10 अप्रैल 2026 · 10 April 2026अर्थव्यवस्था
अरुणाचल प्रदेश में जलविद्युत परियोजनाएं
Hydropower projects in Arunachal Pradesh
कमला (1,720 MW, कमला नदी, NHPC) व कलाई-II (1,200 MW, लोहित नदी, THDC); 12% मुफ्त बिजली।
मुख्य तथ्य
- •अरुणाचल प्रदेश में जलविद्युत परियोजनाएँ।
- •भारत की सबसे बड़ी अप्रयुक्त जलविद्युत क्षमता।
- •ब्रह्मपुत्र व सहायक नदियाँ (सुबनसिरी, सियांग)।
- •रणनीतिक — चीन के यारलुंग सांगपो बांध के संदर्भ में।
- •पर्यावरण, भूकंपीय जोखिम, स्थानीय विरोध।
अरुणाचल प्रदेश में जलविद्युत परियोजनाओं की चर्चा हुई। अरुणाचल प्रदेश में भारत की सबसे बड़ी अप्रयुक्त जलविद्युत क्षमता है (ब्रह्मपुत्र व इसकी सहायक नदियों — सुबनसिरी, सियांग, दिबांग — की तीव्र ढाल व जल-प्रवाह के कारण)। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्वच्छ नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय विकास व रणनीतिक उपस्थिति (चीन द्वारा ऊपरी ब्रह्मपुत्र/यारलुंग सांगपो पर मेगा-बांध के संदर्भ में) है। हालाँकि ये पर्यावरणीय चिंताओं (जैव विविधता, नदी पारिस्थितिकी), भूकंपीय जोखिम (हिमालयी क्षेत्र), डाउनस्ट्रीम बाढ़ व जनजातीय/स्थानीय विरोध का सामना करती हैं। यह विकास बनाम पर्यावरण, ऊर्जा व जल-कूटनीति से जुड़ा है। यह अर्थव्यवस्था व ऊर्जा से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
जलविद्युत, ब्रह्मपुत्र बेसिन व पूर्वोत्तर विकास अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
अरुणाचल — सबसे बड़ी अप्रयुक्त जलविद्युत क्षमता। ब्रह्मपुत्र/सुबनसिरी/सियांग/दिबांग। चीन का यारलुंग सांगपो बांध। भूकंपीय जोखिम।
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