युवा उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा हेतु भारत का डिजिटल नियामक परिदृश्य
31 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
DPDP अधिनियम 2023 — बच्चे (18 से कम) के डेटा हेतु सत्यापन योग्य अभिभावक सहमति अनिवार्य; ₹250 करोड़ तक जुर्माना।
क्या हुआ
युवा/बाल उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा हेतु भारत के डिजिटल नियामक ढाँचे की चर्चा हुई। बच्चे ऑनलाइन हानिकारक सामग्री, साइबर बुलिंग, लत व डेटा शोषण के प्रति संवेदनशील हैं। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023 नाबालिगों (18 वर्ष से कम) के डेटा प्रसंस्करण हेतु माता-पिता की सहमति अनिवार्य करता है व उन्हें लक्षित विज्ञापन/ट्रैकिंग पर रोक लगाता है। IT नियम 2021 भी मध्यस्थों पर दायित्व डालते हैं। उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, गोपनीयता व डिजिटल कल्याण व नवाचार के बीच संतुलन है।
मुख्य तथ्य
- 1युवा उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा हेतु डिजिटल नियमन।
- 2जोखिम — हानिकारक सामग्री, साइबर बुलिंग, लत।
- 3DPDP अधिनियम 2023 — नाबालिगों हेतु माता-पिता की सहमति।
- 4लक्षित विज्ञापन/ट्रैकिंग पर रोक।
- 5IT नियम 2021; डेटा संरक्षण बोर्ड।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
DPDP अधिनियम, IT नियम, POCSO व सुरक्षित बंदरगाह (सेफ हार्बर) राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: DPDP अधिनियम 2023 — नाबालिगों हेतु माता-पिता की सहमति। IT नियम 2021। आयु 18 से कम। डेटा संरक्षण बोर्ड।