7 फरवरी 2026 · 7 February 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
दल-बदल विरोधी कानून
Anti-Defection Law
दल-बदल विरोधी कानून (anti-defection law) चर्चा में रहा। यह संविधान की दसवीं अनुसूची में है, जिसे 52वें संशोधन (1985) द्वारा जोड़ा गया, ताकि राजनीतिक दल-बदल ('आया राम गया राम') पर रोक लगे। किसी सदस्य को अयोग्य ठहराया जा सकता है यदि वह स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता छोड़े या पार्टी व्हिप के विरुद्ध मतदान करे। अपवाद — किसी दल का दो-तिहाई सदस्यों के साथ विलय। अयोग्यता का निर्णय पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष/सभापति) करता है (किहोतो होलोहन वाद, 1992 — न्यायिक समीक्षा के अधीन)। आलोचना — निर्णय में देरी व पीठासीन अधिकारी की निष्पक्षता। यह दलीय अनुशासन बनाम सदस्य की स्वतंत्रता के संतुलन से जुड़ा है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert