भारतीय संसद की संरचना — लोकसभा व राज्यसभा
Patwari के GK-India सेक्शन में "राजनीतिक घटनाक्रम" के अंतर्गत संसद की बुनियादी संरचना — सीटें, कार्यकाल व सत्र — बार-बार पूछी जाती है, यहाँ एक जगह दी गई है।
- GK-India · राजनीतिक घटनाक्रम
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द्विसदनीय व्यवस्था
भारतीय संसद द्विसदनीय (bicameral) है — लोकसभा (निचला सदन, Lower House) व राज्यसभा (उच्च सदन, Upper House)। लोकसभा के सभी सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि राज्यसभा के ज़्यादातर सदस्य राज्य विधानसभाओं द्वारा चुने जाते हैं।
जनवरी 2020 में 104वें संविधान संशोधन के ज़रिए एंग्लो-इंडियन समुदाय के लिए लोकसभा में मनोनयन (nomination) की व्यवस्था समाप्त कर दी गई — अब लोकसभा के सभी सदस्य निर्वाचित (elected) हैं, कोई मनोनीत सदस्य नहीं है।
लोकसभा बनाम राज्यसभा
लोकसभा
वर्तमान सदस्य संख्या543 (सभी निर्वाचित)
अधिकतम संवैधानिक सीमा550
कार्यकाल5 वर्ष (या राष्ट्रपति द्वारा समय से पहले भंग)
अध्यक्षलोकसभा अध्यक्ष (Speaker) — सदस्यों द्वारा चुना जाता है
मनोनयन2020 से कोई मनोनीत सदस्य नहीं (पहले 2 एंग्लो-इंडियन सदस्य होते थे)
राज्यसभा
वर्तमान सदस्य संख्या245 (233 निर्वाचित + 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत)
अधिकतम संवैधानिक सीमा250
कार्यकालस्थायी सदन — कभी भंग नहीं होता; हर 2 वर्ष में 1/3 सदस्य रिटायर होते हैं
अध्यक्षभारत के उपराष्ट्रपति (पदेन सभापति)
मनोनयन12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला व समाज सेवा में योगदान के आधार पर मनोनीत
विधेयक (Bill) के प्रकार
- धन विधेयक (Money Bill)
- केवल लोकसभा में पेश हो सकता है (अनुच्छेद 110)
- सामान्य विधेयक (Ordinary Bill)
- किसी भी सदन में पेश हो सकता है
- संविधान संशोधन विधेयक
- किसी भी सदन में पेश हो सकता है, पर विशेष बहुमत (2/3) ज़रूरी
याद रखें
धन विधेयक (Money Bill) सिर्फ लोकसभा में पेश किया जा सकता है, और राज्यसभा इसे अधिकतम 14 दिन तक रोक सकती है, पर अस्वीकार नहीं कर सकती — यह लोकसभा की वित्तीय मामलों में प्रधानता दिखाता है। यह अंतर परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लोकसभा की वर्तमान सदस्य संख्या कितनी है?+
543, और सभी निर्वाचित हैं — 2020 से एंग्लो-इंडियन मनोनयन की व्यवस्था समाप्त हो गई है।
राज्यसभा का पदेन सभापति कौन होता है?+
भारत के उपराष्ट्रपति — वे राज्यसभा की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं, पर इसके लिए उन्हें राज्यसभा का सदस्य होना ज़रूरी नहीं।
धन विधेयक सिर्फ किस सदन में पेश हो सकता है?+
लोकसभा में — अनुच्छेद 110 के अनुसार; राज्यसभा इसे सिर्फ 14 दिन तक रोक सकती है।