27 अप्रैल 2026 · 27 April 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
दल-बदल विरोधी कानून व विलय खंड की संवैधानिक वैधता
Anti-defection law and merger clause validity
दल-बदल विरोधी कानून व 'विलय खंड' (merger clause) की वैधता पर चर्चा हुई। दल-बदल विरोधी कानून संविधान की दसवीं अनुसूची में है, जिसे 52वें संविधान संशोधन (1985) द्वारा जोड़ा गया, ताकि निर्वाचित सदस्यों के दल-बदल पर रोक लगे। यदि कोई सदस्य अपनी पार्टी छोड़े या व्हिप का उल्लंघन करे तो उसे अयोग्य ठहराया जा सकता है। विलय खंड के अनुसार, यदि किसी दल के दो-तिहाई सदस्य किसी अन्य दल में विलय हेतु सहमत हों तो अयोग्यता लागू नहीं होती। अयोग्यता का निर्णय पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष/सभापति) करता है, जिसकी निष्पक्षता पर बहस होती रही है (किहोतो होलोहन वाद)।
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