चुनाव याचिका
6 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
चुनाव याचिका — चुनाव परिणाम की वैधता को चुनौती देने का एकमात्र न्यायिक उपाय; अनुच्छेद 329(b)।
क्या हुआ
चुनाव याचिका (election petition) की चर्चा हुई। चुनाव याचिका एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी निर्वाचन के परिणाम या किसी उम्मीदवार के निर्वाचन को चुनौती दी जाती है (जैसे — भ्रष्ट आचरण, गलत मतगणना, नामांकन में अनियमितता के आधार पर)। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act) चुनाव याचिकाओं को नियंत्रित करता है। चुनाव याचिका संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में दायर की जाती है (परिणाम घोषणा के 45 दिनों के भीतर), और उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है। यह स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव, चुनावी न्यायिक समीक्षा व लोकतांत्रिक जवाबदेही सुनिश्चित करता है। यह राजव्यवस्था व चुनाव से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1चुनाव याचिका — निर्वाचन को कानूनी चुनौती।
- 2जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 द्वारा नियंत्रित।
- 3उच्च न्यायालय में दायर (परिणाम के 45 दिनों में)।
- 4अपील — सर्वोच्च न्यायालय में।
- 5स्वतंत्र-निष्पक्ष चुनाव; लोकतांत्रिक जवाबदेही।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
चुनाव याचिका, अनुच्छेद 329(b) व RPA 1951 राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: चुनाव याचिका — जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951। उच्च न्यायालय में (45 दिनों में); अपील सर्वोच्च न्यायालय। भ्रष्ट आचरण/अनियमितता।