BRICS उप विदेश मंत्री व विशेष दूत बैठक
27 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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सहमति न बनने पर भारत (अध्यक्ष) ने 'अध्यक्ष का वक्तव्य' जारी किया; BRICS+ अब 10 सदस्य।
क्या हुआ
ब्रिक्स (BRICS) के उप-विदेश मंत्रियों व विशेष दूतों की बैठक की चर्चा हुई। ब्रिक्स (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, द. अफ्रीका; अब विस्तारित — मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE आदि) उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है जो वैश्विक शासन में बहुध्रुवीयता व 'ग्लोबल साउथ' की आवाज़ को बढ़ावा देता है। उप-विदेश मंत्री/विशेष दूत स्तर की बैठक प्रायः क्षेत्रीय मुद्दों (जैसे मध्य-पूर्व/MENA, संघर्ष, आतंकवाद), वैश्विक शासन सुधार व सहयोग पर समन्वय हेतु होती है। ब्रिक्स के पास नया विकास बैंक (NDB) भी है। भारत बहुपक्षीय कूटनीति व UNSC सुधार की वकालत करता है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध व बहुपक्षवाद से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1ब्रिक्स उप-विदेश मंत्रियों/विशेष दूतों की बैठक।
- 2ब्रिक्स — उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह; विस्तारित।
- 3क्षेत्रीय मुद्दे (MENA), वैश्विक शासन सुधार।
- 4बहुध्रुवीयता; 'ग्लोबल साउथ' की आवाज़।
- 5नया विकास बैंक (NDB); भारत — बहुपक्षवाद।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
BRICS, BRICS+ विस्तार व भारत की डी-हाइफनेशन नीति अंतरराष्ट्रीय में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: BRICS — ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, द. अफ्रीका; विस्तारित (मिस्र, ईरान, UAE आदि)। NDB। बहुध्रुवीयता; ग्लोबल साउथ। MENA।