18 मई 2026 · 18 May 2026
भोजशाला मंदिर विवाद — MP हाई कोर्ट का निर्णय
Bhojshala temple dispute — MP High Court ruling
भोजशाला (धार) — राजा भोज (परमार); पूजा स्थल अधिनियम 1991 अपवाद।
मुख्य तथ्य
- •भोजशाला विवाद — MP उच्च न्यायालय का निर्णय।
- •धार (MP); सरस्वती मंदिर/कमाल मौला मस्जिद।
- •पूजा/नमाज़ के अधिकार का विवाद।
- •ASI संरक्षित स्मारक (AMASR अधिनियम 1958)।
- •पूजा स्थल अधिनियम 1991; धार्मिक सद्भाव।
भोजशाला (Bhojshala) मंदिर/स्मारक विवाद पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णय की चर्चा हुई। भोजशाला धार (मध्य प्रदेश) में स्थित एक ऐतिहासिक स्मारक है, जिसे हिंदू देवी सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर तथा मुस्लिम पक्ष द्वारा कमाल मौला मस्जिद माना जाता है — इस स्थल पर पूजा/नमाज़ के अधिकार को लेकर विवाद है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इसे एक संरक्षित स्मारक के रूप में प्रबंधित करता है। न्यायालय व ASI सर्वेक्षण से जुड़े आदेश ऐसे धार्मिक-ऐतिहासिक विवादों में महत्वपूर्ण हैं। यह पूजा स्थल अधिनियम 1991, धार्मिक सद्भाव, संवैधानिक मूल्य व सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। ASI 1958 अधिनियम के तहत स्मारकों का संरक्षण करता है। यह कला-संस्कृति व विधि से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
पूजा स्थल अधिनियम, AMASR अधिनियम व मध्यकालीन इतिहास परीक्षा में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
भोजशाला — धार (MP); सरस्वती मंदिर/कमाल मौला मस्जिद विवाद। ASI संरक्षित स्मारक (AMASR अधिनियम 1958)। पूजा स्थल अधिनियम 1991।
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