25 जून 2026 · 25 June 2026विज्ञान⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
फर्जी यूके डिजाइन पेटेंट भारतीय शिक्षाविदों को बेचती फर्में, शोध साख को नुकसान
Firms Sell Fake UK Design Patents to Indian Academics, Undermining Research Credibility
जून 2026 में एक जांच में सामने आया कि फर्में तेजी से मिलने वाली, बिना जांच वाली यूके डिजाइन रजिस्ट्रेशन भारतीय शिक्षाविदों को बेच रही हैं, जो इन्हें अंतरराष्ट्रीय पेटेंट बताकर पेश करते हैं।
मुख्य तथ्य
- •फर्में यूके डिजाइन रजिस्ट्रेशन भारतीय शिक्षाविदों को बेचती हैं
- •ऐसे रजिस्ट्रेशन बिना नवीनता जांच के लगभग 11 दिनों में मिल जाते हैं
- •रैंकिंग और सीवी बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय पेटेंट बताकर पेश किया जाता है
- •इनके पीछे मौलिक शोध या कार्यशील प्रोटोटाइप नहीं होता
एक जांच में पाया गया कि फर्में यूके डिजाइन रजिस्ट्रेशन, जो बिना किसी नवीनता जांच के लगभग 11 दिनों में मिल जाती हैं, भारतीय शिक्षाविदों को बेच रही हैं। इन रजिस्ट्रेशनों को फिर अंतरराष्ट्रीय पेटेंट बताकर संस्थागत रैंकिंग और व्यक्तिगत सीवी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि इनके पीछे कोई मौलिक शोध या कार्यशील प्रोटोटाइप नहीं होता। यह प्रथा नवाचार की झूठी छवि बनाकर भारतीय शोध उत्पादन की साख को कमजोर करती है। यह इस बढ़ती चिंता को उजागर करता है कि आसानी से मिलने वाले बौद्धिक संपदा पंजीकरण को शैक्षणिक मूल्यांकन और रैंकिंग तंत्रों में हेरफेर के लिए कितनी आसानी से दुरुपयोग किया जा सकता है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
बौद्धिक संपदा अधिकार, शैक्षणिक अखंडता और अनुसंधान गुणवत्ता से जुड़ा यह विषय RAS प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के लिए प्रासंगिक है।
📚 संबंधित स्थायी GK
भारत में पेटेंट, पेटेंट अधिनियम 1970 के तहत नियंत्रक जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइन्स एंड ट्रेड मार्क्स (CGPDTM) द्वारा प्रदान और प्रशासित किए जाते हैं।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert