24 अप्रैल 2026 · 24 April 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारतीय रुपये का अवमूल्यन
Depreciation of the Indian Rupee
अवमूल्यन — बाज़ार शक्तियों से मूल्य गिरना; devaluation — सरकार/केंद्रीय बैंक का जानबूझकर समायोजन।
मुख्य तथ्य
- •भारतीय रुपये का अवमूल्यन।
- •अवमूल्यन — बाज़ार-निर्धारित; devaluation — सरकार-निर्धारित।
- •कारण — तेल आयात, पूँजी बहिर्वाह, मज़बूत डॉलर।
- •प्रभाव — आयात महँगा, मुद्रास्फीति; निर्यात प्रतिस्पर्धी।
- •RBI का हस्तक्षेप; प्रबंधित अस्थायी प्रणाली।
भारतीय रुपये के अवमूल्यन (depreciation) की चर्चा हुई। अवमूल्यन का अर्थ है बाज़ार-निर्धारित विनिमय दर में रुपये का डॉलर के मुकाबले मूल्य गिरना (अवमूल्यन/depreciation सरकार-निर्धारित devaluation से भिन्न है)। कारण — उच्च आयात बिल (कच्चा तेल), विदेशी पूँजी का बहिर्वाह, मज़बूत डॉलर, व चालू खाता घाटा। प्रभाव — आयात (तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स) महँगा, मुद्रास्फीति बढ़ती है, पर निर्यात अधिक प्रतिस्पर्धी होते हैं। RBI विदेशी मुद्रा भंडार से हस्तक्षेप कर अत्यधिक उतार-चढ़ाव रोकता है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
अवमूल्यन बनाम devaluation, CAD व प्रबंधित फ्लोट अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
अवमूल्यन (depreciation) — बाज़ार-निर्धारित गिरावट; devaluation — सरकार-निर्धारित। प्रणाली — प्रबंधित अस्थायी। प्रभावक — तेल आयात, पूँजी प्रवाह, डॉलर सूचकांक।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert