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18 अप्रैल 2026 · 18 April 2026राष्ट्रीय

2024 सीजन में मौसम और नीतिगत कारणों से पंजाब की गेहूं खरीद धीमी

Weather and Policy Factors Slow Punjab's Wheat Procurement in 2024 Season

2024 रबी विपणन सीजन (RMS 2024-25) में पंजाब की गेहूं खरीद दो प्रमुख कारणों से बुरी तरह प्रभावित हुई। पहला, मार्च-अप्रैल 2024 में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया, जिससे अनाज की गुणवत्ता घटी और नमी की मात्रा भारतीय खाद्य निगम (FCI) की निर्धारित सीमा से अधिक हो गई। इससे खरीद केंद्रों पर बड़ी मात्रा में अनाज अस्वीकार किया गया। दूसरा, केंद्र सरकार द्वारा गुणवत्ता मानकों को कड़ा करने और नमी सीमा को सख्ती से लागू करने की नीति ने मंडियों में आवक को धीमा कर दिया। 2024 में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,275 प्रति क्विंटल निर्धारित था, फिर भी किसानों को उपज स्वीकृत कराने में कठिनाई हुई। पंजाब सामान्यतः केंद्रीय पूल के लिए कुल गेहूं खरीद का लगभग 30-35% योगदान देता है। पिछले वर्षों में अकेले पंजाब से 130 लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीद हुई थी। इस मंदी से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के तहत निर्धारित बफर स्टॉक मानकों को पूरा करने की FCI की क्षमता पर सवाल उठे। खरीद में शामिल एजेंसियों में FCI, PUNGRAIN, MARKFED और PUNSUP शामिल हैं।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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