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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को देवी वाग्देवी का मंदिर माना

18 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

15 मई 2026: MP हाईकोर्ट ने भोजशाला (धार) को वाग्देवी मंदिर माना; ASI की 2003 की नमाज़ व्यवस्था रद्द।

क्या हुआ

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने 15 मई 2026 को फैसला दिया कि धार स्थित भोजशाला परिसर का धार्मिक स्वरूप देवी वाग्देवी (सरस्वती) के मंदिर का है। अदालत ने ASI का 7 अप्रैल 2003 का आदेश रद्द कर दिया, जिसके तहत हिंदू मंगलवार को पूजा और मुस्लिम शुक्रवार को नमाज़ करते थे। अदालत ने केंद्र और ASI को स्थल का प्रबंधन करने का निर्देश दिया और मस्जिद के लिए अलग भूमि का सुझाव दिया। अगले दिन ASI ने हिंदुओं को पूजा के लिए बिना रोक-टोक प्रवेश की अनुमति दी।

मुख्य तथ्य

  1. 1फैसला: 15 मई 2026, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ
  2. 2खंडपीठ: जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी
  3. 3ASI का 7 अप्रैल 2003 का आदेश (मंगलवार पूजा, शुक्रवार नमाज़) रद्द
  4. 4फैसले के अगले दिन ASI ने हिंदुओं को पूजा हेतु असीमित प्रवेश दिया

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

प्रारंभिक परीक्षा में भोजशाला किस जिले में है, किस देवी से जुड़ी है या अदालत ने ASI का कौन-सा आदेश रद्द किया, यह पूछा जा सकता है।

स्थायी GK: भोजशाला परमार राजा भोज से जुड़ी है और इसे संस्कृत शिक्षा के केंद्र तथा वाग्देवी मंदिर के रूप में वर्णित किया गया है। अप्रैल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने परिसर के ASI वैज्ञानिक सर्वेक्षण पर रोक लगाने से इनकार किया था।

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