डिपॉज़िट टोकन व परिसंपत्ति टोकनीकरण
14 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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डिपॉज़िट टोकन — बैंक जमा के डिजिटल प्रतिनिधित्व (अनुमति-प्राप्त ब्लॉकचेन पर); रियल-टाइम निपटान।
क्या हुआ
डिपॉज़िट टोकन व परिसंपत्ति टोकनीकरण (asset tokenisation) की चर्चा हुई। टोकनीकरण किसी वास्तविक/वित्तीय परिसंपत्ति (जैसे बैंक जमा, बॉन्ड, अचल संपत्ति, सोना) के अधिकारों को ब्लॉकचेन/डिजिटल लेजर पर एक डिजिटल 'टोकन' के रूप में प्रदर्शित करने की प्रक्रिया है। 'डिपॉज़िट टोकन' बैंक जमा का एक डिजिटल/टोकनयुक्त रूप है, जो तत्काल, प्रोग्रामेबल व कुशल लेन-देन/निपटान सक्षम बनाता है (CBDC/डिजिटल रुपये से संबंधित)। टोकनीकरण पारदर्शिता, तरलता, आंशिक स्वामित्व व वित्तीय समावेशन बढ़ा सकता है, पर इसमें नियामक, साइबर व स्थिरता चुनौतियाँ हैं। RBI इसका अन्वेषण कर रहा है (नियामक सैंडबॉक्स)। यह अर्थव्यवस्था, फिनटेक व डिजिटल वित्त से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1डिपॉज़िट टोकन व परिसंपत्ति टोकनीकरण।
- 2परिसंपत्ति अधिकारों को ब्लॉकचेन 'टोकन' में बदलना।
- 3डिपॉज़िट टोकन — बैंक जमा का डिजिटल रूप।
- 4तत्काल, प्रोग्रामेबल लेन-देन; CBDC से संबंधित।
- 5पारदर्शिता, तरलता; नियामक/साइबर चुनौतियाँ।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
डिपॉज़िट टोकन, टोकनीकरण व ब्लॉकचेन अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: टोकनीकरण — परिसंपत्ति अधिकारों को ब्लॉकचेन टोकन में बदलना। डिपॉज़िट टोकन; CBDC/डिजिटल रुपया। आंशिक स्वामित्व; तरलता। RBI सैंडबॉक्स।