13 मार्च 2026 · 13 March 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
हरीश राणा मामले में SC ने पहली निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी
SC allows 1st passive euthanasia in Harish Rana case
निष्क्रिय इच्छामृत्यु — जीवन-रक्षक उपचार रोकना; अनुच्छेद 21 (सम्मान से मरने का अधिकार)।
मुख्य तथ्य
- •हरीश राणा मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु।
- •निष्क्रिय — जीवन-रक्षक उपचार हटाना (वैध, सशर्त)।
- •सक्रिय इच्छामृत्यु — अवैध।
- •अरुणा शानबाग (2011); कॉमन कॉज़ (2018)।
- •सम्मानपूर्वक मरने का अधिकार (अनुच्छेद 21); लिविंग विल।
हरीश राणा मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु (passive euthanasia) की चर्चा हुई। निष्क्रिय इच्छामृत्यु का अर्थ है किसी असाध्य/स्थायी वनस्पति अवस्था (PVS) वाले रोगी का जीवन-रक्षक उपचार (वेंटिलेटर आदि) हटाकर स्वाभाविक मृत्यु होने देना (सक्रिय इच्छामृत्यु से भिन्न, जिसमें सक्रिय रूप से मृत्यु दी जाती है — यह अवैध है)। सर्वोच्च न्यायालय ने अरुणा शानबाग वाद (2011) में निष्क्रिय इच्छामृत्यु को सशर्त मान्यता दी, व कॉमन कॉज़ वाद (2018) में 'सम्मानपूर्वक मरने के अधिकार' (अनुच्छेद 21) तथा 'लिविंग विल' (अग्रिम चिकित्सा निर्देश) को मान्यता दी। यह गरिमा, स्वायत्तता व चिकित्सा नैतिकता से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
निष्क्रिय इच्छामृत्यु, लिविंग विल व अनुच्छेद 21 राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
निष्क्रिय इच्छामृत्यु — जीवन-रक्षक हटाना। अरुणा शानबाग (2011); कॉमन कॉज़ (2018) — मरने का अधिकार (अनुच्छेद 21), लिविंग विल।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert