5 मई 2026 · 5 May 2026विज्ञान
हंतावायरस प्रकोप
Hantavirus outbreak
हंतावायरस — कृंतक-जनित ज़ूनोटिक; HPS (फुफ्फुसीय) व HFRS (रक्तस्रावी); कोई टीका/इलाज नहीं।
मुख्य तथ्य
- •हंतावायरस प्रकोप।
- •मुख्यतः कृन्तकों (चूहों) द्वारा फैलता है।
- •मल/मूत्र/एयरोसोल संपर्क से संक्रमण।
- •HPS (श्वसन)/HFRS; उच्च मृत्यु-दर।
- •ज़ूनोटिक रोग; 'वन हेल्थ'; कृन्तक-नियंत्रण।
हंतावायरस (Hantavirus) प्रकोप की चर्चा हुई। हंतावायरस वायरसों का एक समूह है जो मुख्यतः कृन्तकों (चूहों) द्वारा फैलता है — मनुष्य संक्रमित कृन्तकों के मल/मूत्र/लार के संपर्क में आने या एयरोसोल साँस में लेने से संक्रमित होते हैं (आमतौर पर मनुष्य-से-मनुष्य नहीं फैलता)। यह गंभीर श्वसन रोग (हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम/HPS) या रक्तस्रावी बुखार (HFRS) का कारण बन सकता है, जिसमें उच्च मृत्यु-दर होती है। यह एक ज़ूनोटिक रोग है, इसलिए 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण, कृन्तक-नियंत्रण व स्वच्छता रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे प्रकोप वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा व महामारी तैयारी को रेखांकित करते हैं। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
ज़ूनोटिक रोग, हंतावायरस व रोग संचरण विज्ञान/स्वास्थ्य में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
हंतावायरस — कृन्तक-जनित; मल/मूत्र/एयरोसोल से। HPS/HFRS; उच्च मृत्यु-दर। ज़ूनोटिक; वन हेल्थ। मनुष्य-से-मनुष्य नहीं।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert