कोयला गैसीकरण योजना
15 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
₹37,500 करोड़ योजना; लक्ष्य 2030 तक 100 MT कोयला गैसीकरण; सिनगैस (CO+H2)।
क्या हुआ
कोयला गैसीकरण (coal gasification) योजना की चर्चा हुई। कोयला गैसीकरण एक प्रक्रिया है जिसमें कोयले को (जलाने के बजाय) उच्च ताप/दाब पर ऑक्सीजन/भाप के साथ अभिक्रिया कराकर 'सिनगैस' (मुख्यतः हाइड्रोजन व कार्बन मोनोऑक्साइड) में बदला जाता है। इस सिनगैस से रसायन, उर्वरक (यूरिया), मेथनॉल, हाइड्रोजन व सिंथेटिक प्राकृतिक गैस बनाई जा सकती है। यह कोयले का स्वच्छ/मूल्य-वर्धित उपयोग है, जो आयातित प्राकृतिक गैस/रसायनों पर निर्भरता घटाता है (भारत के पास बड़े कोयला भंडार हैं)। सरकार इसे प्रोत्साहन देती है (2030 तक 100 मिलियन टन गैसीकरण लक्ष्य)। यह ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भरता व औद्योगिक नीति से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1कोयला गैसीकरण योजना।
- 2कोयले को 'सिनगैस' (H2 + CO) में बदलना।
- 3उत्पाद — उर्वरक, मेथनॉल, हाइड्रोजन, SNG।
- 4आयातित गैस/रसायनों पर निर्भरता घटाना।
- 52030 तक 100 मिलियन टन गैसीकरण लक्ष्य।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
कोयला गैसीकरण, सिनगैस व ऊर्जा सुरक्षा अर्थव्यवस्था/विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: कोयला गैसीकरण — कोयले से सिनगैस (H2 + CO)। उत्पाद — उर्वरक, मेथनॉल, हाइड्रोजन, SNG। 100 मिलियन टन (2030)। आयात निर्भरता कम।