ध का स्थल; चेतक स्मारक व महाराणा प्रताप संग्रहालय यहीं स्थित हैं।
  • रणकपुर जैन मंदिर: जिले के निकट, वास्तव में पाली जिले में स्थित, 15वीं सदी का स्थापत्य।

पर्वत श्रेणियां: अरावली पर्वतमाला जिले के पूर्व और पश्चिम से गुजरती है। ऊंची पहाड़ियां जिले को तीन भागों में विभाजित करती हैं।


अर्थव्यवस्था

कृषि आधारित अर्थव्यवस्था: राजसमंद की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर निर्भर है। राजसमंद झील की सिंचाई क्षमता ने इस क्षेत्र को सिंचित कृषि का केंद्र बनाया है।

  • प्रमुख फसलें: गेहूं, सरसों, मकई, जौ, और दलहनें।
  • बागवानी: आम, अनार, नींबू जातीय फल उगाये जाते हैं।
  • दुग्ध उत्पादन: डेयरी (घी निर्माण सहित) जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की एक सहायक गतिविधि है।

खनिज संपदा: राजसमंद देश के प्रमुख संगमरमर उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। राजनगर और केलवा क्षेत्र विश्वमानक सफेद संगमरमर के लिए प्रसिद्ध हैं (ताजमहल का संगमरमर मकराना, नागौर से आया था, राजसमंद से नहीं)। इसके अतिरिक्त, राइओलाइट, डोलोमाइट, और स्टोन क्रशिंग सामग्री का भी खनन होता है।

उद्योग:

  • संगमरमर प्रसंस्करण: स्थानीय खदानों से निकाले गए पत्थर को तराशने और पॉलिश करने के छोटे-बड़े कारखाने।
  • कृषि आधारित उद्योग: घी बनाने की डेरियां, नमकीन निर्माण।
  • हस्तशिल्प: संगमरमर की मूर्तियां, जड़ाई का काम।

सड़क और परिवहन: NH 48 (दिल्ली-चेन्नई राजमार्ग) जिले से गुजरता है, जो आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देता है। (स्रोत: https://rajasthan.gov.in)


प्रसिद्ध स्थल

धार्मिक स्थल:

  1. रणकपुर जैन मंदिर: पाली जिले में स्थित (राजसमंद की सीमा के निकट), धरणाशाह (धन्ना शाह) द्वारा महाराणा कुंभा के सहयोग से 15वीं सदी में निर्मित, जैन वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना। 1,444 संगमरमर के स्तंभ, जिनमें से दो स्तंभ समान नहीं हैं। यह भारत के सबसे बड़े जैन मंदिरों में से एक है।

  2. श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा: भगवान कृष्ण के स्वरूप श्रीनाथजी को समर्पित; मूर्ति को औरंगजेब के शासनकाल में 1672 में गोवर्धन (मथुरा क्षेत्र) से लाकर यहां स्थापित किया गया।

  3. चारभुजा मंदिर (गढ़बोर) और द्वारकाधीश मंदिर (कांकरोली) भी जिले के प्रमुख वैष्णव मंदिर हैं।

  4. नौचौकी: राजसमंद झील के बांध पर कांकरोली की ओर संगमरमर की छतरियां व राजप्रशस्ति के शिलालेख।

पर्यटन स्थल:

  • कुंभलगढ़ किला व अभयारण्य: किला यूनेस्को विश्व धरोहर सूची (2013) में शामिल; निकट कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य भी स्थित है।
  • राजसमंद झील: नौकायन और पर्यटन का केंद्र।
  • मोलेला गांव: मिट्टी की मूर्तियों/टेराकोटा कला के लिए प्रसिद्ध।
  • परशुराम महादेव: जिले का एक प्रमुख गुफा मंदिर।

लोक संस्कृति:

  • घूमर नृत्य: महिलाओं का पारंपरिक नृत्य, विशेषकर तीज और गणगौर पर, राजस्थान में सामान्यतः प्रचलित।
  • कालबेलिया नृत्य: मूलतः जैसलमेर-जोधपुर क्षेत्र की कालबेलिया जाति का नृत्य, राजसमंद विशिष्ट नहीं है।
  • पाबू जी की फड़: मारवाड़ (पश्चिमी राजस्थान) का लोक महाकाव्य; फड़ चित्रकला की परंपरा भीलवाड़ा के शाहपुरा में प्रमुखता से जुड़ी है, राजसमंद विशिष्ट नहीं है।
  • पिछवाई चित्रकला: नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर से जुड़ी वस्त्र-चित्रकला की परंपरा।

त्योहार:

  • गणगौर: महिलाओं का मुख्य त्योहार।
  • तीज: वर्षा ऋतु का आगमन।
  • पशु मेला: क्षेत्र में पारंपरिक पशु क्रय-विक्रय मेले आयोजित होते हैं।

याद रखें — प्रमुख स्थल एक नज़र में:

स्थलशासक/वर्ष
राजसमंद झीलमहाराणा राज सिंह, 1662-1676
कुंभलगढ़ किलामहाराणा कुंभा, 1443-1458
रणकपुर जैन मंदिर (पाली)धरणाशाह, 15वीं सदी
श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा1672 से स्थापित
हल्दीघाटी युद्ध (खमनोर)महाराणा प्रताप, 1576

प्रशासनिक विभाजन

राजसमंद जिला सात तहसीलों में विभाजित है:

  1. राजसमंद: जिला मुख्यालय
  2. कुंभलगढ़: किले व संगमरमर खनन क्षेत्र से जुड़ा
  3. आमेट
  4. भीम
  5. नाथद्वारा: धार्मिक और पर्यटन केंद्र
  6. देवगढ़: तहसील, पूर्वी सीमांत
  7. रेलमगरा

नगरीय निकाय:

  • राजसमंद नगरपालिका
  • नाथद्वारा नगर पंचायत

RAS Prelims के लिए अभ्यास प्रश्न (3 प्रश्न)

प्रश्न 1: राजसमंद झील का निर्माण किस महाराणा ने करवाया और किस वर्ष में?

  • (A) महाराणा प्रताप, 1576
  • (B) महाराणा राज सिंह, 1662
  • (C) महाराणा कुंभा, 1473
  • (D) महाराणा सांगा, 1527

उत्तर: (B) महाराणा राज सिंह, 1662
व्याख्या: महाराणा राज सिंह (1652-1680) ने गोमती नदी पर राजसमंद झील का निर्माण 1662 में आरंभ करवाया; झील 1676 में प्रतिष्ठित हुई।


प्रश्न 2: राजसमंद जिले में सफेद संगमरमर खनन के लिए कौन सा क्षेत्र प्रसिद्ध है?

  • (A) खिमसर
  • (B) राजनगर-केलवा
  • (C) मकराना
  • (D) जोधपुर

उत्तर: (B) राजनगर-केलवा
व्याख्या: राजसमंद जिले का राजनगर-केलवा क्षेत्र विश्व-स्तरीय सफेद संगमरमर के लिए प्रसिद्ध है। (ताजमहल का संगमरमर नागौर के मकराना से आया था, राजसमंद से नहीं।)


प्रश्न 3: रणकपुर जैन मंदिर किस वर्ष निर्मित हुआ और इसका निर्माण किसने करवाया?

  • (A) 13वीं सदी, महाराणा कुंभा
  • (B) 14वीं सदी, महाराणा राज सिंह
  • (C) 15वीं सदी, धरणाशाह
  • (D) 16वीं सदी, महाराणा प्रताप

उत्तर: (C) 15वीं सदी, धरणाशाह
व्याख्या: रणकपुर जैन मंदिर (पाली जिला) का निर्माण धरणाशाह (धन्ना शाह) द्वारा महाराणा कुंभा के सहयोग से 15वीं सदी में करवाया गया था। इसमें 1,444 संगमरमर के अनूठे स्तंभ हैं।

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