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राष्ट्रीय · रक्षा

DRDO ने SFDR प्रौद्योगिकी का सफल प्रदर्शन किया

5 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

SFDR — सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट; मिसाइलों को अधिक रेंज व गति देने वाली वायु-श्वसन प्रणोदन प्रौद्योगिकी।

क्या हुआ

DRDO द्वारा 'SFDR' तकनीक के सफल प्रदर्शन की चर्चा हुई। SFDR (Solid Fuel Ducted Ramjet / ठोस-ईंधन डक्टेड रैमजेट) एक उन्नत प्रणोदन (propulsion) तकनीक है, जो मिसाइलों को अधिक दूरी, अधिक गति व बेहतर गतिशीलता प्रदान करती है। पारंपरिक रॉकेट-मोटर के विपरीत, रैमजेट वायुमंडल से ऑक्सीजन लेकर ईंधन जलाता है (इसलिए ऑक्सीडाइज़र ले जाने की ज़रूरत नहीं), जिससे मिसाइल हल्की होकर अधिक दूरी तय कर सकती है व 'थ्रॉटल' (गति-नियंत्रण) संभव होता है। यह विशेषकर हवा-से-हवा (air-to-air) मिसाइलों की क्षमता बढ़ाता है। यह भारत की स्वदेशी रक्षा-तकनीक, 'आत्मनिर्भर भारत' व सामरिक क्षमता को दर्शाता है। यह रक्षा व सैन्य प्रौद्योगिकी से जुड़ा है। यह रक्षा से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1DRDO ने SFDR तकनीक का सफल प्रदर्शन किया।
  2. 2SFDR — ठोस-ईंधन डक्टेड रैमजेट प्रणोदन।
  3. 3वायुमंडलीय ऑक्सीजन से जलना (ऑक्सीडाइज़र बिना)।
  4. 4अधिक दूरी, गति, गतिशीलता; हवा-से-हवा मिसाइल।
  5. 5स्वदेशी रक्षा-तकनीक; आत्मनिर्भर भारत।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

SFDR, रैमजेट व मिसाइल प्रणोदन रक्षा में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: SFDR — ठोस-ईंधन डक्टेड रैमजेट; उन्नत प्रणोदन। वायुमंडलीय ऑक्सीजन से जलना (ऑक्सीडाइज़र बिना); अधिक दूरी/गति। DRDO; हवा-से-हवा मिसाइल। आत्मनिर्भर भारत।

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