18 मई 2026 · 18 May 2026विज्ञान
कोयला संयंत्रों को परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में बदलने की योजना
Plan to convert coal plants into nuclear power plants
SHANTI अधिनियम 2025 — परमाणु में निजी भागीदारी; लक्ष्य 100 GWe (2047)।
मुख्य तथ्य
- •कोयला संयंत्रों को परमाणु संयंत्रों में बदलने की योजना।
- •कोयला स्थलों पर छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR)।
- •मौजूदा अवसंरचना पुन: उपयोग; लागत/समय बचत।
- •न्यायसंगत संक्रमण; कम-कार्बन ऊर्जा।
- •नेट ज़ीरो 2070; DAE; BSMR।
कोयला बिजली संयंत्रों को परमाणु बिजली संयंत्रों में बदलने की योजना की चर्चा हुई। 'कोल-टू-न्यूक्लियर' अवधारणा में पुराने/सेवानिवृत्त होते कोयला संयंत्रों के स्थलों पर उनकी मौजूदा अवसंरचना (ग्रिड कनेक्शन, जल, परिवहन, कुशल जनशक्ति) का पुन: उपयोग कर परमाणु रिएक्टर (विशेषकर छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर/SMR) स्थापित किए जाते हैं। इससे लागत/समय बचता है, स्वच्छ (कम-कार्बन) ऊर्जा संक्रमण में मदद मिलती है व कोयला-निर्भर क्षेत्रों में 'न्यायसंगत संक्रमण' (रोज़गार) संभव होता है। भारत 2070 तक नेट ज़ीरो व परमाणु क्षमता विस्तार का लक्ष्य रखता है (DAE; भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर/BSMR)। यह ऊर्जा संक्रमण, जलवायु व परमाणु ऊर्जा से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
परमाणु ऊर्जा नीति, SHANTI अधिनियम व AERB विज्ञान/अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
कोल-टू-न्यूक्लियर — कोयला स्थलों पर परमाणु रिएक्टर (SMR)। अवसंरचना पुन: उपयोग; न्यायसंगत संक्रमण। नेट ज़ीरो 2070; DAE; BSMR।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert