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1 मई 2026 · 1 May 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

भारत में घृणा भाषण

Hate speech in India

कोई एकल कानूनी परिभाषा नहीं; 267वां विधि आयोग (2017); BNS 2023 घृणा भाषण को संबोधित करता है।

मुख्य तथ्य

  • भारत में घृणा भाषण पर बहस।
  • कोई एकल वैधानिक परिभाषा नहीं।
  • प्रावधान — BNS (पूर्व IPC 153A, 295A, 505)।
  • अनुच्छेद 19(1)(a) बनाम 19(2) संतुलन।
  • विधि आयोग व SC का मार्गदर्शन।
भारत में घृणा भाषण (hate speech) पर बहस चर्चा में रही। घृणा भाषण से तात्पर्य धर्म, जाति, नस्ल, लिंग आदि के आधार पर किसी समूह के विरुद्ध घृणा भड़काने वाली अभिव्यक्ति से है। भारत में 'घृणा भाषण' की कोई एकल वैधानिक परिभाषा नहीं है; इससे संबंधित प्रावधान भारतीय न्याय संहिता (BNS) [पूर्व IPC धारा 153A, 295A, 505], जनप्रतिनिधित्व अधिनियम व IT नियमों में बिखरे हैं। यह अनुच्छेद 19(1)(a) की वाक् स्वतंत्रता व 19(2) के उचित प्रतिबंधों के बीच संतुलन से जुड़ा है। विधि आयोग व सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर मार्गदर्शन दिया है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

घृणा भाषण, अनुच्छेद 19(2), बंधुत्व व शक्तियों का पृथक्करण राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

घृणा भाषण — कोई एकल परिभाषा नहीं; BNS (पूर्व IPC 153A, 295A, 505)। अनुच्छेद 19(1)(a)/19(2)। विधि आयोग 267वीं रिपोर्ट।

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