राष्ट्रीय खेल पुरस्कार — मेजर ध्यानचंद खेल रत्न व अर्जुन अवॉर्ड
Patwari के GK-India सेक्शन में "खेल जगत की घटनाएं व उपलब्धियां" टैग के अंतर्गत भारत के दो सबसे बड़े खेल सम्मान — मेजर ध्यानचंद खेल रत्न व अर्जुन अवॉर्ड — की स्थापना, नाम परिवर्तन व नियम यहाँ दिए गए हैं।
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दो सबसे ऊंचे खेल सम्मान
अर्जुन अवॉर्ड भारत का सबसे पुराना खेल सम्मान है, जिसकी शुरुआत 1961 में हुई थी — यह किसी खिलाड़ी को लगातार चार वर्षों तक उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। इससे ऊंचा सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न था, जिसकी शुरुआत 1991-92 में हुई थी।
6 अगस्त 2021 को भारत सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर "मेजर ध्यानचंद खेल रत्न" कर दिया — यह नाम हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद (जिन्होंने अपने 20 साल के करियर में 1000 से अधिक गोल किए) को सम्मान देने के लिए रखा गया।
दो प्रमुख खेल पुरस्कार
| पुरस्कार | स्थापना | पुरस्कार राशि | मुख्य शर्त |
|---|---|---|---|
| मेजर ध्यानचंद खेल रत्न | 1991-92 (नाम बदला: 6 अगस्त 2021) | ₹25 लाख | पिछले 4 वर्षों में ओलंपिक/एशियन/कॉमनवेल्थ गेम्स स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन |
| अर्जुन अवॉर्ड | 1961 | ₹15 लाख (2020 से) | पिछले 4 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन, नेतृत्व व अनुशासन |
खेल रत्न सामान्यतः एक वर्ष में एक ही खिलाड़ी को मिलता है, पर कुछ वर्षों में एक से अधिक खिलाड़ियों को भी दिया गया है।
नाम बदलने का कारण याद रखें
"राजीव गांधी खेल रत्न" से "मेजर ध्यानचंद खेल रत्न" — यह नाम-परिवर्तन 6 अगस्त 2021 को हुआ, और मेजर ध्यानचंद का यही जन्मदिन (29 अगस्त) है जिस दिन भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस भी मनाया जाता है — ध्यान रहे कि नाम-परिवर्तन की तिथि (6 अगस्त) और राष्ट्रीय खेल दिवस की तिथि (29 अगस्त) अलग-अलग हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
खेल रत्न पुरस्कार का नाम कब बदला गया?+
6 अगस्त 2021 को "राजीव गांधी खेल रत्न" से "मेजर ध्यानचंद खेल रत्न" कर दिया गया।
अर्जुन अवॉर्ड की शुरुआत कब हुई?+
1961 में — यह भारत का सबसे पुराना खेल सम्मान है।
राष्ट्रीय खेल दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?+
29 अगस्त को, मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में।