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19 मई 2026 · 19 May 2026

CIC ने BCCI को RTI अधिनियम से छूट दी

CIC exempts BCCI from the RTI Act

CIC — BCCI 'लोक प्राधिकरण' नहीं (RTI धारा 2(h))।

मुख्य तथ्य

  • CIC ने BCCI को RTI अधिनियम से छूट दी।
  • RTI 2005 — 'सार्वजनिक प्राधिकरण' से सूचना का अधिकार।
  • BCCI — 'सार्वजनिक प्राधिकरण' है या नहीं, बहस।
  • CIC — RTI के तहत सर्वोच्च अपीलीय निकाय।
  • पारदर्शिता, जवाबदेही, खेल शासन।
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) द्वारा BCCI को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम से छूट देने की चर्चा हुई। RTI अधिनियम, 2005 नागरिकों को 'सार्वजनिक प्राधिकरणों' से सूचना माँगने का अधिकार देता है, जिससे पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़े। प्रश्न यह रहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) — जो भारत में क्रिकेट को नियंत्रित करता है व राष्ट्रीय टीम चुनता है — एक 'सार्वजनिक प्राधिकरण' है या नहीं (विधि आयोग व कुछ निर्णयों ने इसे सार्वजनिक कार्य करने वाला माना)। CIC RTI अधिनियम के तहत सर्वोच्च अपीलीय निकाय है। यह बहस सार्वजनिक जवाबदेही, पारदर्शिता व खेल शासन से जुड़ी है। CIC एक वैधानिक निकाय है। यह राजव्यवस्था व सुशासन से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

RTI अधिनियम, CIC व 'लोक प्राधिकरण' की परिभाषा राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

RTI अधिनियम 2005 — 'सार्वजनिक प्राधिकरण' से सूचना। CIC — सर्वोच्च अपीलीय निकाय (वैधानिक)। BCCI — सार्वजनिक प्राधिकरण बहस। पारदर्शिता।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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