कंप्यूटर वायरस एवं साइबर सुरक्षा — Patwari नोट्स
कंप्यूटर वायरस और साइबर सुरक्षा की बुनियादी जानकारी — मैलवेयर के प्रकार (Virus, Worm, Trojan, Ransomware), एंटीवायरस-फायरवॉल की भूमिका, और ऑनलाइन सुरक्षा की बुनियादी आदतें — RSCIT स्तर पर Patwari परीक्षा के लिए यहाँ समझाई गई हैं।
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कंप्यूटर वायरस क्या है?
कंप्यूटर वायरस (Computer Virus) एक ऐसा हानिकारक (malicious) प्रोग्राम है, जो बिना उपयोगकर्ता की जानकारी के कंप्यूटर में घुसकर खुद की नकल बनाता (self-replicate करता) है और फाइलों, प्रोग्रामों या पूरे सिस्टम को नुकसान पहुँचा सकता है। यह संक्रमित (infected) फाइल, USB ड्राइव, ईमेल-अटैचमेंट या असुरक्षित वेबसाइट के ज़रिए एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में फैलता है।
'वायरस' शब्द का प्रयोग अक्सर सामान्य रूप से सभी प्रकार के हानिकारक सॉफ्टवेयर (मैलवेयर) के लिए किया जाता है, पर तकनीकी रूप से मैलवेयर की कई अलग-अलग किस्में होती हैं, जिनकी काम करने की विधि अलग-अलग है।
मैलवेयर (Malware) के प्रकार
| प्रकार | पहचान |
|---|---|
| Virus | खुद की नकल बनाता है, फैलने के लिए किसी मेज़बान (host) फाइल की ज़रूरत पड़ती है |
| Worm | वायरस जैसा, पर बिना किसी मेज़बान फाइल के स्वयं नेटवर्क में फैल सकता है |
| Trojan Horse | किसी उपयोगी/असली प्रोग्राम जैसा दिखकर धोखे से इंस्टॉल होता है |
| Spyware | उपयोगकर्ता की गतिविधि (जैसे पासवर्ड) की जासूसी करता है |
| Ransomware | डेटा को लॉक/एन्क्रिप्ट कर देता है और उसे छोड़ने के बदले फिरौती (रुपये) माँगता है |
| Adware | बिना अनुमति के बार-बार विज्ञापन (ads) दिखाता है |
Trojan Horse और Virus में मुख्य अंतर यह है कि Trojan खुद की नकल नहीं बनाता, बल्कि धोखे से घुसता है — यह अंतर परीक्षा में पूछा जाता है।
एंटीवायरस और फायरवॉल
एंटीवायरस (Antivirus) सॉफ्टवेयर वह प्रोग्राम है जो कंप्यूटर को स्कैन करके वायरस व अन्य मैलवेयर को पहचानता और हटाता है — जैसे Windows Defender (Windows में पहले से मौजूद), Quick Heal, Norton, McAfee। एंटीवायरस को नियमित रूप से अपडेट रखना ज़रूरी है, क्योंकि रोज़ नए वायरस बनते रहते हैं।
फायरवॉल (Firewall) एक सुरक्षा-व्यवस्था है, जो कंप्यूटर और इंटरनेट के बीच एक दीवार की तरह काम करती है — यह तय करती है कि कौन-सा डेटा कंप्यूटर के अंदर आ सकता है और कौन-सा बाहर जा सकता है, ताकि अनधिकृत (unauthorized) पहुँच रोकी जा सके।
ऑनलाइन सुरक्षा की बुनियादी आदतें
अनजान ईमेल के अटैचमेंट या लिंक पर क्लिक न करें — यह फिशिंग (Phishing) का सबसे सामान्य तरीका है, जिसमें असली दिखने वाले नकली ईमेल/वेबसाइट के ज़रिए पासवर्ड या बैंक-जानकारी चुराई जाती है। मज़बूत पासवर्ड (अक्षर, अंक और विशेष चिह्न मिलाकर) रखें और उसे किसी के साथ साझा न करें। किसी भी सरकारी या बैंकिंग वेबसाइट पर जानकारी डालने से पहले पता बार में 'https' और ताले (lock) का चिह्न ज़रूर देखें।
अनजान USB ड्राइव को बिना जाँचे कंप्यूटर में न लगाएँ, सॉफ्टवेयर और एंटीवायरस को नियमित अपडेट रखें, और सार्वजनिक (पब्लिक) वाई-फाई पर बैंकिंग या भुगतान जैसी संवेदनशील गतिविधि से बचें।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
Virus बनाम Trojan याद रखने की ट्रिक: Virus खुद 'फैलता' है (नकल बनाकर), Trojan 'छिपकर' घुसता है (असली सॉफ्टवेयर का भेस बनाकर)। और https + ताला (lock) चिह्न = भरोसेमंद वेबसाइट की पहली पहचान।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कंप्यूटर वायरस किसे कहते हैं?+
कंप्यूटर वायरस एक हानिकारक प्रोग्राम है, जो बिना जानकारी के कंप्यूटर में घुसकर खुद की नकल बनाता है और फाइलों/सिस्टम को नुकसान पहुँचाता है।
Ransomware क्या करता है?+
Ransomware उपयोगकर्ता के डेटा को लॉक या एन्क्रिप्ट कर देता है और उसे वापस पाने के बदले फिरौती (रुपये) की माँग करता है।
फिशिंग (Phishing) क्या है?+
फिशिंग एक धोखाधड़ी की तकनीक है, जिसमें असली दिखने वाले नकली ईमेल या वेबसाइट के ज़रिए किसी का पासवर्ड या बैंक-जानकारी चुराई जाती है।
फायरवॉल का क्या काम है?+
फायरवॉल कंप्यूटर और इंटरनेट के बीच एक सुरक्षा-दीवार की तरह काम करता है, जो अनधिकृत डेटा को कंप्यूटर में आने या बाहर जाने से रोकता है।