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15 अप्रैल 2026 · 15 April 2026राष्ट्रीय

ट्रेड यूनियनों और विपक्ष ने श्रम संहिताओं और नोएडा में श्रमिकों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की

Trade Unions and Opposition Condemn Labour Codes, Police Action Against Workers in Noida

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) और कई विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में प्रदर्शनकारी श्रमिकों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और बढ़ती औद्योगिक अशांति के लिए केंद्र सरकार द्वारा अधिनियमित चार श्रम संहिताओं को जिम्मेदार ठहराया है। CITU के जिला स्तरीय नेताओं को नजरबंद किया गया जबकि मुख्यतः विनिर्माण और परिधान क्षेत्र के श्रमिक उचित मजदूरी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे। CITU ने कहा कि घोषित वेतन वृद्धि एक 'दिखावा' मात्र है जो जीवन-यापन के न्यूनतम स्तर से बहुत कम है। आलोचकों का तर्क है कि चार श्रम संहिताएं — मजदूरी संहिता (2019), औद्योगिक संबंध संहिता (2020), सामाजिक सुरक्षा संहिता (2020) और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थिति संहिता (2020) — सामूहिक सौदेबाजी को कमजोर कर, हड़ताल के अधिकार को सीमित कर और नियोक्ता की जवाबदेही घटाकर श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करती हैं। ये चार संहिताएं 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित करती हैं। राजस्थान सहित कई राज्यों ने अभी तक इनके नियमों को पूरी तरह अधिसूचित नहीं किया है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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